Windows के बाद अब Mac यूजर्स पर फिशिंग अटैक! ऐसे फंसाया जा रहा है जाल में

LayerX Labs का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों या महीनों में, यह हमला नए सिक्योरिटी सॉल्यूशन को समझकर फिर से उभर सकता है

Windows के बाद अब Mac यूजर्स पर फिशिंग अटैक! ऐसे फंसाया जा रहा है जाल में
ख़ास बातें
  • पहले हैकर्स समान अटैक्स Windows यूजर्स पर किया करते थे
  • Microsoft, Chrome और Firefox द्वारा नए सिक्योरिटी फीचर्स जारी किए गए
  • इसके बाद अब हैकर्स अधिक तैयारी के साथ Mac यूजर्स को टार्गेट कर रहे हैं
विज्ञापन
एक साइबर सुरक्षा फर्म ने हाल ही में Mac यूजर्स को टार्गेट करने वाले एक नए फिशिंग कैंपेन का खुलासा किया है। इस कैंपेन में हमलावर नकली सिक्योरिटी वॉर्निंग्स के जरिए यूजर्स की आइडेंटिटी चुराने की कोशिश कर रहे हैं। पहले यह कैंपेन Windows यूजर्स को निशाना बना रहा था, लेकिन नए सिक्योरिटी फीचर्स के कारण अब इसका फोकस Mac यूजर्स पर है।

LayerX Labs ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शुरुआत में, यह फिशिंग अटैक समझौता की गई वेबसाइटों पर नकली सिक्योरिटी अलर्ट्स दिखाता था, जिसमें दावा किया जाता था कि यूजर का कंप्यूटर 'कॉम्प्रोमाइज' और 'लॉक' हो गया है। अटैकर्स यूजर्स को उनके Windows यूजनेम और पासवर्ड दर्ज करने के लिए कहते थे, जबकि गलत कोड वेबपेज को फ्रीज कर देता था, जिससे कंप्यूटर लॉक होने का भ्रम होता था। ये फिशिंग पेज Microsoft के Windows.net प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए गए थे, जिससे ये वैध लगते थे और पारंपरिक सिक्योरिटी सॉल्यूशन से बच निकलते थे।​

हालांकि, रिपोर्ट बताती है कि Microsoft, Chrome और Firefox द्वारा नए सिक्योरिटी फीचर्स के रोलआउट के बाद इन अटैक में 90% की गिरावट देखी गई। इसके जवाब में, अटैकर्स ने Mac यूजर्स को टार्गेट करने के लिए अपने कैंपेन को फिर से अपग्रेड किया। फर्म का कहना है कि इस बार नए फिशिंग प्रयासों में, पेज लेआउट और मैसेज को Mac यूजर्स के लिए वैध दिखने के लिए री:डिजाइन किया गया और कोड को विशेष रूप से macOS और Safari यूजर्स को टार्गेट करने के लिए बदला गया। अटैकर्स ने Windows.net इन्फ्रास्ट्रक्चर का यूज जारी रखा, जिससे वैधता का भ्रम बना रहा।​

रिपोर्ट का कहना है कि पीड़ितों को समझौता किए गए डोमेन 'पार्किंग' पेज के जरिए फिशिंग पेज पर रिडायरेक्ट किया गया। उदाहरण के लिए, यदि यूजर ने किसी वेबसाइट का गलत URL डाला, तो उन्हें एक समझौता किए गए डोमेन पार्किंग पेज पर ले जाया गया, जो जल्दी से उन्हें फिशिंग पेज पर ले जाता था। एक स्पेशल केस में, एक macOS और Safari यूजर, जो LayerX के एक एंटरप्राइज ग्राहक के लिए काम कर रहा था, इस हमले का शिकार हुआ। हालांकि फर्म ने एक सिक्योर वेब गेटवे (SWG) का यूज किया था, जिससे वह अटैक से बच निकला। हालांकि, LayerX के AI-बेस्ड आइडेंटिफिकेशन सिस्टम ने वेब पेज को एनेलाइज करके अटैक को पहचान लिया और किसी भी नुकसान से पहले इसे रोक दिया।​

LayerX Labs का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों या महीनों में, यह हमला नए सिक्योरिटी सॉल्यूशन को समझकर फिर से उभर सकता है, जो यह इशारा देता है कि तेजी से एडवांस हो रहे हैकर्स से पूरी तरह से बचने की लड़ाई का रास्ता काफी कठिन है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: LayerX Labs, Hacking, Hackers, Mac, Windows
नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon की ग्रेट फ्रीडम सेल में Sony, JBL और कई ब्रांड्स के साउंडबार पर 70 प्रतिशत तक डिस्काउंट
  2. Google के AI पर खुद DeepMind को नहीं भरोसा? नौकरी के लिए जारी किया खास अलर्ट
  3. Samsung Galaxy S26 FE में मिल सकती है 6.7 इंच AMOLED स्क्रीन, Exynos 2500 चिपसेट
  4. OnePlus Nord 6 खरीदने का बेस्ट मौका? यहां मिल रही है ₹11 हजार तक की छूट
  5. ऑनलाइन ऑर्डर ट्रैक करने के लिए Google Wallet कैसे करें इस्तेमाल
  6. AI को Gym की क्लास बुक करने को कहा, उसने वेबसाइट हैक कर वेटिंग लिस्ट ही बदल डाली!
  7. Xiaomi 18 में मिल सकती है 7,200mAh बैटरी, 5 कलर्स के ऑप्शन
  8. Acer ने भारत में Nitro, Predator और Aspire लैपटॉप किए लॉन्च, जानें फीचर्स, कीमत ₹39,999 से शुरू
  9. क्रिप्टो मार्केट पर बढ़ा प्रेशर, बिटकॉइन का प्राइस 64,000 डॉलर से नीचे
  10. Hotel का Free WiFi अच्छा लगता है? चुटकी में हैकर्स के हाथ लग सकता है आपका पासवर्ड और प्राइवेट डेटा
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »