लंबे नाखून वालों के लिए वैज्ञानिक एक ऐसी नेल पॉलिश बना रहे हैं जो नाखूनों को टचस्क्रीन के साथ काम करने लायक बना सकती है।
Photo Credit: Unsplash/ June Aye
टचस्क्रीन पर काम करने वाली खास नेल पॉलिश पर वैज्ञानिकों की रिसर्च
लंबे नाखून रखने वाले यूजर्स के लिए स्मार्टफोन इस्तेमाल करना अक्सर थोड़ा मुश्किल हो जाता है, क्योंकि स्क्रीन ठीक से टच नहीं होती। अब इस समस्या का हल निकालने के लिए रिसर्चर्स एक खास तरह की नेल पॉलिश पर काम कर रहे हैं, जो नाखूनों को ही टचस्क्रीन स्टाइलस में बदल सकती है। यह रिसर्च American Chemical Society (ACS) की Spring 2026 मीटिंग में पेश की जानी है, जहां हजारों साइंटिफिक प्रेजेंटेशन शामिल हैं। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
ACS में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट कथित तौर पर लुसियाना के सेंटेनेरी कॉलेज की स्टूडेंट मानसी देसाई और उनके एडवाइजर जोशुआ लॉरेंस ने शुरू किया। दोनों ने एक ऐसी रोजमर्रा की समस्या ढूंढने की कोशिश की, जिसे केमिस्ट्री के जरिए हल किया जा सके। इसी दौरान उन्होंने नोटिस किया कि लंबे नाखून वाले लोगों को फोन इस्तेमाल करने में दिक्कत होती है। एक मेडिकल प्रोफेशनल से बातचीत के बाद यह आइडिया और मजबूत हुआ, जहां उन्होंने इस तरह के सॉल्यूशन की जरूरत जताई।
आजकल के ज्यादातर स्मार्टफोन कैपेसिटिव टचस्क्रीन पर काम करते हैं। इसमें स्क्रीन पर एक इलेक्ट्रिक फील्ड बनता है, जो उंगली जैसे कंडक्टिव ऑब्जेक्ट के संपर्क में आने पर बदलता है और डिवाइस उसे टच के तौर पर पहचानता है। लेकिन नाखून नॉन-कंडक्टिव होते हैं, इसलिए स्क्रीन कोई रिस्पॉन्स नहीं देती।
अब नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी क्लीयर नेल पॉलिश बनाने की कोशिश की, जो दिखने में सामान्य हो लेकिन हल्की कंडक्टिविटी दे सके। इसके लिए टुरीन (एक ऑर्गेनिक कंपाउंड) और इथेनॉलमाइन जैसे तत्वों का इस्तेमाल किया गया। टेस्टिंग के दौरान पाया गया कि इन दोनों का कॉम्बिनेशन स्क्रीन को टच रजिस्टर करने में मदद करता है। रिसर्चर्स का मानना है कि यह फॉर्मूला एसिड-बेस केमिस्ट्री के जरिए काम करता है, जिसमें छोटे लेवल पर चार्ज मूवमेंट होता है और स्क्रीन उसे टच के रूप में पहचान लेती है।
रिसर्च आगे बताती है कि हालांकि शुरुआती रिजल्ट्स पॉजिटिव हैं, लेकिन यह टेक्नोलॉजी अभी मार्केट के लिए तैयार नहीं है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इथेनॉलमाइन जल्दी भाप बनता है, जिससे पॉलिश का असर कुछ घंटों तक ही रहता है। इसके अलावा इसे पूरी तरह सुरक्षित और जादा देर तक टिकाऊ बनाने के लिए और रिसर्च की जरूरत है।
रिसर्च टीम अब नए कंपाउंड्स पर काम कर रही है, ताकि इसे ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके। अगर यह सफल होता है, तो यह न सिर्फ लंबे नाखून वाले यूजर्स के लिए बल्कि उन लोगों के लिए भी मददगार हो सकता है, जिनकी उंगलियों में कैलॉसेस होते हैं।
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