अगर आपका फोन भी बहुत जल्दी हैंग होने लगता है या स्लो हो जाता है तो Google ने इसका समाधान कर दिया है।
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नया ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर एंड्रॉयड 17 एक कमाल के फीचर के साथ आता है जिसमें अब ऐप के द्वारा मैमोरी के इस्तेमाल पर एक लिमिट लगा दी गई है।
अगर आपका फोन भी बहुत जल्दी हैंग होने लगता है या स्लो हो जाता है तो Google ने इसका समाधान कर दिया है। नया ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर एंड्रॉयड 17 एक कमाल के फीचर के साथ आता है जिसमें अब ऐप के द्वारा मैमोरी के इस्तेमाल पर एक लिमिट लगा दी गई है। यानी अगर कोई ऐप ज्यादा मैमोरी की खपत कर रहा है तो उसे ऐसा नहीं करने दिया जाएगा। ज्यादा मैमोरी की खपत करने वाले ऐप के कारण फोन स्लो हो जाता है, या हैंग कर सकता है। इसलिए नया फीचर फोन की परफॉर्मेंस को स्थिर बनाए रखने के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है।
सिस्टम तय करेगा कौन सा ऐप कितनी मैमोरी लेगा
Google ने Android 17 में प्रति ऐप मैमोरी लिमिट का नया फीचर दे दिया है। एंड्रॉयड डेवलपर ब्लॉग के अनुसार, अब ऑपरेटिंग सिस्टम के पास यह कंट्रोल आ गया है कि कौन सा ऐप कितनी मैमोरी को इस्तेमाल करेगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि ज्यादा मैमोरी खाने वाले ऐप्स अब ऐसा नहीं कर पाएंगे, जिसकी वजह से पूरा फोन ही स्लो हो जाए। इस फीचर को सबसे पहले कंपनी ने Pixel स्मार्टफोन्स पर लॉन्च किया था। लेकिन अब इसे सभी एंड्रॉयड फोन्स पर रोलआउट किया जाएगा। फिर चाहे वह फोन 4GB रैम का हो, या 16GB रैम का।
एंड्रॉयड में कोई ऐप जब रैम को इस्तेमाल करना शुरू करता है तो अब सिस्टम इसमें दखलअंदाजी कर सकता है। यह ऐप डेटा को कम्प्रेस कर सकता है ताकि ऐप कम रैम खपत में भी चलता रहे। कुछ जगहों पर ऐसे में ऐप स्लो भी महसूस हो सकता है। अगर इसके बाद भी ऐप मैमोरी की अत्याधिक खपत को कम नहीं करता है तो एंड्रॉयड सिस्टम उसे पूरी तरह बंद (Shut Down) ही कर देगा।
4GB रैम वाले एंट्री लेवल डिवाइसेज को बड़ा फायदा
इस फीचर का सबसे अधिक लाभ कम रैम वाले स्मार्टफोन्स और डिवाइसेज को मिलेगा। उदाहरण के लिए 3GB, या 4GB रैम वाले स्मार्टफोन्स हैवी ऐप्स के दौरान बहुत जल्दी स्लो हो जाते हैं या अटकने लगते हैं। ऐसे में नया फीचर स्मार्टफोन को स्लो होने से रोकेगा। अपडेट ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में मैमोरी चिप के दामों में हर दिन बढ़ोत्तरी हो रही है। 4GB रैम वाले एंट्री लेवल स्मार्टफोन्स के लिए भी यूजर्स को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसे में ज्यादा पैसे देकर भी फोन स्लो चले तो जाहिर तौर पर यूजर्स को खलता है। लेकिन नया फीचर इस समस्या को कम करने में काफी मददगार साबित होगा।
बड़े ऐप स्लो होने का जोखिम
एक तरफ जहां कम रैम वाले डिवाइसेज को इसका भरपूर फायदा मिलेगा, बड़े ऐप्स को चलने में दिक्कत भी आ सकती है। कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिनको वास्तविक तौर पर ज्यादा रैम की ही जरूरत होती है। ऐसे में पर्याप्त रैम न मिलने पर ऐप स्लो हो सकते हैं। यहां पर ऐसे ऐप्स को ऑप्टिमाइज्ड करना जरूरी हो जाता है, अगर ऐसा नहीं किया गया तो ऐप्स शट-डाउन हो जाएंगे और काम करना मुश्किल हो जाएगा।
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