• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • चीन का जासूसी गुब्बारा अमेरिका के इंटरनेट का कर रहा था इस्तेमाल! रिपोर्ट में खुलासा

चीन का जासूसी गुब्बारा अमेरिका के इंटरनेट का कर रहा था इस्तेमाल! रिपोर्ट में खुलासा

चीन लगातार इस बात पर अड़ा हुआ है कि उसकी तरफ से आया वह गुब्बारा एक वेदर बलून था, जो मौसम की जानकारी इकट्ठा करने के लिए उड़ाया गया था।

चीन का जासूसी गुब्बारा अमेरिका के इंटरनेट का कर रहा था इस्तेमाल! रिपोर्ट में खुलासा

Photo Credit: istock

2023 की शुरुआत में चीन ने अमेरिका की ओर एक कथित जासूसी गुब्बारा भेजा था।

ख़ास बातें
  • बलून ने सभी जरूरी जानकारी अपने अंदर ही स्टोर कर ली थी।
  • चीन ने अमेरिकी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर का इस्तेमाल किया था।
  • 2023 की शुरुआत में चीन ने अमेरिका की ओर एक जासूसी गुब्बारा भेजा था।
विज्ञापन
2023 की शुरुआत में चीन ने अमेरिका की ओर एक जासूसी गुब्बारा, या स्पाई बलून भेजा था। अब एक अमेरिकी अधिकारी ने खुलासा करते हुए कहा है कि इस गुब्बारे के माध्यम से जानकारी लेने के लिए चीन ने अमेरिकी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर का इस्तेमाल किया था। जिसके माध्यम से इसने नेविगेशन और लोकेशन से संबंधित डेटा ट्रांस्फर किया। 

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, इसी कनेक्शन के माध्यम से अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने बलून की लोकेशन ट्रैक करने और महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में सफलता पाई। हालांकि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की पहचान यहां पर नहीं बताई गई है। लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि बलून जब अमेरिका के ऊपर से गुजर रहा था तो वह बीजिंग में कम्युनिकेशन स्थापित करने में सक्षम था। 

अधिकारियों ने कहा कि नेटवर्क कनेक्शन को इंटेलिजेंस डेटा वापस चीन में भेजने के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया। लेकिन बलून ने सभी जरूरी जानकारी अपने अंदर ही स्टोर कर ली, ताकि बाद में इसे खोलकर देखा जा सके। अमेरिका ने फरवरी में इस बलून को पकड़ कर इनेक्टिव कर दिया था। और इसमें स्टोर की गई जानकारी का विश्लेषण किया। वहीं, FBI और नेशनल इंटेलिजेंस ऑफिस ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सीएनएन ने वाशिंगटन में मौजूद चीन की एम्बेसी में भी इस बारे में प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की। 

वहीं, चीन लगातार इस बात पर अड़ा हुआ है कि उसकी तरफ से आया वह गुब्बारा एक वेदर बलून था, जो मौसम की जानकारी इकट्ठा करने के लिए उड़ाया गया था, लेकिन यह अपना रास्ता भटक गया था। लेकिन इससे पहले सीएनएन द्वारा दी गई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि यूएस इंटेलिजेंस ने इस बात का पता लगाया है कि बलून चीनी मिलिट्री के सर्विलांस प्रोग्राम का ही हिस्सा था। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Reno 16 जल्द होगा भारत में लॉन्च, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  2. Instagram यूजर्स सावधान! 20 हजार से ज्यादा अकाउंट हुए हैक, Meta ने मानी गलती
  3. OnePlus की भारत में अफोर्डेबल स्मार्टफोन्स की सीरीज लॉन्च करने की तैयारी
  4. आ गया E85 फ्यूल, अगर E20 वाहनों में डाला तो क्या होगा? आपके सभी सवालों के जवाब
  5. Honor X80 Pro Max में मिल सकती है 11,000mAh की पावरफुल बैटरी
  6. iOS 27 कैसे डाउनलोड करें? सपोर्टेड iPhones, फीचर्स और पूरी डिटेल यहां जानें
  7. Bitcoin को ETF में फंडिंग बढ़ने और Strategy के बड़े इनवेस्टमेंट से मिला सपोर्ट, प्राइस 63,000 डॉलर से ज्यादा
  8. Instagram लाया रीऑर्डर योर ग्रिड फीचर, अपनी प्रोफाइल में पोस्ट को कर पाएंगे इधर से उधर
  9. अमेरिका की बैन लिस्ट में आई चीन की सबसे बड़ी कार कंपनी BYD, 3 और नाम शामिल
  10. जेब में लेकर घूमिए मिनी AC! 18°C तक कूलिंग देगा यह डिवाइस, कीमत ₹2 हजार से कम
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »