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SpaceX ने सफलतापूर्वक ऑर्बिट में पहुंचाया इटैलियन सैटेलाइट, बार-बार हो रही थी देरी

CSG इटैलियन सरकार का सिस्‍टम है। इसमें दो सैटेलाइट शामिल हैं, जो सिंथेटिक अपर्चर रडार का इस्‍तेमाल करके पृथ्वी का निरीक्षण करते हैं।

SpaceX ने सफलतापूर्वक ऑर्बिट में पहुंचाया इटैलियन सैटेलाइट, बार-बार हो रही थी देरी

2200 किलोग्राम के सैटेलाइट को लॉन्चिंग के लगभग 60 मिनट बाद ऑर्बिट में डिप्‍लॉय कर दिया गया।

ख़ास बातें
  • मौसम खराब होने की वजह से लॉन्च को कई बार शेड्यूल करना पड़ा
  • अमेरिका के फ्लोरिडा स्थि‍त स्टेशन से इटैलियन सैटेलाइट को लॉन्‍च किया गया
  • प्रक्षेपण को देखने के लिए स्‍पेसएक्‍स ने एक वीडियो भी शेयर किया था
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एलन मस्‍क (Elon Musk) की स्पेसएक्स (SpaceX) ने कई बार देरी के बाद आखिरकार अमेरिका के फ्लोरिडा स्थि‍त स्टेशन से एक इटैलियन सैटेलाइट को लॉन्‍च किया है। इसे फाल्कन 9 रॉकेट पर लॉन्‍च किया गया। कंपनी ने पिछले हफ्ते भी इस अर्थ-ऑब्‍जर्वेशन (Earth-observation) सैटेलाइट को लॉन्च करने की योजना बनाई थी। लेकिन लगातार मौसम खराब होने की वजह से लॉन्च को कई बार शेड्यूल करना पड़ा। इसी तरह रविवार को भी एक विंडो ओपन होने से इसमें बाधा आई। आखिरकार Cosmo-SkyMed सेकेंड जेनरेशन FM2 (CSG-2) सैटेलाइट को ले जाने वाला रॉकेट सोमवार को केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से रवाना हुआ।

CSG इटैलियन सरकार का सिस्‍टम है। इसमें दो सैटेलाइट शामिल हैं, जो सिंथेटिक अपर्चर रडार का इस्‍तेमाल करके पृथ्वी का निरीक्षण करते हैं। पहला (CSG-1) सैटेलाइट दिसंबर 2019 में फ्रेंच गयाना से सोयुज रॉकेट पर लॉन्च किया गया था। मौजूदा वक्‍त में यह 620 किलोमीटर की ऊंचाई पर काम कर रहा है। CSG-2 भी इसी ऑर्बिट में संचालित होगा। यह सिस्टम कुछ इम्‍प्रूवमेंट्स के साथ साल 2007 और 2010 के बीच लॉन्च किए गए ओरिजिनल कॉस्मो-स्काईमेड सिस्टम को बदल देगा। 
मौजूदा लॉन्‍च के बारे में स्पेसएक्स ने एक वीडियो ट्वीट किया। बताया गया कि थेल्स एलेनिया स्पेस द्वारा बनाए गए 2200 किलोग्राम के सैटेलाइट को लॉन्चिंग के लगभग 60 मिनट बाद ऑर्बिट में डिप्‍लॉय कर दिया गया। 

यह लॉन्च पूरी तरह से सफल रहा। लिफ्टऑफ के ठीक 8 मिनट बाद मिशन के पहले स्‍टेज ने पूर्व-निर्धारित साइट पर सॉफ्ट लैंडिंग की। पहले स्‍टेज की सफल लैंडिंग स्पेसएक्स के भविष्‍य के मिशनों के लिए काफी महत्‍वपूर्ण है। इससे प्रोजेक्‍ट का खर्च कम होता है। मंगल ग्रह पर पहुंचने के मिशन के लिए भी पहले स्‍टेज का सफलतापूर्वक वापसी करना काफी मायने रखता है। 

स्पेसएक्स ने Cosmo-SkyMed सेकेंड जेनरेशन FM2 (CSG-2) सैटेलाइट के प्रक्षेपण को देखने के लिए एक वीडियो भी शेयर किया था।
स्पेसएक्स ने इस साल 52 मिशन लॉन्च करने की योजना बनाई है। अगर वह इसमें कामयाब होती है, तो कंपनी एक साल में अबतक के सबसे अधिक लॉन्च पूरे करेगी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के लिए भी SpaceX पार्टनर की भूमिका में है, खासतौर पर नासा के ह्यूमन स्‍पेसफ्लाइट प्रोग्राम के लिए। इसके पास इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से अंतरिक्ष यात्रियों और कार्गो को लाने और ले जाने की जिम्‍मेदारी है। नासा के आर्टेमिस (Artemis) प्रोग्राम के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने के लिए भी SpaceX नेक्‍स्‍ट जेनरेशन रॉकेट सिस्टम डेवलप कर रही है। इस रॉकेट का नाम स्टारशिप रखा गया है।
 
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