पाकिस्तान ने हटाया क्रिप्टोकरेंसीज से बैन, नए कानून से क्रिप्टो सेगमेंट को मिला कानूनी दर्जा

नए कानून के लागू होने के बाद क्रिप्टो एक्सचेंज, डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म्स और इससे जुड़ी फिनटेक फर्मों को बैंकिंग सिस्टम का एक्सेस मिल सकेगा

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 17 अप्रैल 2026 22:50 IST
ख़ास बातें
  • इसके लिए Pakistan में एक नया कानून बनाया गया है
  • नए कानून को अमेरिका को खुश करने के एक उपाय के तौर पर भी देखा जा रहा है
  • अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump को क्रिप्टो का बड़ा समर्थक माना जाता है

इसे अमेरिका को खुश करने के एक उपाय के तौर पर भी देखा जा रहा है

पिछले कई वर्षों से वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रहे पाकिस्तान ने क्रिप्टोकरेंसीज से बैन को हटा दिया है। इसके लिए Pakistan में एक नया कानून बनाया गया है। भारत के इस पड़ोसी देश के सेंट्रल बैंक ने क्रिप्टोकरेंसीज सहित वर्चुअल एसेट्स को वर्चुअल एसेट्स एक्ट के तहत कानूनी दर्जा दिया है। 

नए कानून के तहत, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने पाकिस्तान वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (PVARA) का गठन किया है। यह अथॉरिटी देश में वर्चुअल एसेट्स से जुड़ी लाइसेंसिंग और निगरानी जैसी एक्टिविटीज के लिए जिम्मेदार होगी। इस बारे में जारी एक सर्कुलर में बताया गया है, "कानून में दी गई शर्तों के कड़ाई से पालन के साथ, PVARA से वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर (VASP) के तौर पर लाइसेंस हासिल करने वाली एंटिटीज के बैंक एकाउंट खोले जा सकेंगे।" वर्चुअल एसेट्स से जुड़े नए निर्देशों को लागू कर दिया गया है। इस कदम से क्रिप्टो और डिजिटल एसेट बिजनेस के लिए पहला कानूनी ढांचा बनाया गया है। 

PVARA ने पाकिस्तान में और विदेश में रहने वाले देश के लोगों के लिए Bitcoin सहित क्रिप्टोकरेंसीज के इस्तेमाल और ट्रांजैक्शन को कानूनी दर्जा दिया है। इसके साथ ही एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट से जुड़े कारोबारियों को भी क्रिप्टोकरेंसीज के इस्तेमाल की अनुमति होगी। इससे पहले पाकिस्तान में क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स को लेकर सरकार का कड़ा रुख था। इस सेगमेंट से जुड़े कारोबारों के लिए बैंकिंग चैनल्स के इस्तेमाल पर रोक थी। नए कानून के लागू होने के बाद क्रिप्टो एक्सचेंज, डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म्स और इससे जुड़ी फिनटेक फर्मों को बैंकिंग सिस्टम का एक्सेस मिल सकेगा। हालांकि, क्रिप्टो सेगमेंट को आगे बढ़ाने की इस योजना में भ्रष्टाचार एक बड़ी रुकावट बन सकता है। 

नए कानून को अमेरिका को खुश करने के एक उपाय के तौर पर भी देखा जा रहा है। अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump को क्रिप्टो सेगमेंट का बड़ा समर्थक माना जाता है। ट्रंप ने अमेरिका में इस सेगमेंट के पक्ष में कुछ फैसले भी लिए हैं। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान और अमेरिका के बीच तनाव घटा है। ईरान के साथ चल रहे अमेरिका के विवाद को समाप्त करने के लिए यह एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ट्रंप ने शुक्रवार को पाकिस्तान की प्रशंसा करते हुए इसे अमेरिका का दोस्त बताया है। 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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