• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 26 सितंबर को अंतरिक्ष में होगी बड़ी टक्‍कर, क्‍या करने वाले हैं वैज्ञानिक? जानें पूरा मामला

26 सितंबर को अंतरिक्ष में होगी बड़ी टक्‍कर, क्‍या करने वाले हैं वैज्ञानिक? जानें पूरा मामला

डिमोर्फोस से पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं है, लेकिन इस पर गतिज प्रभाव तकनीक (kinetic impact technique) का परीक्षण दुनिया में पहली बार किया जा रहा है।

26 सितंबर को अंतरिक्ष में होगी बड़ी टक्‍कर, क्‍या करने वाले हैं वैज्ञानिक? जानें पूरा मामला

नासा काफी मेहनत के बाद इस मुकाम तक पहुंची है। शुरुआत में वैज्ञानिक इस बात को लेकर अनिश्‍चित थे कि क्‍या वह इस मिशन में डिमोर्फोस को कभी ढूंढ भी पाएंगे।

ख़ास बातें
  • DART स्‍पेसक्राफ्ट जानबूझकर डिमोर्फोस में दुर्घटनाग्रस्त होगा
  • इसके लिए 26 सितंबर की तारीख तय की गई है
  • डिमोर्फोस एक छोटा एस्‍टरॉयड सैटेलाइट है, जिसे 2003 में खोजा गया है
विज्ञापन
हम रोजाना ऐसी खबरों से रू-ब-रू होते हैं कि कोई एस्‍टरॉयड, पृथ्‍वी के करीब से गुजरने वाला है। जो भी एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी के नजदीक से गुजरता है, उसके हमारे ग्रह से टकराने की संभावना होती है। भविष्‍य में ऐसी किसी भी मुसीबत से बचने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) इस महीने एक बड़ा परीक्षण करने जा रही है। लगभग 9 महीने तक अंतरिक्ष के वैक्‍यूम में यात्रा करने के बाद ‘डबल एस्‍टरॉयड रीडायरेक्‍शन टेस्‍ट' (DART) मिशन अपना असर दिखाने के लिए तैयार है। नासा का यह स्‍पेसक्राफ्ट एक ऐसी तकनीक की टेस्टिंग करने के मिशन पर निकला है, जिसका इस्‍तेमाल भविष्य में पृथ्वी की ओर आने वाले एस्‍टरॉयड को विक्षेपित करने के लिए किया जा सकता है, यानी उसकी दिशा को बदला जा सकता है। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, 26 सितंबर को DART स्‍पेसक्राफ्ट जानबूझकर डिमोर्फोस में दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा। डिमोर्फोस एक छोटा एस्‍टरॉयड सैटेलाइट है जिसे साल 2003 में खोजा गया था। यह एस्‍टरॉयड डिडिमोस का एक चंद्रमा है। डिमोर्फोस से पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं है, लेकिन इस पर गतिज प्रभाव तकनीक (kinetic impact technique) का परीक्षण दुनिया में पहली बार किया जा रहा है। इसके तहत स्‍पेसक्राफ्ट को एस्‍टरॉयड से टकराकर एस्‍टरॉयड को विक्षेपित किया जाएगा, ताकि पृथ्‍वी को सुरक्षित किया जा सके। 

नासा काफी मेहनत के बाद इस मुकाम तक पहुंची है। शुरुआत में वैज्ञानिक इस बात को लेकर अनिश्‍चित थे कि क्‍या वह इस मिशन में डिमोर्फोस को कभी ढूंढ भी पाएंगे। लेकिन DART स्‍पेसक्राफ्ट में लगाए गए कैमरे और नेविगेशन तकनीक से इस एस्‍टरॉयड को खोज लिया गया। स्‍पेसक्राफ्ट ने अब अपनी मंज‍िल को देख लिया है। नासा ने 26 सितंबर को एस्‍टरॉयड से जानबूझकर टक्‍कर करने का फैसला किया है। इससे पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं होगा। मिशन का मकसद दुनिया की पहली गतिज प्रभाव तकनीक का परीक्षण करना है।

इस एस्‍टरॉयड को खोजने के लिए जुलाई में स्‍पेसक्राफ्ट ने डिडिमोस रीकानिसन्स और एस्‍टरॉयड कैमरा फॉर ऑप्टिकल नेविगेशन (DRACO) का इस्तेमाल किया। इसने 243 इमेज खींचकर एस्‍टरॉयड की लोकेशन का पता लगाने में मदद की। उस समय स्‍पेसक्राफ्ट, डिडिमोस सिस्‍टम से 20 मिलियन मील दूर था। यह एक टेस्‍ट सफल होता है, तो भविष्‍य के लिए वैज्ञानिकों को एक नई तकनीक मिल जाएगी और किसी एस्‍टरॉयड से पृथ्‍वी को खतरा होने की स्थिति में उस तकनीक का इस्‍तेमाल किया जा सकेगा। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 4 चट्टानें आज धरती से टकराने वाली हैं? NASA ने दिया एस्टरॉयड अलर्ट
  2. Xiaomi 17T जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh हो सकती है बैटरी
  3. Xiaomi 17T भारत में होगा 4 जून को लॉन्च, जानें कैसे होंगे फीचर्स
  4. Facebook मैसेंजर पर कैसे करें सीक्रेट कन्वर्सेशन, कोई दूसरा नहीं देख पाएगा
  5. Realme 16 5G vs iQOO Neo 10 5G vs OnePlus Nord 6, जानें कौन सा फोन है बेस्ट वैल्यू फॉर मनी!
  6. Realme Buds Air8 Pro भारत में लॉन्च, 50 घंटे बैटरी, सुपर एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन फीचर, जानें कीमत
  7. Realme Watch S5 लॉन्च, 20 दिन चलेगी बैटरी, जानें क्या हैं खासियतें
  8. Apple Watch अब बताएगी नींद में सांस रुकने की समस्या, भारत में आया नया फीचर
  9. 50MP कैमरा, 8000mAh बैटरी के साथ Realme 16T 5G लॉन्च, जानें सबकुछ
  10. Portronics Vayu Nano टायर इन्फ्लेटर लॉन्च, मिनटों में भरेगा टायर में हवा, जानें सबकुछ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »