देश के 60 करोड़ लोगों पर मंडरा रही बड़ी मुसीबत, आज नहीं संभले तो साल 2100 तक आएगी ‘आफत’

Global Warming : इसका सबसे ज्‍यादा असर अफ्रीका और एशियाई देशों में होगा। अकेले भारत में करीब 60 करोड़ लोग जानलेवा गर्मी की चपेट में आएंगे।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 23 मई 2023 18:05 IST
ख़ास बातें
  • ग्‍लोबल वॉर्मिंग ने नहीं निपटा गया तो भारत होगा प्रभावित
  • देश के 60 करोड़ लोग सामना करेंगे भीषण गर्मी का
  • एक नए शोध में यह चेतावनी दी गई है

अध्‍ययन से पता चलता है कि गर्मी के कारण जिन देशों के लोग सबसे अधिक जोखिम का सामना करेंगे, उनमें भारत प्रमुख है।

Photo Credit: Pixabay

ग्‍लोबल वॉर्मिंग (Global Warming) के कारण हमारी धरती लगातार गर्म होती जा रही है। रिसर्चर्स ने चेतावनी दी है कि इस ‘मुसीबत' को अनदेखा किया जाता रहा, तो साल 2100 तक दुनिया की बड़ी आबादी को जानलेवा गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसका सबसे ज्‍यादा असर अफ्रीका और एशियाई देशों में होगा। अकेले भारत में करीब 60 करोड़ लोग जानलेवा गर्मी की चपेट में आएंगे। नाइजीरिया के 30 करोड़ लोग, इंडोनेशिया के 10 करोड़ और फ‍िलीपींस व पाकिस्‍तान के 8-8 करोड़ लोग जानलेवा गर्मी का सामना करेंगे।   

रिसर्चर्स का कहना है कि अगर ग्लोबल वॉर्मिंग को सीमित करने की मौजूदा पॉलिसीज जारी रहीं, तो इंसानी आबादी का पांचवां हिस्सा साल 2100 तक भीषण गर्मी की चपेट में होगा। यह स्‍टडी जर्नल नेचर सस्टेनेबिलिटी में पब्लिश हुई है। इस अध्‍ययन से पता चलता है कि गर्मी के कारण जिन देशों के लोग सबसे अधिक जोखिम का सामना करेंगे, उनमें भारत प्रमुख है।  

स्‍टडी में इस बात पर जोर दिया गया है कि ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए, ताकि तापमान में डेढ़ डिग्री से ज्‍यादा का उछाल ना आए। अगर इस लक्ष्‍य को पा लिया गया, तो भीषण गर्मी की चपेट में आने वाली आबादी 50 करोड़ तक कम हो जाएगी। 

न्‍यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सेटर यूनिवर्सिटी से जुड़े और रिसर्च रिपोर्ट के प्रमुख लेखक टिम लेंटन ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में तापमान के 1.2 डिग्री तक बढ़ने का असर दिखाई दे रहा है। हीटवेव, सूखा और जंगलों में आग की फ्रीक्‍वेंसी बढ़ गई है। उन्‍होंने कहा कि ग्‍लोबल वॉर्मिंग को अक्‍सर आर्थिक नफा-नुकसान पर तौला जाता है। हमारा अध्‍ययन इसकी मानवीय लागत पर बात करता है। 

उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में वॉर्मिंग का जो लेवल है, उसके हर 0.1 डिग्री बढ़ने पर 14 करोड़ लोग खतरनाक गर्मी की चपेट में आएंगे। नए निष्‍कर्षों में 29 डिग्री वार्षिक तापमान को खतरनाक गर्मी का स्‍तर माना गया है। इंसानी आबादी 13डिग्री और 27 डिग्री तापमान में सबसे ज्‍यादा बसी हुई है। खास बात है कि 40 साल पहले तक दुनिया में सिर्फ 1.2 करोड़ लोग ही भयानक गर्मी की चपेट में थे। आज यह संख्‍या 5 गुना तक बढ़ गई है। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Xiaomi ने नया स्मार्ट कैमरा C701 Pro किया 9x जूम के साथ लॉन्च, जानें फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi ने नया स्मार्ट कैमरा C701 Pro किया 9x जूम के साथ लॉन्च, जानें फीचर्स
  2. भारत में अगले सप्ताह नया प्रोडक्ट लॉन्च कर सकती है Tesla
  3. Oppo F33 Pro में मिलेगी 7,000mAh की बैटरी, Google Play Console पर हुई लिस्टिंग
  4. पॉपुलर ट्रैवल बुकिंग ऐप पर साइबर अटैक, WhatsApp पर टारगेट हो रहे हैं यूजर्स!
  5. VinFast की VF MPV 7 में मिलेगी 60.1 kWh की बैटरी, 15 अप्रैल को लॉन्च
  6. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकती है 5,000mAh की बैटरी
  7. 120 इंच स्क्रीन साइज से घर बनेगा मिनी थिएटर! Portronics Beem 570 प्रोजेक्टर भारत में लॉन्च
  8. Apple के फोल्डेबल स्मार्टफोन में क्रीज-फ्री डिस्प्ले के लिए हो सकता है स्पेशल एडहेसिव का इस्तेमाल
  9. 6000mAh से बड़ी बैटरी के साथ आ रहे हैं Redmi के 2 नए फोन, फुल स्पेसिफिकेशन्स कन्फर्म!
  10. Ai+ Nova 2 की सेल शुरू, 6000mAh बैटरी वाले बजट 5G फोन को यहां से खरीदें
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.