हमारे पूर्वजों की हड्डियों में मिले 50 हजार साल पुराने वायरस!

शोधकर्ता इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि निएंडरथल के विलुप्त होने में कई कारक शामिल रहे होंगे।

हमारे पूर्वजों की हड्डियों में मिले 50 हजार साल पुराने वायरस!

निएंडरथल के विलुप्त होने में कई कारक शामिल रहे होंगे।

ख़ास बातें
  • निएंडरथल को आधुनिक मानव का सबसे करीबी माना जाता है।
  • 50 हजार साल पहले जीवित रहे निएंडरथल की हड्डियों में वायरस।
  • निएंडरथल के विलुप्त होने में कई कारक शामिल रहे होंगे।
विज्ञापन
हमारे पूर्वजों के बारे में वैज्ञानिक लगातार पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वे कैसे विलुप्त हो गए थे। निएंडरथल को आधुनिक मानव का सबसे करीबी माना जाता है। लेकिन निएंडरथल विलुप्त हो गए थे। अब शोधकर्ताओं को 50 हजार साल पुराने वायरस के बारे में कुछ सबूत मिले हैं। ये सबूत 50 हजार साल पहले जीवित रहे निएंडरथल की हड्डियों में मिले हैं। 

इससे पहले वैज्ञानिक मानते आए थे कि संक्रामक रोगों ने निएंडरथल के खात्मे में अहम भूमिका निभाई होगी। लेकिन इसके लिए शोधकर्ताओं के पास कोई पुख्ता प्रमाण नहीं थे। क्योंकि प्राचीन डीएनए को निकालना और उसे एक सीक्वेंस में रखना बहुत ही कठिन काम था। अब आणविक जीवविज्ञानी मार्सेलो ब्रओन्स के नेतृत्व में एक नई स्टडी की गई है। रूस की Chagyrskaya गुफा में निएंडरथल के जो कंकाल मिले थे, उनके DNA सैम्पलों का विश्लेषण किया गया है। 

इसके बाद ब्रिओन्स की टीम ने पाया कि हड्डियों में कुछ ऐसे टुकड़े मिले हैं जो आधुनिक युग के तीन वायरस से मेल खाते हैं। इनमें एडिनोवायरस (कॉमन कोल्ड), हर्पीज वायरस (कोल्ड सोर), और पैपिलोमावायरस (जेनिटल वार्ट्स) शामिल हैं। 

हालांकि अभी यह खोज बहुत ही शुरुआती है। वायरस के जो टुकड़े इनमें मिले हैं, वे सुझाते हैं कि इनमें पुराने वायरस रहे होंगे। शोध में यह भी कहा गया है कि निएंडरथलों पर इन वायरस का क्या प्रभाव रहा होगा, अभी यह नहीं कहा जा सकता है। लेकिन इस खोज ने इस संबंध में आगे जांच पड़ताल करने के दरवाजे खोल दिए हैं। इसी के साथ यह खोज उन सभी थ्योरियों को कमजोर कर देती है, जो कहती आई हैं कि निएंडरथल का खात्मा वातावरण के बदलावों या मानव के मानव से संघर्ष के कारण हुआ होगा। 

शोधकर्ता इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि निएंडरथल के विलुप्त होने में कई कारक शामिल रहे होंगे। हड्डियों में खोजे गए इन वायरस और अन्य जिम्मेदार कारकों के बारे में आगे होने वाली स्टडी हमें उस सत्य के और करीब ले जाएगी जो मानव प्रजाति के इतिहास की बहुत बड़ी घटना से संबंध रखता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Honor X7e Plus 5G लॉन्च हुआ 8100mAh बैटरी, 8GB रैम के साथ, जानें कीमत
  2. REDMAGIC Astra 2 जबरदस्त गेमिंग फीचर्स के साथ लॉन्च, 16GB रैम, 8300mAh बैटरी, जानें सबकुछ
  3. सरकार की नई मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम से चमक सकते हैं भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड्स
  4. iQOO 16 के साथ नया iQOO मिनी टैबलेट भी हो सकता है लॉन्च, बड़ा खुलासा
  5. Xiaomi लाई बिना बिजली, बिना Wi-Fi चलने वाला सिक्योरिटी कैमरा! सोलर पावर से लैस, जानें कीमत
  6. Nokia 300 Power Bank पेश, 45 दिन की बैटरी वाला फोन, IP65 रेटिंग समेत कई धांसू फीचर्स, जानें कीमत
  7. 17 हजार सस्ता मिल रहा Realme का 7000mAh बैटरी वाला फोन!
  8. भारत में दो नए कलर्स में पेश हुआ Infinix Note 60 Pro, जानें प्राइस
  9. टेस्ला की भारत में धीमी शुरुआत, पहले वर्ष में 500 यूनिट्स से कम की सेल्स
  10. पृथ्वी से 5 गुना बड़े नए ग्रह पर मिलेगा जीवन? 48 प्रकाशवर्ष दूर नई दुनिया ने जगाई उम्मीद
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »