गेमिंग फर्म Winzo पर ED ने कसा शिकंजा, अटैच किए 470 करोड़ रुपये

इस मामले में Winzo प्रमोटर्स ने कथित तौर पर 3,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग की है। इसमें लगभग 1,200 करोड़ रुपये को अटैच किया गया है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 19 फरवरी 2026 23:45 IST
ख़ास बातें
  • Winzo के कस्टमर्स को रियल मनी गेम्स में बॉट्स के साथ खिलाया जाता था
  • अमेरिका और सिंगापुर में इस फर्म के बैंक डिपॉजिट को अटैच किया गया है
  • WHO ने गेमिंग की लत को एक प्रकार की बीमारी माना है

इस फर्म के कस्टमर्स को रियल मनी गेम्स में बॉट्स के साथ उनकी जानकारी के बिना खिलाया जाता था

देश में पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया था। इसके बाद ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग से जुड़ी बहुत सी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने बताया है कि उसने गेमिंग ऐप Winzo की कथित विदेशी शेल फर्मों के अमेरिका और सिंगापुर में बैंक एकाउंट्स में लगभग 5.6 करोड़ डॉलर (लगभग 470 करोड़ रुपये) के फंड को अटैच किया है। 

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले में प्रमोटर्स ने कथित तौर पर 3,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग की है। इसमें लगभग 1,200 करोड़ रुपये को अटैच किया गया है। Winzo के प्रमोटर्स में Paavan Nanda और Saumya Singh Rathore शामिल हैं। ED ने बताया, "जांच में पता चला है कि यह फर्म आपराधिक गतिविधियों और अनैतिक तरीकों में शामिल थी। इसके कस्टमर्स को रियल मनी गेम्स में बॉट, सॉफ्टवेयर और AI के साथ उनकी जानकारी के बिना खिलाया जाता था। Winzo ने कस्टमर्स के फर्म के पास वॉलेट्स से फंड के विड्रॉल को भी रोका या सीमित किया था।" 

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Winzo ने अपने ऐप पर वास्तविक प्लेयर्स और बॉट्स के बीच खेले गए मैचों से मिले 'रेक कमीशन' के तौर पर अपराध की रकम हासिल की थी। ED ने बताया, "BOTs के इस्तेमाल और फंड के विड्रॉल पर रोक लगाकर यूजर्स को अधिक मैच खेलने के लिए उकसाया जाता था।" इस तरीके से Winzo को पिछले कुछ वर्षों में अपराध से जुड़ी लगभग 3,522 करोड़ रुपये की रकम मिली थी। 

इस वर्ष की शुरुआत में केंद्र सरकार ने  242 गैर कानूनी गैंबलिंग और बेटिंग वेबसाइट्स को ब्लॉक किया था। इससे पहले गेमिंग की आड़ में सट्टे को चलाने वाली बहुत सी वेबसाइट्स को भी बंद किया गया था। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने भी गेमिंग की लत को एक प्रकार की बीमारी माना है। WHO ने बताया था कि इस लत से व्यक्ति का खुद पर नियंत्रण कमजोर होता है और वह जरूरी गतिविधियों को अनदेखा करता है। ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया था कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की सेलेब्रिटीज और इंफ्लुएंसर्स के जरिए आक्रामक तरीके से मार्केटिंग की गई थी। इससे ऑनलाइन गेमिंग की पहुंच और असर बढ़ा था। 
 

 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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