यूक्रेन पर हमले का असर : नेटफ्लिक्स ने रूस में अपने प्रोजेक्‍ट्स पर लगाई रोक

यूक्रेन पर हमला करने के बाद से रूस को फिल्म और TV उद्योग में बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।

यूक्रेन पर हमले का असर : नेटफ्लिक्स ने रूस में अपने प्रोजेक्‍ट्स पर लगाई रोक

इस हफ्ते की शुरुआत में नेटफ्लिक्स ने कहा था कि मौजूदा परिस्थितियों में उसकी रूसी सर्विस में किसी स्‍टेट-रन चैनल को शामिल करने की योजना नहीं है।

ख़ास बातें
  • चार रूसी भाषाओं की सीरीज का काम प्रोडक्‍शन स्‍टेज में था
  • रूसी सर्विस में किसी स्‍टेट-रन चैनल को शामिल करने से भी इनकार
  • नेटफ्लिक्स ने अक्टूबर 2020 में रूस में अपनी सर्विस शुरू की थी
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रूस और यूक्रेन के सबीच छिड़ी जंग का असर रूस की अर्थव्‍यवस्‍था पर दिखाई दे रहा है। तमाम कंपनियों ने रूस में अपने ऑपरेशंस को रोक दिया है। अब नेटफ्लिक्स (Netflix) ने भी रूस में भविष्‍य के अपने सभी प्रोजेक्‍ट्स और अधिग्रहणों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक, चार रूसी भाषाओं की सीरीज का काम प्रोडक्‍शन और पोस्‍ट-प्रोडक्‍शन स्‍टेज में था। इनमें डिटेक्टिव ड्रामा, जाटो भी शामिल है। यूक्रेन पर हमला करने के बाद से रूस को फिल्म और TV उद्योग में बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। कान्स फिल्म फेस्टिवल ने भी मंगलवार को एक बयान जारी करके कहा था कि जब तक यूक्रेन संघर्ष समाप्त नहीं हो जाता है, वह 2022 कान्‍स फेस्टिवल में रूस के ऑफ‍िशियल डेलिगेशन पर बैन लगाएगा।

इस हफ्ते की शुरुआत में नेटफ्लिक्स ने कहा था कि मौजूदा परिस्थितियों में उसकी रूसी सर्विस में किसी स्‍टेट-रन चैनल को शामिल करने की योजना नहीं है। कंपनी के प्रवक्‍ता ने अपने बयान में रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा था कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन चैनलों को अपनी सर्विस में जोड़ने की हमारी कोई योजना नहीं है।

नेटफ्लिक्स ने अक्टूबर 2020 में रूस में अपनी सर्विस शुरू की थी। नए नियमों के मुताबिक, एक लाख से ज्‍यादा सब्‍सक्राइबर्स वालीं ऑडियो-विजुअल सर्विस को उसके प्‍लेटफॉर्म पर 20 फ्री टू एयर न्‍यूज, स्‍पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट चैनल्‍स को डिस्‍ट्रीब्‍यूट करना होगा। नेटफ्लिक्स के प्रवक्ता ने इस पर फ‍िलहाल कोई टिप्‍पणी नहीं की है। यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि नेटफ्लिक्स के फैसले से यह सर्विस कैसे प्रभावित होगी।
 

विदेशों में बसे यूक्रेनी नागरिक भी कर रहे रूस से ‘मुकाबला'


रूस के खिलाफ जंग में जहां यूक्रेन की सरकार दुनियाभर के देशों से उसकी मदद की अपील कर रही है, वहीं विदेशों में रह रहे यूक्रेनी भी अपने स्‍तर पर कोशिशें कर रहे हैं। पश्चिम की बड़ी टेक कंपनियों में काम करने वाले यूक्रेनी नागरिक अपने देश की मदद के लिए एकजुट हो रहे हैं। वो रूसियों को उनकी सरकार के खिलाफ जाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं साथ ही मेडिकल सप्‍लाई को बढ़ाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं। इसके अलावा, इंटरनेट सिक्‍योरिटी कंपनी क्लाउडफ्लेयर, गूगल और एमेजॉन जैसी कंपनियों को भी रूस के हमले का मुकाबला करने के लिए और कोशिश करने को राजी कर रहे हैं। इसके लिए ई-मेल कैंपेन और ऑनलाइन पिटीशन का सहारा लिया जा रहा है। 
 
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