• होम
  • electric vehicle
  • ख़बरें
  • दुनिया की पहली इलेक्‍ट्र‍िक रोड बना रहा यह देश, सड़कों पर दौड़ते दौड़ते चार्ज होंगी गाड़‍ियां

दुनिया की पहली इलेक्‍ट्र‍िक रोड बना रहा यह देश, सड़कों पर दौड़ते-दौड़ते चार्ज होंगी गाड़‍ियां

EV : साल 2045 तक स्‍वीडन में करीब 3 हजार किलोमीटर की इलेक्ट्रिक सड़कों का निर्माण करने की तैयारी है।

दुनिया की पहली इलेक्‍ट्र‍िक रोड बना रहा यह देश, सड़कों पर दौड़ते-दौड़ते चार्ज होंगी गाड़‍ियां

Photo Credit: Unsplash

EV : स्‍वीडन अपने हाइवे को परमानेंट इलेक्‍ट्रिफाइड रोड में बदल रहा है। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला कदम है।

ख़ास बातें
  • यूरोपीय देश स्‍वीडन ने बढ़ाए कदम
  • दुनिया का पहला ई-मोटरवे बना रहा है
  • 2045 तक ऐसी 3 हजार km सड़कों का लक्ष्‍य
विज्ञापन
इलेक्ट्रिक वीकल (EV) का मार्केट रफ्तार पकड़ रहा है। भारत समेत विदेशों में इलेक्ट्रिक गाड़‍ियों की बिक्री और इस्‍तेमाल बढ़ा है। यूरोप के देश स्‍वीडन ने इस दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ाए हैं। वहां अपनी तरह का पहला ई-मोटरवे (e-motorway) बनाया जा रहा है। इसकी खूबी यह होगी कि सड़कों पर दौड़ते-दौड़ते गाड़‍ियां चार्ज होती रहेंगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2045 तक स्‍वीडन में करीब 3 हजार किलोमीटर की इलेक्ट्रिक सड़कों का निर्माण करने की तैयारी है।   

यूरोन्‍यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ ने पिछले महीने एक ऐत‍िहासिक कानून पारित किया है। इसके तहत साल 2035 से जो भी नई कारें बेची जाएंगी, उनका CO2 उत्सर्जन जीरो होना जरूरी है। यूरोप के तमाम देश इस दिशा में कदम आगे बढ़ा रहे हैं। 

स्‍वीडन अपने हाइवे को परमानेंट इलेक्‍ट्रिफाइड रोड में बदल रहा है। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला कदम है। इलेक्ट्रिक रोड की खूबी यह होगी कि ड्राइव करते समय कार-ट्रक समेत दूसरी गाड़‍ियों को चार्ज भी किया जा सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि छोटी बैटरी के साथ भी गाड़ी लंबी दूरी का सफर तय कर सकेंगी। चार्जिंग स्‍टेशनों पर भी इंतजार नहीं करना होगा। 

इलेक्‍ट्र‍िक सड़कों की दिशा में स्‍वीडन ने कई पायलट प्रोजेक्‍ट शुरू किए हैं। स्‍वीडिश ट्रांसपोर्ट एडमिनिस्‍ट्रेशन में स्‍ट्रैटिजिक डेवलपमेंट के डायरेक्‍टर जान पेटर्सन ने यूरोन्‍यूज से कहा कि ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर को डीकार्बोनाइज करने की दिशा में सड़कों का विद्युतीकरण बेहतर तरीका हो सकता है। 

फ‍िलहाल जिस मोटरवे को इलेक्‍ट्र‍िक बनाने की तैयारी है, वह देश के 3 प्रमुख शहरों- स्टॉकहोम, गोथेनबर्ग और माल्मो के बीच में स्थित हॉल्सबर्ग और ऑरेब्रो के बीच लॉजिस्टिक हब को जोड़ता है। यह प्रोजेक्‍ट अभी शुरुआती स्‍तर पर है और साल 2025 तक बनने की योजना है।

गाड़‍िया किस तरह से चार्ज होंगी, इसका तरीका अभी तय नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन तरह के चार्जिंग सिस्‍टम इस्‍तेमाल में लाए जा सकते हैं। स्‍वीडन अपनी कोशिश में कामयाब होता है, तो भ‍विष्‍य में कई और देश में इलेक्ट्रिक सड़कों की राह पर आगे बढ़ सकते हैं। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 18 Pro का इंतजार करना चाहिए या नहीं? यहां जानें अब तक सामने आईं सभी डिटेल्स
  2. हाइब्रिड फिटनेस एथलीट के लिए Amazfit Helio Strap Pro लॉन्च, जानें कैसे हैं फीचर्स
  3. महज 799 रुपये में Jio लाया 4G फोन, यूपीआई पेमेंट भी कर पाएंगे और फोटो भी क्लिक कर पाएंगे
  4. GTA 6 गेम के चक्कर में खाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट! फैल रहे हैं नकली इमेल
  5. IndiGo ने शुरू की कैब सर्विस, मात्र 49 रुपये में बुक कर पाएंगे राइड, एयरपोर्ट आना-जाना हुआ आसान
  6. 25 हजार रुपये सस्ता मिल रहा 200 मेगापिक्सल कैमरा वाला Samsung का फ्लैगशिप फोन, देखें डील
  7. Tecno Pova 8 vs Motorola Edge 70 Fusion vs Vivo Y400 5G: फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस में तुलना, जानें कौन है बेस्ट
  8. 48 घंटे चलने वाले ईयरफोन Ugreen HiTune S6 Pro हुए लॉन्च, जानें कीमत
  9. Lenovo Aurora GH15 गेमिंग हेडफोन लॉन्च हुए 1000mAh बैटरी, RGB लाइटिंग के साथ, जानें कीमत
  10. Poco C81 Pro लॉन्च हुआ ग्लोबल मार्केट्स में, 6000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले से लैस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »