Internet Security

Internet Security - ख़बरें

  • Amazon के पैकेज पर दिखे Pink या Red Dot तो हो जाएं सावधान! डिलीवरी लेने से पहले जान लें इसका मतलब
    Amazon के कुछ पैकेज में छेड़छाड़ का पता लगाने के लिए heat-sensitive security indicator का इस्तेमाल किया जाता है। पैकेज पर लगा Pink या Red Dot वाला निशान असामान्य गर्मी या सील के साथ छेड़छाड़ का संकेत दे सकता है। इस तरह के लेबल में thermochromic material का इस्तेमाल किया जाता है, जो गर्मी के संपर्क में आने पर रंग बदल सकता है। डिलीवरी लेते समय अगर सिक्योरिटी इंडिकेटर पर Pink या Red Dot दिखाई दे तो पैकेज को तुरंत स्वीकार करने के बजाय मामले की जांच कराना बेहतर है। हालांकि, यह निशान अकेले इस बात का 100 फीसदी सबूत नहीं है कि पैकेज खोला गया था।
  • अमेरिकी कंपनी Microsoft को चीन दिखाएगा बाहर का रास्ता? सरकारी सिस्टम से हटेगा Windows
    चीन ने अपनी सरकारी संस्थाओं में अमेरिकी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सरकारी और सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं को Windows 10 China Government Edition हटाने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि यह Windows का सामान्य वर्जन नहीं, बल्कि चीन की सरकारी जरूरतों के लिए Microsoft और चीनी सरकारी कंपनी CETC के सहयोग से तैयार किया गया खास वर्जन है। इस फैसले के पीछे डेटा सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं को अहम वजह बताया गया है। Windows की जगह चीन घरेलू Linux-बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम को बढ़ावा दे सकता है।
  • ऑनलाइन मीटिंग करते हैं तो सावधान! इस ऐप में मिली खतरनाक खामी, हैकर्स कर सकते हैं सिस्टम एक्सेस
    Zoom में एक गंभीर सिक्योरिटी खामी सामने आई है, जिसके जरिए हमलावर बिना किसी क्लिक या फाइल डाउनलोड के मीटिंग में मौजूद यूजर के डिवाइस को निशाना बना सकता था। साइबर सिक्योरिटी कंपनी A Security के मुताबिक, यह खामी Zoom के Annotation फीचर से जुड़ी थी और इसे Zero-Click Attack के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। रिसर्च में तीन खामियों को CVE-2026-53413, CVE-2026-53414 और CVE-2026-53415 के नाम से दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि रिसर्चर्स ने AI की मदद से खामी खोजने और हमले का तरीका तैयार करने का दावा किया है। Zoom ने इसके लिए सुरक्षा अपडेट जारी कर दिए हैं।
  • Hotel का Free WiFi अच्छा लगता है? चुटकी में हैकर्स के हाथ लग सकता है आपका पासवर्ड और प्राइवेट डेटा
    Microsoft ने CaptiveCrunch नाम के साइबर अटैक कैंपेन का खुलासा किया है, जिसमें Hotel, Airport और Conference Center जैसे स्थानों के Public WiFi नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है। Microsoft के मुताबिक, Storm-2945 नाम का अटैकिंग ग्रुप DNS और HTTP ट्रैफिक में बदलाव करके यूजर्स को अपने कंट्रोल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिडायरेक्ट कर सकता है। इसके बाद Windows या Browser Update जैसी दिखने वाली फर्जी स्क्रीन के जरिए Malware डाउनलोड करवाया जाता है। कंपनी ने यात्रियों को Guest WiFi को Untrusted Network मानने और WiFi कनेक्ट करने के बाद दिखने वाले संदिग्ध Software Updates को इंस्टॉल न करने की सलाह दी है।
  • Red Fort Security Abhigyan App: लाल किले की सुरक्षा में एडवांस टेक्नोलॉजी, 35 सेकंड में देगी अपराधी की जानकारी
    15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री लाल किले से तिरंगा फहराते और भाषण देते हैं। दिल्ली सरकार और पुलिस इस पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम कर रही है। स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले लाल किले पर कई लेवल का सिक्योरिटी कवर किया गया है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली पुलिस भीड़ में संदिग्ध और वांछित लोगों की पहचान करने के लिए Abhigyan App उपयोग कर रही है।
  • Amazon Freedom Sale 2026: टॉप सिक्योरिटी कैमरों की डील्स, कुछ की कीमत ₹1,799 से शुरू
    Amazon Freedom Sale 2026 में Home Security Cameras पर कई आकर्षक डील्स मिल रही हैं। CP Plus, Qubo, Hikvision और Trueview के चुनिंदा कैमरों को लिस्ट प्राइस से कम कीमत में खरीदा जा सकता है। Trueview 3MP Wi-Fi Security Camera 4,000 रुपये की जगह 1,799 रुपये में उपलब्ध है। वहीं Hikvision 5MP Outdoor Bullet CCTV Camera की कीमत 4,200 रुपये से घटकर 1,929 रुपये हो गई है। Qubo Smart Cam 360 3MP और 4MP मॉडल्स भी डिस्काउंट के साथ मिल रहे हैं। इसके अलावा HDFC Bank कार्ड, Amazon Pay और ICICI Bank कार्ड पर अतिरिक्त बचत के विकल्प भी मौजूद हैं।
  • इन चाइनीज ब्रांड्स का Wi-Fi Router यूज करते हो तो सावधान! रिसर्च में हुआ खतरनाक खुलासा
    साइबर सिक्योरिटी कंपनी VulnCheck ने दावा किया है कि Zbtlink के कई Wi-Fi राउटर्स में फैक्ट्री से ही ENDLESSDOORS नाम का बैकडोर मौजूद है। रिसर्च के अनुसार, यह बैकडोर राउटर के बूट होते ही एक रिमोट सर्वर से संपर्क करता है और वहां से आने वाले कमांड्स को Root Privileges के साथ चला सकता है। प्रभावित डिवाइस में करीब 20 मॉडल्स शामिल बताए गए हैं। फिलहाल इसके लिए कोई आधिकारिक फर्मवेयर अपडेट उपलब्ध नहीं है। रिसर्चर्स ने यूजर्स को प्रभावित मॉडल्स की पहचान करने, संदिग्ध नेटवर्क ट्रैफिक पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर डिवाइस बदलने की सलाह दी है।
  • Bank of Baroda ग्राहकों का डेटा लीक, बैंक ने जारी किया बयान; क्या आपका पैसा सुरक्षित?
    Bank of Baroda ने हाल ही में सामने आए कथित डेटा लीक मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के हैक होने से जुड़ी थी। बैंक के अनुसार, उसके कोर बैंकिंग सिस्टम तक किसी तरह की अनधिकृत पहुंच नहीं बनाई गई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर 1TB डेटा और ग्राहकों के Aadhaar विवरण लीक होने के दावों के बाद बैंक ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने अपनी साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत भी क्लेम दर्ज कराया है।
  • बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
    इजरायल के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रोफेसर आइजैक बेन-इजरायल का कहना है कि भविष्य के Quantum Computer मौजूदा Encryption तकनीक और Password सुरक्षा को बेहद कम समय में तोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग, सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मौजूदा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को Quantum Computing चुनौती दे सकती है। इससे निपटने के लिए Post-Quantum Cryptography और Quantum Communication जैसी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस टेक्नोलॉजी को व्यावहारिक रूप से डेवलप होने में अभी लगभग 10 साल लग सकते हैं, जबकि आम लोगों तक इसका एक्सेस बनने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
  • वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
    सोशल मीडिया पर वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटने की ट्रिक कई बार वायरल होती हैं। दावा किया जाता है कि इससे RFID और NFC कार्ड का डेटा चोरी होने का खतरा कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एल्यूमिनियम फॉयल कुछ हद तक रेडियो सिग्नल को ब्लॉक कर सकता है और अस्थायी Faraday Cage की तरह काम करता है। हालांकि यह सिर्फ RFID आधारित सिग्नल को प्रभावित करता है और फिशिंग, UPI फ्रॉड, कार्ड स्किमिंग, डेटा ब्रीच या अन्य साइबर हमलों से सुरक्षा नहीं देता। ऐसे में इसे पूरी डिजिटल सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जा सकता।
  • देश में जल्द शुरू हो सकता है बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट का फीचर
    कस्टमर्स के स्मार्टफोन या मर्चेंट के PoS टर्मिनल पर इंटरनेट कनेक्शन के बिना पेमेंट्स की सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। NPCI इसके लिए कम्पैटिबल PoS टर्मिनल्स को सर्टिफाइ करना शुरू करेगी। UPI ट्रांजैक्शंस के लिए ऑफलाइन फीचर NFC टेक्नोलॉजी पर बेस्ड होगा। इससे यूजर्स अपने NFC-एनेबल्ड स्मार्टफोन को इस फीचर के लिए सपोर्ट वाले टर्मिनल्स पर टैप कर ऑफलाइन UPI पेमेंट्स कर सकेंगे।
  • Xiaomi लाई बिना बिजली, बिना Wi-Fi चलने वाला सिक्योरिटी कैमरा! सोलर पावर से लैस, जानें कीमत
    Xiaomi ने नया स्मार्ट कैमरा लॉन्च किया है जो सोलर पावर से चलता है। यानी इसे घरेलू बिजली सप्लाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह Smart Solar Camera 4 Pro 4G Dual-Camera Edition के नाम से लॉन्च किया गया है। कंपनी ने इसे खासतौर पर आउटडोर इस्तेमाल के लिए लॉन्च किया है जहां पर Wi-Fi और अन्य तरह की बिजली सुविधाएं मौजूद नहीं होती हैं
  • भारत के सबसे बड़े परमाणु प्लांट से जुड़ा डेटा लीक? हजारों डॉक्यूमेंट्स पहुंचे डार्क वेब पर!
    भारत के सबसे बड़े कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े कथित संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने करीब 19 हजार फाइलें अपलोड की हैं, जिनमें कथित तौर पर ब्लूप्रिंट, सप्लायर डिटेल्स और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच Reliance Group ने थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर Yotta के सर्वर पर अपने डेटा में Partial Breach की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जानकारी सरकार को दे दी गई है।
  • Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
    भारत में Digital Arrest Scam तेजी से बढ़ता साइबर अपराध बन गया है। सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से मई 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर क्राइम एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि भारत में Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल पर सतर्क रहना जरूरी है।
  • ई-रिक्शा के बाद अब ATM हो रहे हैं बंद? मोबाइल ऐप से कंट्रोल करने का वीडियो वायरल
    BAT BMS ऐप विवाद के बाद अब सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति मोबाइल ऐप के जरिए कथित तौर पर ATM मशीन को ऑन और ऑफ करता दिखाई देता है। इस वीडियो ने डिजिटल सिक्योरिटी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, किसी बैंक, ATM ऑपरेटर या सरकारी एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

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