Google Chrome यूजर्स को सरकार की चेतावनी, मंडरा रहा हैकर्स का खतरा

भारत का साइबर सिक्योरिटी मॉनिटर डिपार्टमेंट CERT-In ने यूजर्स को चेतावनी देते हुए बताया कि Google Chrome ब्राउजर में दो खामियां देखी गई हैं।

Google Chrome यूजर्स को सरकार की चेतावनी, मंडरा रहा हैकर्स का खतरा

Photo Credit: Unsplash/Towfiqu barbhuiya

Google Chrome पर साइबर क्राइम का खतरा है।

ख़ास बातें
  • Google Chrome एक बड़ी खामी CIVN-2025-0099 का सामना कर रहा है।
  • Google Chrome (CIVN-2025-0099) में कई खामियां मौजूद हैं।
  • Mac, PC और लैपटॉप प्लेटफॉर्म पर Chrome यूजर्स को सावधान किया गया है।
विज्ञापन
भारत का साइबर सिक्योरिटी मॉनिटर डिपार्टमेंट CERT-In ने यूजर्स को चेतावनी देते हुए बताया कि Google Chrome ब्राउजर में दो खामियां देखी गई हैं। हैकर्स जिनका फायदा उठाकर यूजर्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मुख्य तौर पर Mac, PC और लैपटॉप प्लेटफॉर्म पर Chrome यूजर्स को सावधान किया गया है, इसमें स्मार्टफोन यूजर्स को उतना खतरा नहीं है। इन खामियों के चलते हैकर्स यूजर्स के डाटा और डिवाइस पर अधिकार पा सकते हैं। इससे ब्राउजर के लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने के महत्व का पता चला है। CERT-In ने यूजर्स से इन खतरों को कम करने के लिए तुरंत जरूरी सिक्योरिटी पैच लागू करने और अपने क्रॉम ब्राउजर को अपडेट करने के लिए कहा है।


Google Chrome पर कैसा है खतरा


CERT-In की वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान में Google Chrome एक बड़ी खामी CIVN-2025-0099 का सामना कर रहा है। मॉनिटर करने वाली संस्था ने यह भी साफ किया है कि विंडोज और Mac के लिए 136.0.7103.113/.114 से पहले के क्रॉम वर्जन और Linux के लिए 136.0.7103.113 से पहले के वर्जन पर खतरा है।

CERT-In के अनुसार, Google Chrome (CIVN-2025-0099) में कई खामियां मौजूद हैं। CERT-In ने सावधान किया है कि अगर इन खामियों को फायदा उठाया गया तो निजी डाटा एक्सपोजर या सिस्टम स्टेबिलिटी हो सकती है। एजेंसी ने बताया कि ये खामियां ब्राउजर के लोडर कंपोनेंट में अनुचित पॉलिसी एनफोर्समेंट और Mojo में अनुचित मैनेजमेंट से पैदा होती हैं, जो Chrome में इंटर प्रोसेस कम्युनिकेशन को हैंडल करता है।

CERT-In की चेतावनी में कहा गया है कि "लोडर में अपर्याप्त पॉलिसी एनफोर्समेंट और मोजो में अज्ञात कंडीशन में गलत हैंडल प्रदान किए जाने के चलते Google Chrome में कई खामियां मौजूद हैं। एक रिमोट अटैकर किसी यूजर को स्पेशल तैयार किए गए वेब पेज पर जाने के लिए तैयार करके इन खामियों का फायदा उठा सकता है। इन खामियों का फायदा उठाकर एक रिमोट अटैकर को टार्गेट सिस्टम पर खुद का लगाने की अनुमति मिलती है।"

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Chrome, Google Chrome, Windows, Mac, Cyber Attack, Cyber Crime
साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Royal Enfield ने शुरू की Flying Flea C6 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की डिलीवरी, जानें प्राइस, रेंज
  2. Lenovo ने नया लैपटॉप 16GB रैम, 13.3 इंच डिस्प्ले के साथ किया लॉन्च, जानें कीमत
  3. OnePlus N6 लॉन्च डेट हुई कंफर्म, 6GB रैम, 8000mAh बैटरी के साथ 30 जून को देगा दस्तक
  4. OTT Releases This Week: 'दृश्यम 3', 'ठुकरा के मेरा प्यार-2', 'आलिया बसु गायब है' जैसी फिल्में देखें यहां
  5. Ginny Wedss Sunny 2 OTT Release: गिन्नी वेड्स सनी OTT पर हुई रिलीज, कॉमेडी-ड्रामा फिल्म का यहां लें मजा
  6. Nothing भारत में पहली बार लॉन्च करने जा रही (b) सीरीज का डिवाइस, टीजर जारी
  7. Apple, Samsung वाला फीचर अब OnePlus फोन में भी मिलेगा! शुरू हुआ रोलआउट
  8. 7 हजार सस्ता मिल रहा Google का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, यहां आया तगड़ा डिस्काउंट ऑफर
  9. क्रिप्टो फर्मों पर ED के छापे, 2,500 करोड़ रुपये के गैर कानूनी मनी ट्रांसफर का है आरोप
  10. Samsung Galaxy A27 5G में हो सकती है 5,000mAh की बैटरी, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »