अफगानिस्तान में सट्टेबाजी रोकने के लिए तालिबान ने लगाया क्रिप्टो पर बैन

तालिबान सरकार ने क्रिप्टो से जुड़ी ट्रांजैक्शंस करने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। क्रिप्टोकरेंसीज के कारोबार वाली 20 से अधिक फर्मों को बंद किया गया है

अफगानिस्तान में सट्टेबाजी रोकने के लिए तालिबान ने लगाया क्रिप्टो पर बैन

पिछले वर्ष चीन ने क्रिप्टो सेगमेंट पर बंदिशें लगाई थी

ख़ास बातें
  • इससे पहले अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक ने भी क्रिप्टो पर रोक लगाई थी
  • क्रिप्टोकरेंसीज के कारोबार वाली 20 से अधिक फर्मों को बंद किया गया है
  • पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान की इकोनॉमी कमजोर हुई है
विज्ञापन
पिछले वर्ष अफगानिस्तान में सत्ता पर नियंत्रण करने के बाद से आतंकवादी संगठन तालिबान ने बहुत से बड़े फैसले किए हैं। इसी कड़ी में अफगानिस्तान में सट्टेबाजी को रोकने के लिए तालिबान ने क्रिप्टोकरेंसीज पर पूरी तरह बैन लगा दिया है। इससे पहले अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक ने भी पूरे देश में क्रिप्टोकरेंसीज पर रोक लगाई थी। 

इस बारे में हेरात प्रांत के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सैय्यद शाह ने बताया कि कुछ लोग क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल अपनी रकम को तालिबान से छिपाने के लिए कर रहे थे। उनका कहना था, "सेंट्रल बैंक ने बिटकॉइन जैसी धोखेबाजी वाली डिजिटल करेंसीज में ट्रेडिंग को लेकर लोगों और कारोबारियों पर रोक लगाने का आदेश दिया है।" तालिबान सरकार ने क्रिप्टो से जुड़ी ट्रांजैक्शंस करने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसीज के कारोबार वाली 20 से अधिक फर्मों को बंद किया गया है। हालांकि, अफगानिस्तान ऐसा पहला देश नहीं है जिसने क्रिप्टोकरेंसीज पर बैन लगाया है। पिछले वर्ष चीन ने क्रिप्टो सेगमेंट पर बंदिशें लगाई थी। चीन में क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़ी ट्रेडिंग के साथ ही क्रिप्टो माइनिंग पर भी रोक लगाई गई है। 

अफगानिस्तान की इकोनॉमी में रिकवरी के लिए तालिबान सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल बढ़ा था। विदेश से रेमिटेंस प्राप्त करने की सुविधा देने वाली फर्मों के अफगानिस्तान से बाहर निकलने के कारण रेमिटेंस प्राप्त करना मुश्किल हो गया था। इस वजह से क्रिप्टोकरेंसीज के इस्तेमाल में बढ़ोतरी हुई थी। अल जजीरा ने मार्च में एक रिपोर्ट में बताया था कि अफगानिस्तान में क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के लिए एक वॉट्सऐप ग्रुप है जिसके हेरात में 13,000 से अधिक सदस्य हैं।

अफगानिस्तान में पश्चिमी देशों से सहायता प्राप्त करने में क्रिप्टोकरेंसीज से काफी मदद मिली थी। विदेश में मौजूद कुछ संगठनों ने सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल किया था। पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान की इकोनॉमी कमजोर हुई है। विदेश से मिलने वाली सहायता में कमी से इकोनॉमी पर बड़ा असर पड़ा है। बहुत सी फर्मों और विदेशी सहायता एजेंसियों के अफगानिस्तान में कामकाज बंद करने से बेरोजगारी भी बढ़ी है और लोगों के लिए मूलभूत जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। 

 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Transactions, Bitcoin, Afghanisan, Market, China, Ban
आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. स्पैम कॉल,साइबर फ्रॉड पर DoT की बड़ी कार्रवाई, 1.75 लाख टेलीफोन नंबरों को किया बंद
  2. BSNL के Reliance Jio को बिल न देने से सरकार को हुआ 1,758 करोड़ रुपये का नुकसान
  3. Alcatel की भारत में वापसी! प्रीमियम स्मार्टफोन रेंज करेगी लॉन्च, Make in India के तहत भारत में बनेंगे डिवाइस
  4. 1399 रुपये में itel King Signal फोन लॉन्च, 3 सिम के साथ फास्ट नेटवर्क सपोर्ट और गजब फीचर्स
  5. WhatsApp ने फरवरी में 97 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट्स किए बैन
  6. दुनिया का पहला डबल स्क्रीन वाला रग्ड फोन Ulefone Armor 30 Pro होगा 14 अप्रैल को लॉन्च
  7. अंतरिक्ष में रचा इतिहास! Elon Musk की SpaceX ने दिखाया पृथ्वी का अनदेखा हिस्सा, देखें वीडियो
  8. Hyundai Insteroid: गेमर्स के लिए सपनों की कार से कम नहीं है हुंडई का नया कॉन्सेप्ट
  9. Motorola Edge 60 Fusion vs Nothing Phone 2a Plus: 25 हजार में कौन है बेस्ट
  10. OnePlus 13T ने AnTuTu पर किया धांसू स्कोर, 16GB RAM और Snapdragon 8 Elite के साथ देगा दस्तक
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »