सूर्य में हुआ विस्‍फोट, सोलर फ्लेयर की चपेट में आए अमेरिका, कनाडा! क्‍या हुआ असर? जानें

इसकी वजह से अमेरिका और कनाडा के कई क्षेत्रों में अस्‍थायी रूप से शॉर्टवेव रेडियो ब्‍लैकआउट हुआ।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 21 जून 2023 14:24 IST
ख़ास बातें
  • मंगलवार की रात एक सोलर फ्लेयर सूर्य से निकला
  • इसका असर अमेरिका और कनाडा तक देखा गया
  • वहां अस्‍थायी रूप से रेडियो ब्‍लैकआउट हो गया

जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं।

Photo Credit: सांकेतिक तस्‍वीर

सूर्य में हो रही गतिविधियों ने वैज्ञानिकों की चिंता को बढ़ाया है। हमारा सूर्य, सोलर मैक्सिमम की अवधि से गुजर रहा है। इस दौरान वह ज्‍यादा उग्र है और कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME), सोलर फ्लेयर्स (Solar Flares) जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा है। सोलर मैक्सिमम की अवधि साल 2025 तक जारी रहने वाली है। इस वजह से पृथ्‍वी को आए दिन किसी ना किसी चुनौती का सामना करना होगा। 21 जून यानी बुधवार को भी सौर हवाएं (Solar Winds) हमारी पृथ्‍वी से टकराने वाली हैं। उससे ठीक पहले मंगलवार की रात एक सोलर फ्लेयर सूर्य से निकला और उसने पृथ्‍वी को प्रभावित किया। 

सूर्य में बने सनस्‍पॉट जिसे AR3341 कहा जाता है, उससे सोलर फ्लेयर का विस्‍फोट हुआ। यह एक्स-क्लास सोलर फ्लेयर था, जो बेहद ताकतवर होते हैं। इसकी वजह से अमेरिका और कनाडा के कई क्षेत्रों में अस्‍थायी रूप से शॉर्टवेव रेडियो ब्‍लैकआउट हुआ। स्‍पेसवेदरडॉटकॉम ने इस बारे में बताया है। 
Advertisement

कहा गया है कि सूर्य में बने AR3341 नाम के एक सनस्‍पॉट की वजह से 20 जून को एक्‍स क्‍लास का एक सोलर फ्लेयर निकला। उसने पृथ्‍वी के वायुमंडल को प्रभावित किया, जिससे अमेरिका और कनाडा के इलाकों में शॉर्टवेव रेडियो ब्लैकआउट हो गया। इसका असर कुछ मिनटों तक रहा। 
 

क्‍या होते हैं सोलर फ्लेयर

जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं। हमारे सौर मंडल में ये फ्लेयर्स अबतक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं, जिनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है। इनमें मौजूद एनर्जेटिक पार्टिकल्‍स, प्रकाश की गति से अपना सफर तय करते हैं। 
Advertisement

सोलर फ्लेयर्स या कोरोनल मास इजेक्‍शन की घटनाएं सीधे तौर पर इंसानों को प्रभावित नहीं करतीं, लेकिन इनके असर से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है। पावर ग्रिड फेल हो सकते हैं। ये तूफान पृथ्‍वी की कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को भी खतरे में डाल सकते हैं। 

सूर्य में हो रही गतिविधियों को बीते कई वर्षों से नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी (एसडीओ) ट्रैक कर रही है। यह हर बड़े घटनाक्रम की जानकारी देती है, जिससे वैज्ञानिकों को उसके प्रभाव को समझने में मदद मिलती है।
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ₹5000 सस्ता मिल रहा खूबसूरत Vivo 5G फोन! 50MP दो कैमरा, IP64 रेटिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
  2. BGMI Midnight Hunters Redeem Codes: फ्री में रिवॉर्ड्स चाहिए? इन 50 रिडीम कोड को तुरंत करें यूज
  3. WhatsApp एकत्रित करता है ये जानकारी, जब यूजर्स करते हैं कॉन्टैक्ट
  4. सिर्फ Apple ने ही महंगे नहीं किए iPhone, OnePlus, Vivo, Oppo और Nothing भी हुए 15,000 तक महंगे
  5. Apple ने वेबसाइट से हटाया, लेकिन अमेजन पर आज भी मिल रहे iPhone 17 Pro, 17 Pro Max, ऐसे खरीदें
  6. Samsung Galaxy S26 Ultra, Galaxy S26 अब CRN प्रोग्राम से खरीद पाएंगे सस्ते में, जानें कितनी होगी बचत
  7. Redmi 17 5G की सेल शुरू, जानें कितने में मिल रहा 50MP कैमरा,7900mAh बैटरी वाला फोन
  8. iPhone 18 Pro vs Google Pixel 11 Pro XL vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें कौन सा है बेस्ट?
  9. Xiaomi लाई AI फीचर्स वाला गैस स्टोव, बर्तन छोड़कर चले गए तो खुद बंद हो जाएगी गैस
  10. iPhone को स्पेस से गिराया, फिर भी नहीं टूटा कवर, बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.