धरती में तेजी धंस रहे हैं इस देश के आधे से ज्यादा शहर!

अन्य कारकों में शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

धरती में तेजी धंस रहे हैं इस देश के आधे से ज्यादा शहर!

Photo Credit: iStock/Stan Lihai

चीन के बड़े शहर जैसे बीजिंग, तियानजिन आदि भूमि में अंदर धंस रहे हैं।

ख़ास बातें
  • चीन के बड़े शहर इमारतों का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं।
  • इससे लाखों लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है।
  • 45% शहरी जमीन हर साल 3mm से भी ज्यादा तेजी से अंदर धंस रही है।
विज्ञापन
दुनिया में शहरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन एक देश के बड़े शहर तेजी से जमीन में धंसते जा रहे हैं। यह देश है चीन, जिसके आधे से ज्यादा बड़े शहर धरती में समाते जा रहे हैं। साइंस नाम जर्नल में हाल ही में एक स्टडी प्रकाशित की गई है जो कहती है चीन के बड़े शहर इमारतों का बोझ नहीं उठा पा रहे हैं। साथ ही जमीन में से पानी का तेजी से खाली होना भी एक कारण है, जिससे ये तेजी से जमीन में धंसते जा रहे हैं। इससे लाखों लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है। 

चीन के बड़े शहर जैसे बीजिंग, तियानजिन आदि भूमि में अंदर धंस रहे हैं। चीन की 45% शहरी जमीन हर साल 3mm से भी ज्यादा तेजी से अंदर धंस रही है। जबकि 16 प्रतिशत जमीन हर साल 10mm की दर से धंस रही है। रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों ने 2015 से 2022 के बीच 20 लाख से ज्यादा आबादी वाले हरेक चीनी शहर में भूमि के धंसने की दर को मापा। पाया गया कि 82 शहरों में कुछ शहर बहुत तेजी से धंस रहे हैं। 10 में से एक शहर 10mm प्रति वर्ष की दर से धंस रहा है। 

चीन का सबसे बड़ा शहर शंघाई पिछली सदी में अब तक 3 मीटर धंस चुका है। यह शहर इसके सबवे और हाइवे के आसपास हर साल 45mm तक धंस रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, धंसने की कई वजह हो सकती हैं। जिनमें से भूमिगत जल का निकाला जाना भी एक है। साथ इमारतों का वजन भी एक कारण हो सकता है। गगनचुंबी इमारतें तेजी से बन रही हैं। रोड सिस्टम को बढ़ाया जा रहा है। और इसके साथ ही भूमिगत जल का तेजी से दोहन किया जा रहा है। 

अन्य कारकों में शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि अगर दूरगामी समाधान को देखें तो चीन में शहरों को धंसने से बचाने के लिए इसके ग्राउंड वाटर के तेजी से खाली होने की प्रक्रिया को रोकना होगा। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यह नई स्टडी इस तरह की समस्या के लिए राष्ट्रीय जागरूकता की मांग करती है। सिर्फ चीन ही नहीं, चीन के बाहर भी इस तरह की समस्या के लिए किसी देश का जागरूक होना बहुत जरूरी है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

ये भी पढ़े: sinking cities, china cities sinking
हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO 15R सस्ती कीमत में देगा धांसू परफॉर्मेंस! Bluetooth SIG पर हुआ स्पॉट
  2. 110 फीट बड़े 3 एस्टरॉयड बढ़ रहे पृथ्वी की ओर
  3. LG ने दुनिया का सबसे हल्का, 17 इंच डिस्प्ले वाला लैपटॉप किया लॉन्च, जानें फीचर्स
  4. Apple का सस्ता लैपटॉप MacBook जल्द हो सकता है लॉन्च, iPhone की चिप से होगा लैस!
  5. MacBook Air पर लगी तोप की गोली! फिर भी चलती रही स्क्रीन
  6. Realme P4x 5G vs Samsung Galaxy A17 5G vs Vivo Y31 5G: जानें कौन सा है बेहतर?
  7. Wolf Moon 2026: पौष पूर्णिमा पर आसमान में दिखेगा 'वूल्फ मून' का खास नजारा, कब और कैसे देखें, जानें यहां
  8. Rs 9 हजार से भी ज्यादा सस्ता हो गया Motorola Edge 60 Pro, कंपनी ने दिया तगड़ा ऑफर
  9. Mobile बेचते वक्त ये 10 सावधानी नहीं बरती तो पड़ जाएंगे मुसीबत में...
  10. Top Smartphones Under 20K in 2026 : Realme से Samsung तक 20 हजार के बजट में ये हैं बेस्ट स्मार्टफोन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »