Elon Musk की बड़ी कामयाबी! अंतरिक्ष से मोबाइलों में भेजे अलर्ट मैसेज

Starlink Direct to Cell Service : अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने स्टारलिंक को देश के कुछ हिस्‍सों में डायरेक्ट-टू-सेल सर्विस देने की मंजूरी दे दी है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 8 अक्टूबर 2024 13:04 IST
ख़ास बातें
  • डायरेक्ट-टू-सेल सर्विस के लिए मंजूरी
  • फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन ने दी स्‍टारलिंक को मंजूरी
  • तूफान हेलेन के कारण दी गई मंजूरी

स्‍टारलिंक काफी वक्‍त से तैयारी कर रही है कि उसके सैटेलाइट सीधे पृथ्‍वी पर मोबाइल नेटवर्क देने में सक्षम हों।

Elon Musk की स्‍पेस कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) की स्‍टारलिंक सैटेलाइट सर्विस ने अहम कामयाबी हासिल की है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने स्टारलिंक को देश के कुछ हिस्‍सों में डायरेक्ट-टू-सेल सर्विस देने की मंजूरी दे दी है। आसान भाषा में समझाएं तो अब अमेरिकी यूजर्स के मोबाइल में सीधे सैटेलाइट से नेटवर्क आएगा और वो अपने प्रियजनों से कनेक्‍ट कर पाएंगे। हालांकि यह मंजूरी उत्तरी कैरोलिना के इलाकों के लिए दी गई है, क्‍योंकि वहां तूफान हेलेन के कारण टेलिकॉम इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को नुकसान पहुंचा है। 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सैटेलाइट के जरिए फोन नेटवर्क की अनुमति स्‍टारलिंक और टी-मोबाइल को दी गई है और इसका फायदा तूफान हेलेन से जूझ रहे लोगों को हो रहा है। प्राकृतिक आपदा के कारण स्‍टारलिंक को यह मौका दिया गया है, लेकिन इसने अमेरिका के दूरसंचार नेटवर्क की तकनीक का नया रास्‍ता खोल दिया है।  
 

स्‍टारलिंक काफी वक्‍त से तैयारी कर रही है कि उसके सैटेलाइट सीधे पृथ्‍वी पर मोबाइल नेटवर्क देने में सक्षम हों। कंपनी का कहना है कि उत्तरी कैरोलिना में सभी सेल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट मिल रहे हैं। तूफान हेलेन के कारण इलाके के 74 फीसदी से ज्‍यादा सेल टावर प्रभावित हुए हैं। 
 

क्‍या है Starlink का प्रोजेक्‍ट? 

स्‍टारलिंक और टी-मोबाइल मिलकर ‘कवरेज एबव एंड बियॉन्ड' (Coverage Above and Beyond) नाम के प्रोजेक्‍ट पर काम कर रही हैं। इसका मकसद टी-मोबाइल कस्‍टमर्स को हर जगह स्मार्टफोन कनेक्टिविटी प्रदान करना है। अमेरिका में लगभग 500,000 वर्ग मील (1.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर) इलाके में किसी भी टेलिकॉम ऑपरेटर का नेटवर्क नहीं है। कवरेज एबव एंड बियॉन्ड इसी का सॉल्‍यूशन बनने की तैयारी है। 

टी मोबाइल का कहना है कि स्पेसएक्स की डायरेक्ट-टू-सेल सर्विस अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है, लेकिन उत्तरी कैरोलिना में इसका इस्‍तेमाल एक तरह की टेस्टिंग है, जो लोगों को सहूलियत के साथ-साथ यह एहसास कराता है वो मुश्किल हालात में भी कनेक्‍ट हर सकते हैं। इससे इलाके में मौजूद बचाव टीमों को भी मदद मिल रही है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Honor 600, Honor 600 Pro हुए लॉन्च, 7000mAh बैटरी, 200MP कैमरा
  2. Vivo Y600 Pro में होगी सबसे बड़ी 10,200mAh की बैटरी, 27 अप्रैल को है लॉन्च, जानें सबकुछ
  3. 33 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Vivo का 64MP कैमरा वाला फोल्डेबल फोन
  4. ASUS ExpertBook Ultra बिजनेस लैपटॉप हुआ ExpertBook P3 और P5 के साथ लॉन्च, जानें फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. Facebook स्टोरीज से फोटो या वीडियो कैसे करें डिलीट
  2. Xiaomi लाई स्टूडेंट्स की पढ़ाई का साथी, 12.1 इंच बड़ा Redmi Pad 2 Pro लर्निंग एडिशन लॉन्च, AI फीचर्स, 12000mAh बैटरी
  3. OnePlus 16 में होगी 240Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले, Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट, जानें सबकुछ
  4. Boat ने पहला ट्रू वायरलेस Aavante Prime X साउंडबार किया लॉन्च, जानें फीचर्स
  5. ASUS ExpertBook Ultra बिजनेस लैपटॉप हुआ ExpertBook P3 और P5 के साथ लॉन्च, जानें फीचर्स
  6. 33 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Vivo का 64MP कैमरा वाला फोल्डेबल फोन
  7. 600 लीटर क्षमता वाला Mijia Refrigerator Pro Cross किया Xiaomi ने लॉन्च, 10 साल की वारंटी! जानें कीमत
  8. Motorola Edge 70 Pro vs OnePlus Nord 6 vs Vivo V70 FE: 40K में कौन सा फोन है बेस्ट?
  9. Xiaomi ने नया कॉर्डलैस वैक्यूम क्लीनर किया लॉन्च, 2600mAh बैटरी के साथ 75 मिनट लगातार क्लीनिंग, जानें कीमत
  10. Apple के आगामी iPhones में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का कैमरा 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.