120 फीट का प्लेन जितना बड़ा एस्टरॉयड आ रहा है धरती की ओर!

दोनों ही एस्टरॉयड आज धरती के बेहद करीब से गुजरने वाले हैं।

120 फीट का प्लेन जितना बड़ा एस्टरॉयड आ रहा है धरती की ओर!

Photo Credit: Live Science

अंतरिक्ष एजेंसी नासा लगातार एस्टरॉयड ट्रैक करती रहती है।

ख़ास बातें
  • पृथ्वी के पास 1784 एस्टरॉयड ऐसे हैं जो कभी भी टकरा सकते हैं।
  • 150 फीट से बड़े एस्टरॉयड पृथ्वी के काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • छोटे एस्टरॉयड भी कई बार बड़ा नुकसान कर जाते हैं।
विज्ञापन
अंतरिक्ष में पृथ्वी के करीब हजारों एस्टरॉयड मौजूद हैं। ये चट्टानी टुकड़े सौरमंडल के निर्माण के समय ही स्पेस में बिखर गए थे, ऐसा कहा जाता है। इसीलिए ये ग्रहों की तरह सौरमंडल के एकलौते तारे, यानि कि सूर्य के चारों ओर चक्कर लगा रहे हैं। स्पेस एजेंसी नासा अपने अलग अलग अंतरिक्ष अभियानों के जरिए खगोलीय पिंडों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है। NASA के मुताबिक, अंतरिक्ष में 7.3 लाख चट्टानें बिखरी हुई हैं जो हमारे सौरमंडल में घूम रही हैं। इन चट्टानों में से 16 हजार हमारी धरती के काफी करीब मौजूद हैं। यानी बड़ी संख्या में पृथ्वी के चारों ओर खतरा मौजूद है। 

नासा एस्टरॉयड को लगातार ट्रैक करती है, और पृथ्वी की ओर आने वाली चट्टानों से संभावित खतरे को देखते हुए एस्टरॉयड अलर्ट जारी करती है। इसके लिए नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (JPL) नामक शाखा काम करती है। JPL के अनुसार, आज धरती की ओर 2 बड़े एस्टरॉयड आ रहे हैं। इनमें से एक एस्टरॉयड काफी बड़ा है। आइए जानते हैं इन दोनों के बारे में। 

एस्टरॉयड 2023 UV1 आज धरती की ओर हजारों किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चला आ रहा है। इसका साइज 58 फीट का है। इस भारी चट्टान के लिए नासा ने कहा है कि यह जब धरती के सबसे करीब होगा तो दोनों के बीच की दूरी 1,090,000 किलोमीटर होगी। इसके अलावा एस्टरॉयड 2023 UR1 भी आज पृथ्वी की ओर आ रहा है। इसका साइज 120 फीट का है। यह हवाई जहाज के साइज का है। यह धरती के करीब 834,000 किलोमीटर तक आने वाला है। 150 फीट से बड़े एस्टरॉयड पृथ्वी के काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। 

ऊपर बताए गए दोनों ही एस्टरॉयड आज धरती के बेहद करीब से गुजरने वाले हैं। इनसे छोटे एस्टरॉयड भी कई बार बड़ा नुकसान कर जाते हैं। NASA का कहना है कि पृथ्वी के पास मंडरा रहे 16 हजार एस्टरॉयड में से 1784 एस्टरॉयड ऐसे हैं जो कभी भी धरती से टकरा सकते हैं। क्योंकि ग्रह के गुरुत्वाकर्षण के कारण इनकी दिशा बदल जाने की संभावना काफी होती है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत से इलेक्ट्रिक कारों के एक्सपोर्ट के लिए यूरोप बना सबसे बड़ा मार्केट
  2. Deloitte के पूर्व मैनेजर ने कंपनी से चुराए 55 लाख रु. के लैपटॉप, बेचकर करने लगा ट्रेडिंग!
  3. BSNL लाई स्वतंत्रता दिवस पर गजब प्लान, 1 रुपये में नई सिम, अनलिमिटिड कॉलिंग, इंटरनेट भी!
  4. Realme P4s भारत में जल्द लॉन्च होगा 8000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग के साथ!
  5. सिंगल चार्ज में 45 घंटे चलने वाले ईयरबड्स 1MORE ने किए लॉन्च, AI ट्रांसलेशन, AI ट्रांस्क्रिप्शन जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  6. ₹11 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17, यहां खरीदने का बढ़िया मौका!
  7. iQOO 15, iQOO 15R, iQOO Neo 10 फोन ₹10 हजार तक हो गए महंगे!
  8. 7000mAh बैटरी वाला Oppo फोन मिल रहा Rs 1300 सस्ता, Flipkart पर धांसू डील
  9. Apple पर अमेरिकी सरकार का चाइनीज मेमोरी चिप्स से दूरी बनाने का प्रेशर
  10. iQOO Neo 11 Ultra में मिल सकता है 6.83 इंच डिस्प्ले, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »