Coinbase के स्टेकिंग और यील्ड प्रोडक्ट्स की जांच कर रहा SEC

हाल ही में Coinbase ने डिजिटल एसेट्स सेगमेंट में बड़ी गिरावट के कारण अपनी वर्कफोर्स को 18 प्रतिशत घटाने का फैसला किया था।

विज्ञापन
शॉमिक सेन भट्टाचार्जी, अपडेटेड: 12 अगस्त 2022 19:16 IST
ख़ास बातें
  • Coinbase ने डिजिटल एसेट्स सेगमेंट में बड़ी गिरावट देखी है
  • एक्सचेंज का फोकस Web3 इंटीग्रेशन पर है
  • फैसले से एक्सचेंज के 1,000 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी होने का अनुमान है

फर्म से SEC ने कुछ प्रोडक्ट्स के बारे में दस्तावेज और जानकारी मांगी है

क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase के स्टेकिंग और यील्ड प्रोडक्ट्स क अमेरिका का सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) जांच कर रहा है। इससे पहले कुछ एसेट्स की लिस्टिंग को लेकर भी SEC की ओर से एक्सचेंज पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी मिली थी। SEC का मानना है कि ये सिक्योरिटीज नहीं हैं और इनकी गलत तरीके से लिस्टिंग हुई है।

Coinbase ने बताया, "फर्म से SEC ने कुछ प्रोडक्ट्स के बारे में दस्तावेज और जानकारी मांगी है। इनमें एसेट्स की लिस्टिंग के प्रोसेस, कुछ लिस्टेड प्रोडक्ट्स के क्लासिफिकेशन और यील्ड देने वाले प्रोडक्ट्स शामिल हैं।" स्टेकिंग और यील्ड ऐसे दो तरीके हैं जिनसे बहुत से प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स को उनकी होल्डिंग्स से अधिक कमाने का मौका देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में ये तरीके काफी लोकप्रिय हुए हैं। हालांकि, इन्हें लेकर रेगुलेटर्स की स्क्रूटनी भी बढ़ी है। 

हाल ही में Coinbase ने डिजिटल एसेट्स सेगमेंट में बड़ी गिरावट के कारण अपनी वर्कफोर्स को 18 प्रतिशत घटाने का फैसला किया था। अमेरिका में हेडक्वार्टर रखने वाली इस फर्म का कहना था कि इंडस्ट्री के इस मुश्किल दौर में उसने कॉस्ट में कमी करने के लिए यह कदम उठाया है। इस फैसले से एक्सचेंज के 1,000 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी होने का अनुमान है। एक्सचेंज के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर Brian Armstrong ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था, "हमारी टीम के साइज को लगभग 18 प्रतिशत कम करने का मुश्किल फैसला लिया गया है। इससे इकोनॉमिक स्लोडाउन के दौरान फर्म की मजबूत स्थिति को पक्का किया जा सकेगा।" उन्होंने एक्सचेंज के लिए हायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में बहुत से लोगों को रिक्रूट किया गया था और इससे अब फर्म की एफिशिएंसी पर असर पड़ रहा है।

एक्सचेंज का फोकस Web3 इंटीग्रेशन पर है। Coinbase के ऐप पर Ethereum बेस्ड dApps के एक्सेस के लिए कुछ महीने पहले एक नया फीचर शुरू किया गया था। इससे यूजर्स इस ऐप के जरिए नॉन-फंजिबल टोकन ( NFT) मार्केटप्लेस और डीसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों (DEX) को एक्सेस कर सकेंगे।

डीसेंट्रलाइज्ड ऐप (dApp) एक ब्लॉकचेन नेटवर्क पर चलते हैं। इन ऐप के इस्तेमाल के लिए यूजर्स को इन्हें डाउनलोड करने के बजाय dApp डिवेलपर को क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान करना होता है। इन ऐप्स पर किसी एक अथॉरिटी का नियंत्रण नहीं होता। इन ऐप्स की लोकप्रियता Web3 कम्युनिटी के बीच बढ़ रही है।
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Cryptocurrency, Coinbase, Ethereum
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 200MP कैमरा वाले Vivo V70 FE की सेल आज से, बंपर डिस्काउंट पर खरीदें, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Royal Enfield ने भारत में लॉन्च की अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल Flying Flea C6, जानें प्राइस, रेंज
  2. TCS का नेट प्रॉफिट बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये, कंपनी देगी 31 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड
  3. OnePlus ने इंडिया में लॉन्च किया 100W GaN चार्जर, 2 डिवाइस को करेगा एक साथ चार्ज
  4. Realme ने लॉन्च किया 8000mAh बैटरी वाला बजट स्मार्टफोन C100 4G, जानें कीमत
  5. भारत के लग्जरी इलेक्ट्रिक कार मार्केट में BMW की बढ़ी हिस्सेदारी, पहली तिमाही में 1,185 यूनिट्स की बिक्री
  6. YouTube में आए दो कमाल के फीचर्स, अब वीडियो में टाइम भी बचेगा, और मिलेगा ज्यादा कंट्रोल, जानें कैसे
  7. Mac में छिपा ‘टाइम बॉम्ब’! 49 दिन बाद ऐप्स करना बंद कर सकते हैं काम, जानें बचने का तरीका
  8. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकती है 4,700mAh की बैटरी, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  9. एक मैसेज और PF की पूरी जानकारी आपके हाथ में! इतना आसान तरीका शायद नहीं जानते होंगे
  10. Infinix Hot 70 में मिल सकता है MediaTek Helio G99 चिपसेट, गूगल प्ले कंसोल पर लिस्टिंग
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.