भारत में मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल करने पर Google पर लगा 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना

CCI ने बताया कि उसने गूगल से एक निश्चित समयसीमा में अपने तौर तरीकों में बदलाव करने को भी कहा है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 20 अक्टूबर 2022 22:12 IST
ख़ास बातें
  • शिकायतें मिलने के बाद CCI ने इस मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था
  • कॉम्पिटिशन एक्ट का सेक्शन 4 मजबूत स्थिति के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है
  • हाल ही में Google की भारत में पॉलिसी हेड ने इस्तीफा दे दिया था

CCI ने गूगल को गलत कारोबारी तरीकों को बंद करने का निर्देश भी दिया है

ग्लोबल इंटरनेट सर्च कंपनी Google के भारत में एंड्रॉयड मोबाइल इकोसिस्टम में अपनी मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल करने पर कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने 1,337 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। CCI ने गूगल को गलत कारोबारी तरीकों को बंद करने का निर्देश दिया है। 

CCI ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि उसने गूगल से एक निश्चित समयसीमा में अपने तौर तरीकों में बदलाव करने को भी कहा है। देश में एंड्रॉयड-बेस्ड स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों से शिकायतें मिलने के बाद CCI ने इस मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था। एंड्रॉयड एक ओपन सोर्स मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स के ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) की ओर से इंस्टॉल किया जाता है। गलत कारोबारी तरीकों के आरोप दो एग्रीमेंट्स - मोबाइल एप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट और एंटी फ्रेगमेंटेशन एग्रीमेंट, जो Android OS के लिए OEM और गूगल के बीच किए जाते हैं। 

विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूरे Google Mobile Suite का प्री-इंस्टालेशन अनिवार्य करना और इसे अन-इंस्टॉल करने का विकल्प नहीं होना डिवाइस मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक अनुचित शर्त है और यह कॉम्पिटिशन कानून का उल्लंघन करती है। कॉम्पिटिशन एक्ट का सेक्शन 4 दबदबे वाली स्थिति के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। गूगल ने ऑनलाइन सर्च मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया है जिससे इस सेगमेंट के अन्य ऐप्स को मार्केट का एक्सेस नहीं मिल रहा। इसके साथ ही गूगल ने Android OS के लिए ऐप स्टोर मार्केट में अपने दबदबे का फायदा उठाकर ऑनलाइन सर्च में अपनी पोजिशन को सुरक्षित किया है।

हाल ही में Google की भारत में पॉलिसी हेड Archana Gulati ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कुछ महीने पहले ही यह पोस्ट संभाली थी। गूगल में Archana के पास पब्लिक पॉलिसी एग्जिक्यूटिव्स की टीम की अगुवाई करने की जिम्मेदारी थी। यह टीम देश में कंपनी के लिए रेगुलेटरी जरूरतों की निगरानी करती है। कई वर्षों तक केंद्र सरकार की कर्मचारी रही Archana पिछले वर्ष मार्च तक सरकारी थिंक टैंक, नीति आयोग में डिजिटल कम्युनिकेशंसक के लिए ज्वाइंट सेक्रेटरी थी। इससे पहले वह CCI में भी एक वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर दो वर्ष तक काम कर चुकी हैं। बड़ी टेक कंपनियों ने केंद्र सरकार के कई पूर्व अधिकारियों को हायर किया है। इससे उन्हें डेटा और प्राइवेसी रेगुलेशन के साथ ही कॉम्पिटिशन लॉ की शर्तों को पूरा करने में मदद मिलती है। हाल ही में Google को सरकार ने गैर कानूनी लेंडिंग ऐप्स का इस्तेमाल रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने के लिए कहा था। 
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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