Internet Security

Internet Security - ख़बरें

  • बिना पासवर्ड बताए Wi-Fi शेयर करें! QR Code से लेकर Hotspot तक, ये 5 तरीके आएंगे काम
    आज के समय में Wi-Fi शेयर करना आम बात है, लेकिन पासवर्ड बताना हमेशा सुरक्षित नहीं होता। ऐसे में कई ऐसे तरीके मौजूद हैं, जिनसे आप बिना पासवर्ड बताए भी Wi-Fi शेयर कर सकते हैं। QR Code, Nearby Share और iPhone के ऑटो शेयर फीचर की मदद से दूसरे यूजर को सीधे नेटवर्क से कनेक्ट कराया जा सकता है। इसके अलावा राउटर में Guest Network बनाकर भी लिमिटेड एक्सेस दिया जा सकता है। ये तरीके न सिर्फ आसान हैं, बल्कि आपके नेटवर्क की सिक्योरिटी को भी बनाए रखते हैं।
  • पॉपुलर ट्रैवल बुकिंग ऐप पर साइबर अटैक, WhatsApp पर टारगेट हो रहे हैं यूजर्स!
    Booking.com ने कन्फर्म किया है कि एक सिक्योरिटी ब्रीच में कुछ यूजर्स की पर्सनल और बुकिंग डिटेल्स तक अनऑथराइज्ड एक्सेस हो सकता है। इसमें नाम, ईमेल, फोन नंबर और बुकिंग से जुड़ी जानकारी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ यूजर्स को पहले ही फिशिंग मैसेज मिल चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि हैकर्स इस डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उसने इस गतिविधि को कंट्रोल करने के लिए कदम उठाए हैं और प्रभावित बुकिंग्स के PIN अपडेट किए गए हैं। हालांकि कितने यूजर्स प्रभावित हुए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
  • Amazon Securefest Sale: Rs 1899 से मिल रहे बेस्ट होम सिक्योरिटी कैमरा, डैशकैम डील्स!
    Amazon Securefest सेल आज यानी 3 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। कंपनी की इस सेल में सिक्योरिटी कैमरा, डैशकैम आदि पर भारी डिस्काउंट लिया जा सकता है। सेल में CP PLUS, Trueview, और 70mai जैसे ब्रांड्स के कैमरा पर छूट का लाभ लिया जा सकता है। सेल में मिलने वाले कैमरा 1,899 रुपये से शुरू हैं। कंपनी ने बैंक ऑफर भी दिया है। विभिन्न बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीद पर 7.5% तक का कैशबैक लिया जा सकता है जो कि 1250 रुपये तक हो सकता है।
  • सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
    केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक ईमेल सिस्टम को अपग्रेड करते हुए करीब 16.68 लाख ईमेल अकाउंट्स को Zoho के क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कर दिया है। MeitY के मुताबिक इस प्रक्रिया पर अब तक 180.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह माइग्रेशन NIC के जरिए किया गया और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और sovereign ईमेल सिस्टम तैयार करना है, जिसमें डेटा का पूरा नियंत्रण सरकार के पास रहे। प्रति यूजर ईमेल अकाउंट की लागत 170 से 300 रुपये प्रति माह के बीच है, जो स्टोरेज कैपेसिटी पर निर्भर करती है।
  • यूजर्स का पर्सनल डेटा खतरे में, करोड़ों डिवाइस हैक होने डर! तुरंत करें ये काम
    भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Android यूजर्स के लिए एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक Android सिस्टम में मौजूद कुछ सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच बना सकते हैं। इन कमजोरियों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि Android 13, Android 14, Android 15 और Android 16 के शुरुआती वर्जन पर चलने वाले डिवाइस प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने स्मार्टफोन में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच जल्द इंस्टॉल करें।
  • UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
    साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK की एक रिपोर्ट में “Digital Lutera” नाम के नए Android टूलकिट का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यह टूलकिट Android सिस्टम में छिपकर काम करता है और UPI से जुड़े सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास करने की कोशिश कर सकता है। इसमें LSPosed फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बिना ऐप को बदले उसके व्यवहार को प्रभावित किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तकनीक के जरिए SIM बाइंडिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप, SMS डेटा इंटरसेप्ट और पहचान स्पूफिंग जैसी गतिविधियां संभव हो सकती हैं।
  • Microsoft Edge चलाते हैं तो कभी भी हैक हो सकता है लैपटॉप-PC, तुरंत करें ये काम
    CERT-In ने Microsoft Edge के लिए हाई सीवेरिटी साइबर सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। एडवाइजरी CIVN-2026-0092 के अनुसार 144.0.3719.115 से पुराने वर्जन में heap buffer overflow से जुड़ी गंभीर खामी पाई गई है। इस कमजोरी का फायदा उठाकर रिमोट अटैकर्स विशेष रूप से तैयार वेब पेज के जरिए सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकते हैं। एजेंसी ने सभी यूजर्स व ऑर्गेनाइजेशंस को तुरंत लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी है, ताकि अनऑथोराइज्ड एक्सेस और डेटा लीक से बचा जा सके।
  • Google Chrome चलाते हैं तो ये खबर आपके लिए! हैक हो सकता है सिस्टम, तुरंत करें ये काम
    सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने Google Chrome यूजर्स के लिए हाई सीवेरिटी चेतावनी जारी की है। एडवाइजरी में बताया गया है कि Chrome के पुराने वर्जन में गंभीर “Use After Free” खामी पाई गई है, जिससे हैकर्स टारगेट सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकते हैं। यदि ब्राउजर Linux पर 144.0.7559.75 या Windows/Mac पर 145.0.7632.75/76 से पुराना है, तो जोखिम बढ़ सकता है। एजेंसी ने यूजर्स को तुरंत लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने की सलाह दी है, ताकि डेटा चोरी और मालवेयर हमलों से बचा जा सके।
  • आपके फोन और PC पर मंडरा रहा था खतरा, Google ने किया बड़ा टेकडाउन!
    Google Threat Intelligence Group ने IPIDEA नाम के एक बड़े रेजिडेंशियल प्रॉक्सी नेटवर्क को बाधित करने की जानकारी दी है। Google के मुताबिक, यह नेटवर्क Android स्मार्टफोन और Windows PC समेत लाखों डिवाइसेज़ को बिना यूजर की जानकारी साइबर अटैक्स में इस्तेमाल कर रहा था। रेजिडेंशियल इंटरनेट कनेक्शन के जरिए ट्रैफिक रूट कर हमलावर अपनी पहचान छुपा पा रहे थे। Google ने इस नेटवर्क से जुड़े डोमेन्स बंद कराए और प्रभावित ऐप्स को ब्लॉक करने के लिए Play Protect में बदलाव किए हैं।
  • WinGo साइबर फ्रॉड केस ने खोली आंखें, कहीं आप भी न बन जाएं स्कैम का हिस्सा, इन बातों का रखें ध्यान
    WinGo ऐप से जुड़े साइबर फ्रॉड के खुलासे के बाद पुलिस और सरकार ने आम यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। जांच में सामने आया है कि आसान कमाई का दावा करने वाले ऐप्स यूजर्स के मोबाइल नंबर और SMS एक्सेस का दुरुपयोग कर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में अनजाने यूजर्स भी स्कैम नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं। सरकार ने संदिग्ध ऐप्स से दूर रहने, अनावश्यक परमिशन न देने और किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
  • भारतीय SIM कार्ड और WhatsApp से की पाकिस्तान के लिए जासूसी, लंबे समय के लिए हुई जेल
    विशाखापत्तनम की NIA विशेष अदालत ने पाकिस्तान-प्रेरित जासूसी साजिश से जुड़े एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 साल 6 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने भारतीय SIM कार्ड और OTP का गलत इस्तेमाल कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को WhatsApp नंबर ऑपरेट करने में मदद की। इन नंबरों के जरिए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों से संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई। NIA ने इसे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • आपको 10 मिनट में नहीं मिलेगी सामान की डिलीवरी, सरकार ने Blinkit, Zomato को दी टाइम लिमिट हटाने की हिदायत 
    लेबर मिनिस्टर Mansukh Mandaviya ने क्विक-कॉमर्स से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग में उन्हें डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को प्रायरिटी देने के लिए कहा है। Blinkit ने इस निर्देश का पालन करते हुए अपनी ब्रांडिंग से 10 मिनट में डिलीवरी का वादा हटा दिया है। इस सेगमेंट की अन्य कंपनियां भी जल्द ही इस निर्देश का पालन कर सकती हैं।
  • 2026 में सख्त होगी साइबर सिक्योरिटी, SIM-बाइंडिंग और CNAP नियम होंगे लागू, जानें क्या बदलने वाला है?
    हर साल लोगों को करोड़ों रुपये की ठगी होती है, जिसमें बहुत से अपनी जीवन भर की जमा पूंजी तक गंवा देते हैं। सरकार सिम बाइडिंग और CNAP जैसी सुविधा लेकर आ रही है। दिसंबर का महीना चल रहा है और अब उम्मीद है कि सरकार 2026 से स्कैम और फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए कई कड़े बदलावों के साथ नए नियम लागू कर सकती है।

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