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Health Tips - ख़बरें

  • Electric Toothbrush का इतना शोर क्यों? जानिए कैसे काम करती है ये टेक्नोलॉजी और क्या सच में है काम की
    Electric Toothbrush आजकल दांतों की सफाई के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन सवाल है कि क्या यह सामान्य टूथब्रश से सच में बेहतर है। Powered Toothbrush में मोटर ब्रश हेड को तेजी से घुमाती या कंपन कराती है, जिससे दांतों पर जमा प्लाक हटाने में मदद मिलती है। रिसर्च में Powered Toothbrush से सामान्य ब्रश की तुलना में प्लाक और मसूड़ों की सूजन में कुछ अतिरिक्त कमी देखी गई है। इसके अलावा टाइमर और प्रेशर सेंसर जैसे फीचर ब्रश करने की आदत सुधारने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, सही तकनीक से इस्तेमाल किया गया सामान्य टूथब्रश भी प्रभावी है। जानिए Electric Toothbrush के फायदे और सही इस्तेमाल का तरीका।
  • एंड्रॉयड फोन में बैटरी हेल्थ कैसे करें चेक, जानें आसान प्रक्रिया
    स्मार्टफोन जैसे-जैसे पुराना होता है तो वैसे-वैसे ही उसकी बैटरी खराब होने लग जाती है। हर चार्ज साइकिल के साथ एंड्रॉयड फोन की बैटरी कुछ हद तक खराब हो जाती है। फोन की बैटरी हेल्थ इस बात पर निर्भर करती है कि वह कितना चार्ज होल्ड कर सकती है, जिससे फोन की कुल बैटरी लाइफ कम या ज्यादा हो सकती है। अगर आप अपने फोन की बैटरी को लंबे समय तक चलाना चाहते हैं तो फोन की बैटरी हेल्थ की सामान्य तौर पर जांच करना जरूरी है।
  • क्या Fast Charging खराब कर रही है आपके मोबाइल फोन की Battery? जानिए पूरा सच
    Fast Charging आज स्मार्टफोन का जरूरी फीचर बन चुकी है। 33W से लेकर 120W तक की चार्जिंग वाले फोन बाजार में मौजूद हैं, लेकिन कई यूजर्स को डर रहता है कि ज्यादा तेजी से फोन चार्ज करने से बैटरी जल्दी खराब हो सकती है। जानकारियों के मुताबिक सिर्फ फास्ट चार्जिंग को बैटरी खराब होने की वजह नहीं माना जा सकता। बैटरी की उम्र पर फोन का तापमान, चार्जिंग का तरीका और लंबे समय तक 100 प्रतिशत चार्ज पर रहना ज्यादा असर डाल सकता है। ऐसे में सही चार्जर इस्तेमाल करना, ज्यादा गर्मी से बचना और फोन में दिए गए बैटरी बचाने वाले फीचर्स का इस्तेमाल करना जरूरी है।
  • आप कितने साल जीएंगे, बताएंगे आपके दांत!
    आपके दांत आपके जीवन की लम्बाई तय कर सकते हैं। जापान में ओसाका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 75 साल से ऊपर के 1 लाख 90 हजार लोगों पर रिसर्च की और कई चौंकाने वाले नतीजे पाए। रिसर्च के दौरान इन लोगों के दांतों के स्वास्थ्य का गहराई से अध्य्यन किया गया। प्रत्येक दांत को इन्होंने 'स्वस्थ', 'भरा गया दांत', 'गला हुआ दांत', या 'खो चुका दांत' में वर्गीकृत किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि केवल दांतों की संख्या नहीं बल्कि उनका स्वास्थ्य भी यह तय करता है कि कोई व्यक्ति कितना लंबा जीने वाला है।
  • AQI चेक करने के लिए ऐप नहीं? मोबाइल में पहले से मौजूद हैं ये ऑप्शन
    दिल्ली-NCR में बढ़ते पॉल्यूशन के बीच AQI चेक करना अब रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी अलग डिवाइस की जरूरत नहीं, सिर्फ स्मार्टफोन ही काफी है। Google Search, Google Maps, Weather ऐप्स और सरकारी Sameer ऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स से यूजर्स अपने इलाके की हवा की क्वालिटी रियल-टाइम में देख सकते हैं। अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करके AQI की सही स्थिति समझना खासतौर पर दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में ज्यादा जरूरी हो गया है।
  • टेक्नोलॉजी के युग में कैसे रखें स्क्रीन टाइम पर कंट्रोल, ये 5 टिप्स आएंगी काम
    अगर आप अपना स्क्रीन टाइम नियंत्रित करना चाहते हैं, लेकिन कर नहीं पा रहे हैं तो संतुलन और स्वास्थ्य को तवज्जो देने पर ध्यान देना चाहिए। अपने स्क्रीन टाइम को मॉनिटर करने और लिमिट तय करने के लिए iOS यूजर्स स्क्रीन टाइम और एंड्रॉयड यूजर्स डिजिटल वेलबीइंग या ब्राउजर एक्सटेंशन जैसे टूल का उपयोग कर सकते हैं। आप अपने लिए या अपने परिवार के लिए टेक फ्री जोन तैयार कर सकते हैं। डिजिटल होने का मतलब यह नहीं कि ऑनलाइन जो भी परोसा जा रहा है उसका सेवन किया जाए।
  • काम की खबर: पूरे दिन बैठ कर करते हैं काम तो कितनी करनी चाहिए एक्सरसाइज? यहां जानें
    डेली एक्सरसाइज की नई रिसर्च के अनुसार, रिसर्चर्स का कहना है कि अगर आप 10 घंटे की सिटिंग को बैलेंस करना चाहते हैं तो आपको 30 से 40 मिनट की स्वेट-बिल्डिंग एक्सरसाइज हर दिन करनी चाहिए।

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