Upi Fees

Upi Fees - ख़बरें

  • UPI पर फीस से वॉल्यूम पर नहीं होगा असरः RBI
    हाल ही में यह घोषणा की गई थी कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक का चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शंस पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगाया जाएगा। RBI के गवर्नर, Sanjay Malhotra ने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग के बाद कहा, "MDR लगाने का फैसला लिया जा चुका है। हमें इससे वॉल्यूम में किसी गिरावट की आशंका नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मामूली फीस का UPI ट्रांजैक्शंस की वॉल्यूम पर असर नहीं पड़ेगा।"
  • UPI ट्रांजैक्शंस में हुई गिरावट, इस महीने लागू होगा MDR 
    सितंबर में UPI के जरिए 24.07 अरब ट्रांजैक्शंस हुई हैं। इन ट्रांजैक्शंस की वैल्यू लगभग 29.37 लाख करोड़ रुपये की थी। अगस्त में UPI के जरिए 24.51 अरब ट्रांजैक्शंस हुई थी और इन ट्रांजैक्शंस की कुल वैल्यू लगभग 29.82 लाख करोड़ रुपये की थी। सितंबर में प्रति दिन की औसत UPI ट्रांजैक्शंस 80.2 करोड़ थी। अगस्त में प्रति दिन की औसत ट्रांजैक्शंस 79.1 करोड़ दर्ज की गई थी।
  • 5 हजार हो या 1 लाख, UPI से इन ट्रांजेक्शन पर नहीं लगेगा 5 रुपये से ज्यादा MDR चार्ज
    सरकार द्वारा कुछ कैटेगरी जैसे कि यूटिलिटी पर 0.4% की जगह फ्लैट ₹5 का चार्ज ही लगाया गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इन चार्ज को ग्राहकों पर नहीं बल्कि मर्चेंट पर लगाया गया है और ग्राहकों को कुछ भी चार्ज नहीं देना होगा। सरकार द्वारा लागू किया गया नया एमडीआर 15 अक्तूबर से प्रभावी होगा। सबसे खास बात यह है कि अगर आप यूपीआई से पर्सन टू पर्सन ट्रांसफर करते हैं जैसे कि किसी दोस्त, रिश्तेदार या करीबी को पैसा ट्रांसफर करते हैं तो यह पूरी तरह से फ्री रहने वाला है।
  • सरकार ने 2,000 रुपये से ज्यादा की UPI ट्रांजैक्शंस पर फीस हटाने से किया 'इनकार'
    सरकार को उम्मीद है कि नए चार्ज को लगाने के बावजूद UPI ट्रांजैक्शंस में बढ़ोतरी जारी रहेगी। UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा की ट्रांजैक्शंस पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा। हालांकि, इसके लिए 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शंस की लिमिट होगी। रेलवे, इंश्योरेंस, टेलीकॉम सर्विसेज और फ्यूल सहित 2,000 रुपये से ज्यादा की चुनिंदा ट्रांजैक्शंस पर 5 रुपये का MDR लगाया जाएगा।
  • ₹2000 तक की UPI पेमेंट रहेगी फ्री! सरकार ने दूर की उलझन
    ₹2000 तक के UPI ट्रांज़ैक्शन पर किसी तरह का चार्ज न लगाए जाने का नियम सरकार ने तय कर दिया है। अब आप बेफिक्र होकर यूपीआई से 2000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन बिल्कुल फ्री में कर सकते हैं। ₹2,000 की पेमेंट तय करने से इतना रास्ता जरूर साफ हो गया है कि इससे ऊपर के पेमेंट्स पर सरकार चाहे तो शुल्क लगा सकती है।
  • अब UPI ट्रांजेक्शन के लिए भी जेब करनी होगी खाली, लगेगा चार्ज, संसद में आया बदलाव का बिल
    यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट्स (MDR) लागू किए जा सकते हैं। इस कदम के जरिए UPI की ग्रोथ के लिए फंड जुटाना है। इन बदलावों से मंत्रालय को UPI पर MDR लागू करने और सेक्शन 10A के तहत जीरो MDR के प्रावधान को खत्म करने का प्रस्ताव रखने की इजाजत मिलेगी, जिसमें बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स (PSP) को ऑनलाइन पेमेंट पर चार्ज लगाने से रोका गया है।
  • UPI ट्रांजैक्शंस ने 19.47 अरब के साथ जुलाई में बनाया रिकॉर्ड
    वैल्यू के लिहाज से पिछले महीने ये ट्रांजैक्शंस 25.08 लाख करोड़ रुपये की रही हैं। यह मई में 25.14 लाख करोड़ रुपये के बाद दूसरा हाई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बताया कि देश में डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत की है। हाल ही में दुनिया में भारत सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश बना था। इस उपलब्धि में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का बड़ा योगदान है।
  • UPI पेमेंट्स पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, फाइनेंस मिनिस्ट्री ने दी जानकारी
    केंद्र सरकार इन ट्रांजैक्शंस पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को दोबारा लागू करने पर विचार नहीं कर रही। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने यह जानकारी दी है। मिनिस्ट्री ने कहा है कि डिजिटल तरीके से पेमेंट्स के लिए UPI एक कम कॉस्ट वाला प्लेटफॉर्म बना रहेगा। UPI को ऑपरेट करने वाले नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की UPI के लिए 20 से 30 करोड़ नए यूजर्स को जोड़ने की योजना है।
  • UPI के इस्तेमाल पर लगने लगा चार्ज तो 75% जनता कह देगी बाय-बाय यूपीआई!
    अगर ट्रांजेक्शन चार्ज लागू किया जाता है तो भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के अधिकतर यूजर्स इसका इस्तेमाल बंद कर सकते हैं। सर्वे के अनुसार, 38 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि वे अपने आधे से ज्यादा पेमेंट ट्रांजेक्शन के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। इसी प्रकार 37 प्रतिशत ने कहा कि उनके पेमेंट का आधे से ज्यादा हिस्सा यूपीआई के जरिए मैनेज किया जाता है। इससे पता चला है कि यूपीआई अब लगभग 10 में से 4 यूजर्स के लिए पेमेंट का अहम तरीका है।
  • Google Pay से मोबाइल रिचार्ज पड़ेगा महंगा! सुविधा शुल्क के नाम पर लिए जा रहे ‘एक्‍स्‍ट्रा पैसे’
    Google Pay Convenience Fee : ‘गूगल पे’ ने कथित तौर पर ऐप की UPI सर्विस के जरिए मोबाइल रिचार्ज प्लान खरीदने वाले यूजर्स से सुविधा शुल्क (convenience fee) लेना शुरू कर दिया है।
  • UPI से पेमेंट करने पर अब देने होंगे एक्सट्रा पैसे? नहीं पहले ये जान लें...
    दूरसंचार, शिक्षा और उपयोगिताओं/डाकघर के लिए इंटरचेंज फीस 0.7% है, जबकि सुपरमार्केट के लिए फीस ट्रांजेक्शन वैल्यू का 0.9% है।

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