क्रिप्टो हैक्स से नुकसान में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी 

DeFi प्रोटोकॉल्स की हैकिंग के अधिकतर मामलों में उत्तर कोरिया के Lazarus Group जैसे हैकर्स जिम्मेदार थे

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अपडेटेड: 17 अगस्त 2022 19:17 IST
ख़ास बातें
  • DeFi प्रोटोकॉल्स से चोरी हुए फंड्स में काफी बढ़ोतरी हुई है
  • हैकिंग के अधिकतर मामलों में उत्तर कोरिया के हैकर्स जिम्मेदार थे
  • DeFi एप्लिकेशंस की बड़ी संख्या Ethereum ब्लॉकचेन पर है

इस वर्ष जुलाई तक ऐसे मामलों से लगभग 1.9 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है

क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े हैकिंग के मामलों से होने वाला नुकसान इस वर्ष के शुरुआती सात महीनों में लगभग 60 प्रतिशत बढ़ा है। इस वर्ष जुलाई तक ऐसे मामलों से लगभग 1.9 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह नुकसान लगभग 1.2 अरब डॉलर का था। डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्रोटोकॉल्स से चुराए गए फंड्स में काफी बढ़ोतरी हुई है।

ब्लॉकचेन एनालिसिस फर्म Chainalysis ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि हैकर्स के अटैक पर जल्द लगाम लगने की संभावना कम है। इस महीने के पहले सप्ताह में क्रॉस-चेन ब्रिज Nomad की हैकिंग में लगभग 19 करोड़ डॉलर और कई Solana वॉलेट्स की हैकिंग से लगभग 50 लाख डॉलर का फंड चुराया गया है। Chainalysis ने बताया, "DeFi प्रोटोकॉल्स की हैकिंग का रिस्क अधिक होता है क्योंकि उनके ओपन सोर्स कोड से सायबर अपराधियों को सेंध लगाने में मदद मिलती है।"  Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, DeFi प्रोटोकॉल्स की हैकिंग के अधिकतर मामलों में उत्तर कोरिया के Lazarus Group जैसे हैकर्स जिम्मेदार थे। इस वर्ष उत्तर कोरिया के हैकर्स के DeFi प्रोटोकॉल्स से लगभग एक अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चुराने का अनुमान है। 
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DeFi एप्लिकेशंस की बड़ी संख्या Ethereum ब्लॉकचेन पर है। इन एप्लिकेशंस के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में लेंडिंग की सुविधा मिलती है। इस वर्ष की शुरुआत में क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 2.35 लाख करोड़ डॉलर था, जो पिछले सप्ताह के अंत तक घटकर लगभग 1.1 लाख करोड़ डॉलर रह गया था। सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस वर्ष वर्ष लगभग 48 प्रतिशत घटा है। पिछले कुछ महीनों में इसका प्राइस 20,000 डॉलर से 24,000 डॉलर के बीच रहा है।

अमेरिका की सायबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) की एक रिपोर्ट में ब्लॉकचेन और क्रिप्टो फर्मों के लिए उत्तर कोरिया के कई सायबर ग्रुप्स को खतरा बताया गया था इसमें BlueNoroff और Stardust Chollima शामिल हैं। इससे पहले अमेरिकी अथॉरिटीज ने Axie Infinity गेम के Ronin Network पर एक बड़े सायबर अटैक के लिए दक्षिण कोरिया के हैकिंग ग्रुप Lazarus को जिम्मेदार बताया था। FBI ने कहा था कि इस हैक के पीछे  Lazarus ग्रुप था। ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने उस एड्रेस पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसे चुराया गया फंड प्राप्त हुआ था। Lazarus हैकिंग ग्रुप पर उत्तर कोरिया के इंटेलिजेंस ब्यूरो का नियंत्रण है। 
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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