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UPI ट्रांजेक्शन पर 15 अक्टूबर से नहीं लगेगी MDR फीस, NPCI ने दिवाली से आगे बढ़ाई तारीख

यूपीआई ट्रांजेक्शन पर लगने वाला MDR अब दिवाली के बाद लागू किया जाएगा।

UPI ट्रांजेक्शन पर 15 अक्टूबर से नहीं लगेगी MDR फीस, NPCI ने दिवाली से आगे बढ़ाई तारीख

Photo Credit: Pexels/Pavel Danilyuk

UPI से ₹2,000 से ज्यादा की ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा।

ख़ास बातें
  • UPI ट्रांजेक्शन पर MDR लगाने का फैसला NPCI ने फिलहाल टाल दिया है।
  • 2,000 से ज्यादा की P2M ट्रांजेक्शन पर MDR को दीवाली के बाद लगाया जाएगा।
  • P2M वाली ₹2,000 से ज्यादा की ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR प्रस्तावित है।
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यूपीआई ट्रांजेक्शन पर MDR लगाने का फैसला अब NPCI ने आगे के लिए टाल दिया है। अब ₹2,000 से ज्यादा की पर्सन टू मर्चेंट (P2M) ट्रांजेक्शन पर एमडीआर को दीवाली के बाद लगाया जाएगा, जिसकी तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है। आपको बता दें कि पिछले महीने घोषणा की गई थी कि यूपीआई ट्रांजेक्शन पर 15 अक्टूबर से एमडीआर की नए दर लागू होनी थीं। ऐसा बताया जा रहा है कि ट्रेडर्स द्वारा इसे आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, जिसके बाद आज NPCI ने यह फैसला लिया है।

NPCI ने आज कहा कि फेस्टिव सीजन को ध्यान में रखते हुए UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने 13 अक्टूबर को फैसला लिया कि पर्सन टू मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजेंक्शन पर एमडीआर को दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा। इसे लागू करने की नई तारीख की जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

2,000 से ज्यादा की P2M ट्रांजेक्शन पर MDR
यूपीआई स्टीयरिंग कमिटी ने सितंबर में पर्सन टू मर्चेंट वाली ₹2,000 से ज्यादा की ट्रांजेक्शन पर 0.4 प्रतिशत UPI MDR लागू किया था। एमडीआर एक फीस है जो कि मर्चेंट को डिजिटल पेमेंट प्रोसेसिंग करने के लिए देनी है। यह 0.4 प्रतिशत फीस ₹2000 पर ₹8 और ₹10,000 पर ₹40 बैठती है। इसके अलावा चुनिंदा सेक्टर जैसे कि रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और खेती से संबंधित चीजों पर फ्लैट ₹5 एमडीआर लागू किया गया था। इसके अलावा  ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजेक्शन पर इसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी।

UPI पर MDR क्यों लगाया जा रहा है?
सरकार का कहना है कि यूपीआई से होने वाली कुछ मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर प्रस्तावित फीस के जरिए UPI के संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सिस्टम को सिक्योर करना, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड से बचाव और कस्टमर सपोर्ट के लिए फंड को बेहतर बनाना है। सरकार ने यह पूरी तरह साफ कर दिया था कि यह चार्ज ग्राहकों को नहीं बल्कि मर्चेंट यानी कि व्यापारियों को देना होगा। सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि आम लोगों के बीच होने वाली पर्सन टू पर्सन ट्रांजेक्शन पूरी तरह से फ्री रहने वाली हैं।

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ये भी पढ़े: NPCI, UPI, MDR, UPI Fees, Diwali
साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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