सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से वीडियो वायरल हो रही थी कि फोन से ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को बंद किया जा रहा है।
Photo Credit: Pexels/Keith Lobo
बैटरी रिक्शा इलेक्ट्रिक मोटर और रिचार्जेबल बैटरी से चलता है।
सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से वीडियो वायरल हो रही थी कि फोन से ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को बंद किया जा रहा है। अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गूगल एंड्रॉयड और एप्पल आईओएस को नोटिस जारी किए। इनमें उन्हें अपने ऐप स्टोर से 7 बैटरी मैनेजमेंट ऐप हटाने का निर्देश दिया गया है। इन ऐप्स का इस्तेमाल ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को रिमोट स्तर पर बंद करने के लिए किया जा रहा था।
इन ऐप्स में BAT-BMS, SMART BMS और LOSSIGY जैसे ऐप शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि कथित तौर पर इनका इस्तेमाल ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के जरिए बैटरी से चलने वाले वाहनों को बंद करने के लिए किया जा रहा था। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी ऐप बैटरी से चलने वाले वाहनों में रिमोट स्तर पर छेड़छाड़ करने में मदद करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
आपको बता दें कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ऐप को वोल्टेज, करंट, चार्जिंग स्टेटस और तापमान जैसे बैटरी पैरामीटर को मॉनिटर करने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, कम सिक्योरिटी वाले बैटरी सिस्टम में उसी इंटरफेस का इस्तेमाल कथित तौर पर पावर आउटपुट को कंट्रोल करने और बैटरी डिस्चार्ज को दूर से रोकने के लिए किया जा सकता है। कम कीमत वाले बैटरी पैक में यह जोखिम ज्यादा माना जाता है, क्योंकि उनमें बिना पासवर्ड प्रोटेक्शन या सही ऑथेंटिकेशन के ब्लूटूथ एक्सेस की सुविधा होती है।
इन घटनाओं ने ई-रिक्शा ड्राइवर्स को काफी परेशान कर दिया है। कई ड्राइवर किराए पर वाहन लेकर चलाते हैं और उन्हें रोज की कमाई से रिक्शे का किराया और घर दोनों चलाना होता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नजर आया था कि इलेक्ट्रिक वाहनों को रिमोटली बंद कर दिया गया, जिससे चालक फंस गए और कई घंटों तक वाहन नहीं चला पाए।
सरकार इस मामले पर बारीकी से नजर रख रही है और इसी तरह के अन्य ऐप्स की भी जांच की जा रही है। MeitY ने ऐप प्लेटफॉर्म्स से यह भी कहा है कि वे कनेक्टेड-डिवाइस ऐप्स के लिए ड्यू डिलिजेंस को और मजबूत करें, क्योंकि इनसे पब्लिक सिक्योरिटी पर असर पड़ सकता है। बैटरी मैनेजमेंट ऐप का मामला एक अलग तरह का खतरा है, जिसमें कनेक्टेड डिवाइस का गलत इस्तेमाल करके वाहनों में रुकावट पैदा करने और सार्वजनिक सुरक्षा व लोगों की आजीविका को प्रभावित करने की संभावना है।
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