भारतीय रेलवे ने 2014 में अनारक्षित टिकटिंग सिस्टम (UTS) ऐप पेश किया था। यह ऐप यूजर्स को सबअर्बन और स्पेसिफाइडट नॉन-सबअर्बन ट्रेन के लिए टिकट बुक करने की सुविधा प्रदान करता है। यूटीएस ऐप पर यूजर्स दो प्रकार के टिकट पेपरलेस और पेपर टिकट बुक कर सकते हैं। पेपरलेस ऑप्शन में यूजर्स ऑनलाइन टिकट खरीद सकते हैं और पेमेंट कर सकते हैं। इसमें प्रिटेंड कॉपी की जरूरत के बिना यात्रा कर सकते हैं।
रेल टिकट अगर वेटिंग मिल जाए तो यात्री की परेशानी सीधे दोगुनी हो जाती है। पहला, टिकट नहीं कंफर्म होने का डर और दूसरा, सफर की तारीख से पहले बार-बार पीएनआर नंबर के जरिए बुकिंग की वास्तविक स्थिति जानने की टेंशन। इस दौरान रेलवे टिकट कन्फर्म करने के लिए भी हम और आप कई हथकंडे अपनाते हैं।
रेलवे जल्द ही दलालों को थोक में टिकट बुक करने से रोकने, धोखाधड़ी वाली बुकिंग खत्म करने और फर्जी पहचान के मामलों पर रोक लगाने के लिए आधार आधारित ऑनलाइन टिकट प्रणाली की ओर कदम बढ़ाएगा।
रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आईआरसीटीसी ने तत्काल रेल टिकट बुक करने के दौरान भुगतान के लिए ऑनलाइन वॉलेट कंपनी मोबिक्विक के साथ साझेदारी की है।