Elon Musk को भारी पड़ रही Twitter डील, नेटवर्थ 200 अरब डॉलर से कम हुई

मस्क की नेटवर्थ 194.8 अरब डॉलर की है। उनकी नेटवर्थ में टेस्ला में लगभग 15 प्रतिशत हिस्सेदारी का बड़ा योगदान है

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अपडेटेड: 9 नवंबर 2022 16:27 IST
ख़ास बातें
  • टेस्ला के शेयर्स में भारी बिकवाली हो रही है
  • मस्क ने ट्विटर को खरीदने के लिए लगभग 13 अरब डॉलर का लोन लिया है
  • टेस्ला को अन्य इलेक्ट्रिक व्हीकल मेकर्स से कड़ी टक्कर मिल रही है

ट्विटर को खरीदने के बाद से मस्क ने टेस्ला के बारे में बहुत कम ट्वीट किए हैं

अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार मेकर Tesla के चीफ एग्जिक्यूटिव Elon Musk को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Twitter को खरीदने के बाद से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मस्क के ट्विटर पर ज्यादा ध्यान देने के कारण टेस्ला के शेयर्स में भारी बिकवाली हो रही है। मस्क के अप्रैल में ट्विटर के लिए बिड देने के बाद से टेस्ला का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग आधा घट गया है। 

मस्क की नेटवर्थ 200 अरब डॉलर से कम हो गई है। Forbes के अनुसार, मस्क की नेटवर्थ 194.8 अरब डॉलर की है। उनकी नेटवर्थ में टेस्ला में लगभग 15 प्रतिशत हिस्सेदारी का बड़ा योगदान है। टेस्ला की मार्केट वैल्यू लगभग 622 अरब डॉलर की है। मस्क ने ट्विटर को खरीदने के लिए लगभग 13 अरब डॉलर का लोन लिया है। टेस्ला को अन्य इलेक्ट्रिक व्हीकल मेकर्स से कड़ी टक्कर मिल रही है और कंपनी पर प्रोडक्शन बढ़ाने का भी प्रेशर है। ट्विटर को खरीदने के बाद से मस्क ने टेस्ला के बारे में बहुत कम ट्वीट किए हैं। वह पिछले कुछ दिनों से केवल ट्विटर से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। ट्विटर ने वेरिफिकेशन के ब्लू टिक के लिए लगभग 8 डॉलर प्रति माह का चार्ज लेने की भी घोषणा की है। 

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति मस्क की नेटवर्थ दूसरे सबसे रईस व्यक्ति Bernard Arnault से लगभग 40 अरब डॉलर ज्यादा है। स्लोडाउन, सप्लाई चेन की मुश्किलों और रॉ मैटीरियल की कॉस्ट बढ़ने से टेस्ला की सेल्स पर असर पड़ा है। चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी BYD ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही टेस्ला को मात देकर ग्लोबल लेवल पर सबसे अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बिक्री की थी। इसने लगभग 3,54,000 EV बेचकर 266 प्रतिशत की वार्षिक ग्रोथ हासिल की। इस अवधि में टेस्ला की सेल्स लगभग 2,54,000 यूनिट की रही।

इन व्हीकल्स की कुल सेल्स दूसरी तिमाही में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 61 प्रतिशत बढ़कर 21.8 लाख यूनिट की रही। इस मार्केट में चीन 12.4 लाख यूनिट्स के साथ टॉप पर था। चीन में यह बिक्री सालाना आधार पर लगभग 92 प्रतिशत बढ़ी है। यूरोप और अमेरिका का दूसरा और तीसरा स्थान था। यह पहली बार है कि जब किसी ऑटोमोबाइल कंपनी ने EV की सेल्स में टेस्ला को पीछे छोड़ा है। टेस्ला की बिक्री में गिरावट के बड़े कारण सेमीकंडक्टर की कमी और महामारी रहे। हालांकि, कंपनी के लिए इस वर्ष की दूसरी छमाही बेहतर हो सकती है।  

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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