अमेरिका ने AI चिप के एक्सपोर्ट पर पाबंदी का बढ़ाया दायरा, चीन को लगेगा झटका

नए दिशानिर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि चीन में हेडक्वार्टर रखने वाली कंपनियों के लिए लाइसेंसिंग की जरूरत रहेगी। इस लाइसेंसिंग के लिए उनके बिजनेस के रीजन से फर्क नहीं पड़ेगा

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 1 जून 2026 23:13 IST
ख़ास बातें
  • अमेरिका ने AI चिप्स के एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगाई थी
  • इस पाबंदी का दायरा अमेरिकी सरकार ने बढ़ाया गया है
  • इससे चीन की कंपनियों के लिए AI हार्डवेयर खरीदना मुश्किल हो जाएगा

पिछले कुछ महीनों में AI चिप्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है

पिछले कुछ महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स की डिमांड तेजी से बढ़ी है। अमेरिका ने AI चिप्स के एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगाई थी। इस पाबंदी को लेकर अमेरिकी सरकार ने एक नया स्पष्टीकरण दिया है कि एडवांस्ड AI चिप्स के एक्सपोर्ट पर पाबंदियां चीन से ऑपरेट करने वाली कंपनियों के साथ ही विदेश में मौजूद चाइनीज कंपनियों और उनकी सब्सिडियरीज पर भी लागू होंगी। 

चीन को पाबंदी का दायरा बढ़ाने के अमेरिका के फैसले से बड़ा झटका लग सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इससे चीन के बाहर बिजनेस के जरिए AI से जुड़े हार्डवेयर को हासिल करना चाइनीज कंपनियों के लिए मुश्किल हो जाएगा। अमेरिका में आशंका थी कि एक्सपोर्ट पर नियंत्रण के बावजूद चाइनीज कंपनियां अपनी विदेशी सब्सिडियरीज के जरिए एडवांस्ड AI प्रोसेसर्स खरीद सकती हैं। अमेरिका में कुछ सांसदों ने यह दलील दी थी कि पूर्व प्रेसिडेंट जो बाइडेन के दौर के AI Diffusion Framework को रद्द किए जाने के बाद इस तरह की खरीदारी के लिए रास्ता खुल सकता है। 

नए दिशानिर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि चीन में हेडक्वार्टर रखने वाली कंपनियों के लिए लाइसेंसिंग की जरूरत रहेगी। इस लाइसेंसिंग के लिए उनके बिजनेस के रीजन से फर्क नहीं पड़ेगा। इससे चाइनीज कंपनियों को NVIDIA के पावरफुल Blackwell AI चिप्स नहीं मिल सकेंगे। इसके अलावा अन्य एडवांस्ड प्रोसेसर्स को खरीदने के लिए रेगुलेटरी स्क्रूटनी का सामना करना होगा। 

अमेरिका के प्रतिबंधों से निपटने के लिए चीन अपनी AI सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को तेजी से बढ़ा रहा है। Huawei, Alibaba और Cambricon जैसी कंपनियों ने AI प्रोसेसर्स में इनवेस्टमेंट किया है। चीन की कुछ कंपनियां AI से जुड़े हार्डवेयर को बनाने के साथ ही सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम को तैयार कर रही हैं। इससे अमेरिका की टेक्नोलॉजी पर चीन की निर्भरता को घटाया जा सकेगा। अमेरिकी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी Tesla की भी AI चिप्स के सेगमेंट में एंट्री करने की तैयारी है। बिलिनेयर Elon Musk की यह कंपनी इसके लिए जल्द ही Terafab प्रोजेक्ट को लॉन्च करेगी। पिछले वर्ष मस्क ने कहा था कि टेस्ला को AI चिप्स बनाने के लिए एक यूनिट लगाने की जरूरत है। EVs के इंटरनेशनल मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली यह कंपनी अपने ऑटोनॉमस व्हीकल्स की योजना को आगे बढ़ाने के लिए AI चिप का डिजाइन तैयार कर रही है। 

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