ग्लेशियर्स को तेजी से पिछला रही लहरें, समुद्र का स्तर बढ़ने का खतरा

ग्रीनलैंड में Petermann ग्लेशियर की एक नई सैटेलाइट स्टडी से पता चला है कि इसकी सतह की लाइन ज्वार भाटा के साथ अपना स्थान बदलती है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 19 मई 2023 18:18 IST
ख़ास बातें
  • ज्वार भाटा की ताकत से ग्लेशियर का गर्म पानी से संपर्क होता है
  • ग्रीनलैंड में अरबों टन बर्फ पिछल चुकी है
  • समुद्र का तापमान अधिक होने से ग्लेशियर के निचले हिस्से में बर्फ कटती है

इससे कुछ देशों के भूभाग का बड़ा हिस्सा समुद्र में समाने की भी आशंका है

बहुत से देशों को ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्लेशियर्स के पिघलने से समुद्र के स्तर में पिछले अनुमानों से अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कुछ देशों के भूभाग का बड़ा हिस्सा समुद्र में समाने की भी आशंका है। ऐसे देशों में मालदीव भी शामिल है। 

ग्रीनलैंड में Petermann ग्लेशियर की एक नई सैटेलाइट स्टडी से पता चला है कि इसकी सतह की लाइन ज्वार भाटा के साथ अपना स्थान बदलती है। यह वह लाइन होती है जहां एक ग्लेशियर से बर्फ निकलकर समुद्र के संपर्क में आती है और उस पर तैरती है। अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी के वैज्ञानिकों ने बताया कि इससे गर्म पानी ग्लेशियर के नीचे से अपना रास्ता बना लेता है। इस स्टडी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में लगभग 2.5 मील खिसकी है। इससे समुद्र के गर्म पानी ने इसके नीचे 670 फीट का गड्डा बना दिया है। 

National Academy of Sciences में प्रकाशित इस स्टडी में बताया गया है कि ज्वार भाटा की ताकत से ग्लेशियर का गर्म पानी से संपर्क होता है और इसका पिछलना बढ़ जाता है। ग्रीनलैंड की बर्फ में बदलाव को समझने की कोशिश कर रहे ग्लेशियोलॉजिस्ट्स के लिए हैरान करने वाले निष्कर्षों में यह शामिल है। ग्रीनलैंड में अरबों टन बर्फ पिछल चुकी है। स्टडी के सह-लेखक और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में अर्थ सिस्टम साइंस के प्रोफेसर, Eric Rignot ने बताया, "बर्फ और समुद्र के बीच इस टकराव से ग्लेशियर्स को समुद्र के गर्म होने से ज्यादा नुकसान होता है। इन निष्कर्षों को मॉडल्स में शामिल नहीं किया गया है। अगर हम उन्हें शामिल करते हैं तो इससे समुद्र से स्तर में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान 200 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। यह स्थिति केवल Petermann के लिए नहीं, बल्कि समुद्र के साथ लगे सभी ग्लेशियर्स के लिए होगी।" 

गर्म हवा के कारण ग्लेशियर के ऊपर बर्फ पिछलती है लेकिन समुद्र का तापमान अधिक होने से ग्लेशियर के निचले हिस्से में बर्फ कटती है और पिघलकर समुद्र में चली जाती है। ग्लेशियर की बर्फ पिछलने से ऐसे जीवों के लिए भी खतरा हो सकता है जो बर्फ में रहते हैं। पिछले वर्ष एक स्टडी में बताया गया था कि हवा का तापमान अधिक होने के कारण बर्फ के पिछलने से बनने वाला पानी समुद्र में बढ़ रहा है।  
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 150 इंच स्क्रीन पर 4K सिनेमा और बिल्ट-इन 2.1 चैनल स्पीकर सिस्टम! लॉन्च हुआ OBE R3 Ultra Max Projector
  2. Samsung Galaxy S26 FE vs Oppo Reno 16 vs Xiaomi 17T: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  3. Samsung का 42 हजार वाला फोन मिल रहा ₹9000 सस्ता, यहां आई तगड़ी डील
  4. Vivo ला रही नया मिडरेंज फोन, 44W फास्ट चार्जिंग के साथ!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vodafone Idea का गजब ऑफर अब 5G के साथ 4G डाटा भी अनलिमिटेड, 84 दिनों तक जितना मर्जी चलाओ इंटरनेट
  2. Samsung Galaxy S26 FE vs Oppo Reno 16 vs Xiaomi 17T: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  3. Samsung लेकर आ रहा सस्ता फोन, Galaxy A08 4G आया 6000mAh बैटरी के साथ नजर, जानें
  4. WhatsApp पर बदल रहे हैं फोन नंबर, भूलकर भी न करें ये गलती, वरना सारा डाटा हो जाएगा खराब
  5. Vivo ला रही नया मिडरेंज फोन, 44W फास्ट चार्जिंग के साथ!
  6. Tata Punch हुई ₹20 हजार तक महंगी! जानें किन मॉडल्स के बढ़े दाम
  7. Samsung का 42 हजार वाला फोन मिल रहा ₹9000 सस्ता, यहां आई तगड़ी डील
  8. Samsung Galaxy S26 FE हुआ भारत में लॉन्च, 50MP कैमरा, 4900mAh बैटरी से लैस, जानें और क्या है खास
  9. DRDO Internship 2026: ₹30 हजार कमाने का मौका दे रहा DRDO, BTech, MSc स्टूडेंट्स ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई
  10. Xiaomi लेकर आई Pad 9, Pad 9 Pro टैबलेट, 20 घंटे तक कर पाएंगे ऑनलाइन मीटिंग, जानें कैसे हैं फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.