• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • ISRO ने फ‍िर चौंकाया! Chandrayaan 3 के ‘PM’ को पृथ्‍वी पर वापस बुलाया, इससे क्‍या होगा? जानें

ISRO ने फ‍िर चौंकाया! Chandrayaan-3 के ‘PM’ को पृथ्‍वी पर वापस बुलाया, इससे क्‍या होगा? जानें

Chandrayaan-3 : प्रोपल्‍शन मॉड्यूल को लेकर इसरो यह मान रही थ‍ी कि वह 3 महीने काम करेगा। लेकिन अभी इसमें इतना ईंधन बाकी है कि यह कई साल काम कर सकता है।

ISRO ने फ‍िर चौंकाया! Chandrayaan-3 के ‘PM’ को पृथ्‍वी पर वापस बुलाया, इससे क्‍या होगा? जानें

Photo Credit: ISRO

चंद्रमा की कक्षा में काम करने के एक महीने से भी अधिक समय बाद प्रोपल्‍शन मॉड्यूल में 100 किलो से ज्‍यादा ईंधन बचा रहा।

ख़ास बातें
  • चंद्रयान-3 का प्रोपल्‍शन मॉड्यूल पृथ्‍वी की कक्षा में लौटा
  • इसरो ने ऐसा करके दुनिया को चौंकाया
  • अब प्रोपल्‍शन मॉड्यूल कई साल तक करता रहेगा काम
विज्ञापन
Chandrayaan-3 मिशन ने दुनियाभर में भारत और हमारी स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) को पॉपुलैरिटी दिलाई है। अब इसरो ने ऐसा कुछ किया है, जिसका किसी को भी अंदाजा नहीं था। चंद्रयान-3 का प्रोपल्‍शन मॉड्यूल यानी पीएम (PM) जो अबतक चांद का चक्‍कर लगा रहा था, इसरो ने उसे वापस पृथ्‍वी की कक्षा में पहुंचा दिया है। इसका सीधा मतलब है कि भविष्‍य में इसरो अपने स्‍पेसक्राफ्ट्स को भी पृथ्‍वी पर वापस ला सकता है। ऐसा लगता है कि इसरो को भी अंदाजा नहीं था कि उसे ऐसा कुछ करना होगा। प्रोपल्‍शन मॉड्यूल को क्‍यों पृथ्‍वी की कक्षा में लाया गया और अब यह क्‍या करेगा, आइए जानते हैं। 

पीटीआई और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रोपल्‍शन मॉड्यूल को लेकर इसरो यह मान रही थ‍ी कि वह 3 महीने काम करेगा। लेकिन अभी इसमें इतना ईंधन बाकी है कि यह कई साल काम कर सकता है। प्रोपल्‍शन मॉड्यूल का शुरुआती काम चंद्रमा की अंत‍िम कक्षा में पहुंचकर लैंडर को अलग करना था। इसके बाद इसरो ने पीएम में लगे ‘स्पेक्ट्रो-पोलरीमेट्री ऑफ हैबिटेबल प्लेनेट अर्थ' (SHAPE) को शुरू किया। अनुमान था कि यह 3 महीने चलेगा। 
 

हालांकि चंद्रमा की कक्षा में काम करने के एक महीने से भी अधिक समय बाद प्रोपल्‍शन मॉड्यूल में 100 किलो से ज्‍यादा ईंधन बचा रहा। इसरो का कहना है कि प्रोपल्‍शन मॉड्यूल में बचे ईंधन का इस्तेमाल भविष्य के मून मिशन के लिए और जानकारी जुटाने के लिए किया जाएगा। ऐसे में इसे वापस पृथ्‍वी की कक्षा में लाने का फैसला किया गया। 

रिपोर्ट के अनुसार, इसी साल 9 अक्‍टूबर को प्रोपल्‍शन मॉड्यूल को उसकी कक्षा यानी ऑर्बिट बदलने की कमांड दी गई। जिस तरह वह पृथ्‍वी से चांद की ओर गया, उसी तरह चांद से पृथ्‍वी की ओर आने लगा। 22 नवंबर को आखिरी बार प्रोपल्‍शन मॉड्यूल का ऑर्बिट बदला गया। अब यह एक ऐसी कक्षा में है, जहां सेफ है और इसे किसी सैटेलाइट या अन्‍य चीजों से खतरा नहीं है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Find X10 में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  2. Xiaomi ने लॉन्च किया 508L स्मार्ट रेफ्रिजरेटर, 55 मिनट में बनेगी बर्फ और मोबाइल कनेक्टिविटी भी!
  3. WhatsApp चैट लिस्ट होगी क्लीन, बिजनेस चैट्स जाएंगी अलग सेक्शन में!
  4. Honor के आगामी स्मार्टफोन में मिल सकती है 11,000mAh की जंबो बैटरी
  5. PS Plus Game Catalogue: अप्रैल में फ्री खेलने को मिलेंगे कई नए गेम्स, Horizon Zero Dawn भी शामिल
  6. Oppo का नया टैबलेट 8000mAh बैटरी, 12GB रैम के साथ होगा 21 अप्रैल को लॉन्च
  7. Nothing Warp App लॉन्च, अब कंप्यूटर और मोबाइल के बीच चुटकी में होगी फाइल शेयर, जानें तरीका
  8. OnePlus Pad 4 जल्द होगा भारत में लॉन्च, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  9. 70 भाषाओं के सपोर्ट के साथ Google का नया स्पीच AI लॉन्च
  10. Moto Pad 60 Pro, Pad 60 Neo हुए महंगे! कंपनी ने हजारों रुपये से बढ़ाई कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »