कौन सा ऐप खा रहा है फोन की बैटरी? जल्द खुद बताएगा Google

Google Play Store अब उन ऐप्स पर चेतावनी दिखाएगा जो बैकग्राउंड में ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करते हैं।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 6 मार्च 2026 17:49 IST
ख़ास बातें
  • ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करने वाले ऐप्स पर Play Store वार्निंग
  • बैकग्राउंड एक्टिविटी ज्यादा होने पर दिखेगा अलर्ट
  • डेवलपर्स को ऐप ऑप्टिमाइज करने के लिए प्रोत्साहन

Photo Credit: Pexels/ Rohit Sharma

Google अपने ऐप इकोसिस्टम में बैटरी ड्रेन की समस्या को कम करने के लिए नया कदम उठा रहा है। कंपनी अब Play Store पर ऐसे ऐप्स को लेकर चेतावनी दिखाने लगी है, जो फोन की बैटरी सामान्य से ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इस फीचर का मकसद यूजर्स को पहले से जानकारी देना है कि कोई ऐप बैकग्राउंड में ज्यादा रिसोर्स इस्तेमाल कर सकता है।

Google ने ब्लॉग के जरिए बताया कि कंपनी ने पिछले साल डेवलपर्स के लिए एक मल्टी ईयर प्लान की घोषणा की थी, जिसके तहत ऐप्स की रिसोर्स खपत को बेहतर तरीके से समझने के लिए नए टूल्स और डेटा उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। इसी योजना के तहत अब Google Play Store में नया वार्निंग सिस्टम लागू किया जा रहा है, जो ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करने वाले ऐप्स को चिन्हित करेगा।

ब्लॉग में बताया गया है कि यह चेतावनी ऐप की रेटिंग के ठीक नीचे दिखाई देगी। इसमें लिखा होगा कि यह ऐप बैकग्राउंड एक्टिविटी के कारण उम्मीद से ज्यादा बैटरी इस्तेमाल कर सकता है। कंपनी का मानना है कि इससे यूजर्स को ऐप इंस्टॉल करने से पहले बेहतर जानकारी मिल सकेगी और वे सोच समझकर फैसला ले पाएंगे।

गूगल ने 1 मार्च से “wake lock technical quality treatments” नाम का सिस्टम भी लागू करना शुरू किया है। इसका उद्देश्य उन ऐप्स की पहचान करना है, जो स्क्रीन बंद होने के बाद भी फोन के प्रोसेसर को लगातार सक्रिय रखते हैं। ऐसे ऐप्स बैकग्राउंड में ज्यादा रिसोर्सेज इस्तेमाल करते हैं, जिससे बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है।

कंपनी के मुताबिक, जिन ऐप्स में यह समस्या पाई जाएगी, उनकी Play Store पर विजिबिलिटी भी कम की जा सकती है। ऐसे ऐप्स को रिकमेंडेशन सेक्शन या अन्य डिस्कवरी फीचर्स में कम दिखाया जाएगा। इसका मतलब है कि यूजर्स को ये ऐप्स सामान्य तौर पर सुझाए नहीं जाएंगे और उन्हें केवल सर्च करने पर ही दिख सकते हैं।

हालांकि यह चेतावनी हर ऐप पर लागू नहीं होगी। उदाहरण के तौर पर फिटनेस ऐप्स या फूड डिलीवरी ऐप्स जैसी सेवाएं, जो लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें केवल ऑप्टिमाइजेशन के लिए कहा जाएगा। वहीं जिन ऐप्स में बिना जरूरी कारण बैकग्राउंड में ज्यादा एक्टिविटीज पाई जाएगी, उन्हीं पर यह नई बैटरी वार्निंग दिखाई देगी।

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