Elon Musk की Tesla को लगा बड़ा झटका, ग्लोबल मार्केट में टॉप EV सेलर बनी चीन की BYD

बिलिनेयर Elon Musk की टेस्ला की पिछले वर्ष सेल्स लगभग नौ प्रतिशत घटकर लगभग 16.4 लाख यूनिट्स की रही है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जिसमें कंपनी की सेल्स में गिरावट हुई है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 7 जनवरी 2026 18:11 IST
ख़ास बातें
  • टेस्ला की पिछले वर्ष सेल्स लगभग नौ प्रतिशत घटकर 16.4 लाख यूनिट्स की है
  • यह लगातार दूसरा वर्ष है जिसमें कंपनी की सेल्स में गिरावट हुई है
  • पिछले कुछ वर्षों में चाइनीज EV मेकर्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है

बिलिनेयर Elon Musk की टेस्ला की पिछले वर्ष सेल्स लगभग नौ प्रतिशत घटकर लगभग 16.4 लाख यूनिट्स की है

बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल ( EV) कंपनियों में शामिल Tesla को चीन की BYD ने झटका दिया है। पिछले वर्ष टेस्ला को पीछे छोड़कर BYD ने ग्लोबल मार्केट में सबसे अधिक EV बेचने की उपलब्धि हासिल की है। पिछले कुछ वर्षों में चाइनीज EV मेकर्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है। इन कंपनियों से टेस्ला को कड़ी टक्कर मिल रही है। 

बिलिनेयर Elon Musk की टेस्ला की पिछले वर्ष सेल्स लगभग नौ प्रतिशत घटकर लगभग 16.4 लाख यूनिट्स की रही है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जिसमें कंपनी की सेल्स में गिरावट हुई है। इसकी तुलना में BYD की बैटरी से चलने वाले व्हीकल्स की सेल्स लगभग 28 प्रतिशत बढ़कर 22.5 लाख यूनिट्स से अधिक की है। पिछले वर्ष के अंतिम तीन महीनों में टेस्ला की सेल्स में 16 प्रतिशत की कमी हुई है। इसका बड़ा कारण अमेरिका में EV पर मिलने वाली 7,500 डॉलर तक की सब्सिडी का समाप्त होना है। अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड को लेकर विवाद के कारण टैरिफ में उतार-चढ़ाव से भी टेस्ला को प्राइसिंग से जुड़ी स्ट्रैटेजी बनाने में मुश्किल हो रही है। टैरिफ से जुड़े खतरे के मद्देनजर कंपनी ने नॉर्थ अमेरिका से कंपोनेंट्स की सोर्सिंग को बढ़ाया है। 

पिछले वर्ष की शुरुआत में अमेरिका में Donald Trump के प्रेसिडेंट के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद मस्क की उनके साथ दोस्ती की वजह से टेस्ला को फायदा मिलने की उम्मीद थी। ट्रंप की अगुवाई वाली नई सरकार में मस्क को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दी गई थी। हालांकि, बाद में ट्रंप और मस्क के बीच मतभेद हो गए थे। इसका असर टेस्ला की सेल्स पर भी पड़ा था। BYD के अलावा चीन की Geely और MG के EV के प्राइसेज कम होने से भी टेस्ला को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसका मुकाबला करने के लिए पिछले वर्ष अक्टूबर में टेस्ला ने अमेरिका में अपने कुछ मॉडल्स के कम प्राइस वाले वर्जन लॉन्च किए थे। हालांकि, इससे कंपनी को सेल्स बढ़ाने में सफलता नहीं मिली है। 

एनालिस्ट्स का कहना है कि इस वर्ष टेस्ला की रोबोटैक्सी और कंपनी के EVs में सेल्फ-ड्राइविंग फीचर का मिलना इसके परफॉर्मेंस के लिए महत्वपूर्ण होगा। पिछले वर्ष टेस्ला की चीन की शंघाई में गीगाफैक्टरी ने 40 लाख व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग की थी। इंटरनेशनल लेवल पर टेस्ला के EVs की डिलीवरी में इस फैक्टरी की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत की है। 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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