• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • वैज्ञानिकों ने भारत में ढूंढी वह जगह, जो मंगल ग्रह चांद से मिलती जुलती! जानें

वैज्ञानिकों ने भारत में ढूंढी वह जगह, जो मंगल ग्रह-चांद से मिलती-जुलती! जानें

Indias Mars Moon Station : इसका मतलब है कि आने वाले वक्‍त में लद्दाख को ना सिर्फ उसकी खूबसूरती के लिए पहचाना जाएगा, बल्कि स्‍पेस के क्षेत्र का भी वह महत्‍वपूर्ण केंद्र बनेगा।

वैज्ञानिकों ने भारत में ढूंढी वह जगह, जो मंगल ग्रह-चांद से मिलती-जुलती! जानें

एनालॉग रिसर्च स्टेशन एक ऐसी फैसि‍लिटी है, जहां चांद और मंगल ग्रह से जुड़े जरूरी कामों को किया जा सकता है।

ख़ास बातें
  • लद्दाख आया वैज्ञानिकों की नजर में
  • चांद और मंगल मिशनों के लिए माना आदर्श साइट
  • यहां स्‍थापित हो सकता है रिसर्च स्‍टेशन
विज्ञापन
चंद्रमा और मंगल दो ऐसे खगोलीय पिंड हैं, जिन पर वैज्ञानिक वर्षों से रिसर्च कर रहे हैं। भारत ने भी वहां अपने मिशन भेजे हैं। चंद्रयान-3 की सफलता तो पूरी दुनिया ने देखी थी। इन पिंडों को टटोलने के लिए दुनियाभर में धरती पर स्‍पेस सेंटर बनाए गए हैं। भारत भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) और बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP) के वैज्ञानिकों ने एक एनालॉग रिसर्च स्‍टेशन के लिए लद्दाख को आइडियल साइट माना है। इसका मतलब है कि आने वाले वक्‍त में लद्दाख को ना सिर्फ उसकी खूबसूरती के लिए पहचाना जाएगा, बल्कि स्‍पेस के क्षेत्र का भी वह महत्‍वपूर्ण केंद्र बनेगा। 

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एनालॉग रिसर्च स्टेशन एक ऐसी फैसि‍लिटी है, जहां चांद और मंगल ग्रह से जुड़े जरूरी कामों को किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, चांद और मंगल ग्रह पर एस्‍ट्रोनॉट्स के लिए कैसे घर बनाए जाएं, यह टेस्टिंग लद्दाख में हो सकती है। इसकी वजह लद्दाख की जियोलॉजिकल कंडीशन है, जोकि हार्ड है। रिपोर्ट के अनुसार, लद्दाख में रिसर्च के दौरान वैज्ञानिक यह भी परख पाएंगे कि कठिन मौसम में सूक्ष्‍मजीव कैसी प्रतिक्रि‍या देते हैं। 

लद्दाख की पहचान करने वाले वैज्ञानिकों में बीएसआईपी की बिनीता फर्त्‍याल और आईआईएससी के आलोक कुमार व शुभांशु शुक्ला शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर यह रिसर्च की है। रिसर्च इसलिए भी अहम है क्‍योंकि भारत, मंगल ग्रह और चंद्रमा को लेकर नए मिशनों की तैयारी कर रहा है। साल 2040 तक वह चांद पर अपने एस्‍ट्रोनॉट उतारना चाहता है। 

भारतीय रिसर्चर्स का मानना है कि लद्दाख की अनोखी भौगोलिक खूबियां मंगल और चंद्रमा के हालात से काफी मिलती-जुलती हैं। यह इलाका काफी ठंडा है। सूखे रेगिस्तान की तरह है। यहां चट्टानें हैं और कहीं-कहीं जमीन की बनावट भी उसी तरह है। 

एनालॉग रिसर्च स्‍टेशन कब तक तैयार होगा, इसकी जानकारी अभी नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की फैसिल‍िटी को बनाकर भारत अपने स्‍पेस मिशनों, मून मिशनों को रफ्तार दे सकता है।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo V80 Lite 5G कल होगा लॉन्च, 50MP Sony कैमरा, 10000mAh बैटरी, IP68, IP69 रेटिंग!
  2. Whirlpool भारत में लाई 654 लीटर वाला Luxuriem 4-डोर रेफ्रिजिरेटर, 360 डिग्री ट्रिपल कूलिंग, जानें कीमत
  3. Lava Virat V1 5G भारत में लॉन्च हुआ 128GB वेरिएंट के साथ, 6000mAh बैटरी, IP64 रेटिंग!
  4. Redmi सस्ते में ला रही नई स्मार्टवॉच, 1200 निट्स AMOLED डिस्प्ले, IP68 रेटिंग, ग्लोबल लॉन्च जल्द
  5. Philips लेकर आया अपना नया फोन S7221 5G, 64MP कैमरा, 5700mAh बैटरी जैसे फीचर्स से लैस, जानें कीमत
  6. घीमे लैपटॉप-PC को फास्ट बना देगा JioPC, बिना नया कंप्यूटर खरीदे मिलेगी 16GB RAM और 1TB स्टोरेज
  7. अगर गुम गया है TV रिमोट, तो न हों परेशान, ऐसे अपने एंड्रॉयड फोन को बना सकते हैं रिमोट
  8. Vivo T5 5G भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल कैमरा, 7050mAh बैटरी के साथ गजब फीचर्स से लैस, जानें सबकुछ
  9. हैंडहेल्ड गेमिंग का सीन पलटने आ रहा भारतीय स्टार्टअप ARC! Qualcomm से मिलाया हाथ, जल्द आएगा X1 डिवाइस
  10. AI से रोज बात करते हैं? कहीं आप भी तो नहीं बन रहे रोबोट, नई रिसर्च उड़ा देगी होश!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »