कंपनी ने इसे फ्रंटियर सिक्योरिटी मॉडल का नाम दिया है।
OpenAI का नया साइबर सिक्योरिटी मॉडल GPT-5.5 Cyber जल्द ही रोलआउट किया जाने वाला है।
OpenAI का नया साइबर सिक्योरिटी मॉडल जल्द ही मार्केट में आने वाला है। डिजिटल जमाने में टेक्नोलॉजी जिस तेजी से छलांग लगा रही है, उतनी ही तेजी से हैकर्स, और साइबर अटैकर्स भी अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। साइबर अटैक्स पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और एडवांस हो चुके हैं। बढ़ते साइबर फ्रॉड और क्राम से दुनियाभर के देशों की सरकारें चिंतित हैं और लगातार सिस्टम की मजबूती पर काम कर रही हैं। इसी को देखते हुए OpenAI का नया साइबर सिक्योरिटी मॉडल GPT-5.5 Cyber जल्द ही रोलआउट किया जाने वाला है। कंपनी ने अधिकारिक रूप से इसकी घोषणा कर दी है। आइए जानते हैं विस्तार से।
OpenAI का नया सिक्योरिटी मॉडल GPT-5.5 Cyber जल्द ही रोलआउट किया जाने वाला है। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह मॉडल साइबर फ्रॉड और क्राइम जैसी घटनाओं के लिए डिजाइन किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कंपनी के सीईओ Sam Altman ने खुलासा किया है कि कंपनी जल्द ही GPT-5.5 Cyber का रोलआउट करने वाली है। कंपनी ने इसे फ्रंटियर सिक्योरिटी मॉडल का नाम दिया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिलीज महत्वपूर्ण साइबर गार्ड्स तक ही सीमित रहेगी। सरकारों और उद्योग भागीदारों के सहयोग से इसकी व्यापक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
सैम ऑल्टमैन ने पोस्ट में लिखा, 'हम आगामी कुछ दिनों में अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा मॉडल, GPT-5.5-Cyber को महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा कर्मियों के लिए रोलआउट करना शुरू कर रहे हैं। हम साइबर सुरक्षा के लिए विश्वसनीय पहुँच सुनिश्चित करने हेतु संपूर्ण इकोसिस्टम और सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। हम कंपनियों/इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से सुरक्षित करने में सहायता करना चाहते हैं।' GPT-5.5-Cyber की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें एक बाइनरी रिवर्स इंजीनियरिंग काम करती है, जो एक्सपर्ट्स को मूल स्रोत कोड की आवश्यकता के बिना सॉफ़्टवेयर में कमजोरियों, मैलवेयर और संरचनात्मक खामियों की जांच करने में मदद करती है।
कंपनी ने इससे पहले GPT-5.4 Cyber को पेश किया था। यह कंपनी का ऐसा मॉडल था जो उन्नत एनालिसिस टूल्स को अधिक सुलभ बनाकर साइबर सुरक्षा पेशेवरों की सहायता करने के लिए डिजाइन किया गया था। अब कंपनी ChatGPT 5.5 Cyber को लॉन्च करने वाली है जो कि एक स्पेशलाइज्ड मॉडल है जो खासकर साइबर सिक्योरिटी में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। यह पुराने मॉडल की क्षमताओं को आधार बनाकर ही तैयार किया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इसके आने के बाद साइबर फ्रॉड काफी हद तक कम हो सकेंगे।
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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी