भारत में क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर बड़ा फैसला कर सकती है सरकार

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर चेतावनी दी थी। इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसीज को वित्तीय और मॉनेटरी स्थिरता के लिए बड़ा जोखिम भी बताया था

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 3 फरवरी 2025 19:04 IST
ख़ास बातें
  • क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर केंद्र सरकार के रुख की समीक्षा की जा रही है
  • भारत में अधिक टैक्स के बावजूद क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग बढ़ी है
  • RBI की ओर से इस सेगमेंट पर बैन लगाने की भी मांग भी की गई है

अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेशंस बनाए जा रहे हैं

पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट तेजी से बढ़ा है। कुछ देशों में इस सेगमेंट को लेकर रेगुलेशंस बनाए जा रहे हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर केंद्र सरकार का रुख सख्त रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से इस सेगमेंट पर बैन लगाने की भी मांग भी की गई है। 

इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी, Ajay Seth ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर सरकार के रुख की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा, "कुछ देशों ने क्रिप्टोकरेंसीज के इस्तेमाल, उनकी स्वीकार्यता और महत्व के लिहाज से अपने रुख में बदलाव किया है। हम डिस्कशन पेपर की दोबारा समीक्षा कर रहे हैं।" उनका कहना था कि इस तरह के एसेट्स के लिए बॉर्डर नहीं होते और इस वजह से भारत का रुख एकपक्षीय नहीं हो सकता। 

हाल ही में अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने बताया था कि क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने के उद्देश्य से एक टास्क फोर्स बनाई गई है। भारत में अधिक टैक्स के बावजूद क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग बढ़ी है। देश की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने रूल्स का पालन नहीं करने की वजह से कुछ विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों को कारण बताओ नोटिस दिए थे। पिछले वर्ष जून में बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Binance पर 20 लाख डॉलर से अधिक का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद Binance ने देश में अपने बिजनेस को दोबारा शुरू करने के लिए FIU के पास रजिस्ट्रेशन कराया था। 

RBI ने क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर चेतावनी दी थी। इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसीज को वित्तीय और मॉनेटरी स्थिरता के लिए बड़ा जोखिम भी बताया था। पिछले वर्ष RBI के पूर्व गवर्नर Shantikanta Das ने कहा था, "मेरा मानना है कि इसे फाइनेंशियल सिस्टम पर हावी होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इससे वित्तीय स्थिरता को लेकर बड़ा जोखिम है। क्रिप्टोकरेंसीज से बैंकिंग सिस्टम को भी रिस्क है। इससे ऐसी स्थिति बना सकती है जिसमें इकोनॉमी में फंड की सप्लाई पर सेंट्रल बैंक का कंट्रोल समाप्त हो सकता है।" उनका कहना था, "इकोनॉमी में फंड की सप्लाई पर सेंट्रल बैंक का कंट्रोल नहीं रहने से सिस्टम में उपलब्ध लिक्विडिटी का कैसे आकलन होगा?"  दास ने कहा था, "क्रिप्टो को हम एक बड़े खतरे के तौर पर देखते हैं। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय समझ बनना चाहिए क्योंकि ये ट्रांजैक्शंस देश से बाहर भी होती हैं।" इसके साथ ही RBI ने क्रिप्टोकरेंसीज पर बैन लगाने की मांग को भी दोहराया था। 

 
 

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