भारतीय पुरुषों को महिलाओं से कहीं ज्यादा है हायपरटेंशन का खतरा

Lancet रीजनल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित स्टडी में कहा गया है कि भारत में हायपरटेंशन के मरीजों में से लगभग 75 प्रतिशत का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं था

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 30 नवंबर 2022 18:28 IST
ख़ास बातें
  • हाई ब्लड प्रेशर कार्डियोवसक्युलर बीमारियों का एक बड़ा कारण होता है
  • ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों में भी यह कंट्रोल कम होने के संकेत मिले हैं
  • भारत में पिछले कुछ वर्षों में हायपरटेंशन पर कंट्रोल की दर में सुधार है

स्टडी में शामिल लोगों में से केवल एक-चौथाई का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में था

पिछले कुछ वर्षों में हायपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक नई स्टडी में पाया गया है कि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में हायपरटेंशन पर कम नियंत्रण होता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों में भी यह कंट्रोल कम होने के संकेत मिले हैं। 

Lancet रीजनल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित स्टडी में कहा गया है कि भारत में हायपरटेंशन के मरीजों में से लगभग 75 प्रतिशत का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं था। इसका मतलब है कि स्टडी में शामिल लोगों में से केवल एक-चौथाई का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में था। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हाई ब्लड प्रेशर कार्डियोवसक्युलर बीमारियों का एक बड़ा कारण होता है। इस वजह से इससे असामयिक मृत्यु और गंभीर बीमारियां होने का रिस्क बढ़ जाता है। स्टडी में शामिल रिसर्चर्स ने बताया, "भारत में हायपरटेंशन के मरीजों में से एक-चौथाई से कम का ब्लड प्रेशर कंट्रोल में था। हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में कंट्रोल की इस दर में सुधार हुआ है। इसमें क्षेत्रों के अनुसार बड़े अंतर हैं।" 

स्टडी में बताया गया है कि भारत को हायपरटेंशन को कंट्रोल करने की दर में सुधार के लिए लंबी अवधि की कम्युनिटी बेस्ड रणनीतियां और कार्यक्रम बनाने की जरूरत है। देश में हायपरटेंशन मृत्यु का एक बड़ा कारण है। हायपरटेंशन पर कंट्रोल की दर को बेहतर करने से कार्डियोवसक्युलर बीमारियों और मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। इस स्टडी में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और बोस्टन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के रिसर्चर्स शामिल थे। इस स्टडी में 2001 के बाद से उन 51 स्टडीज की समीक्षा की गई है जो भारत में हायपरटेंशन पर कंट्रोल की दरों के बारे में हुई थी।

इसमें रिसर्चर्स ने ऐसी स्टडीज पर अधिक ध्यान दिया है जिनमें कम्युनिटी के स्तर पर कंट्रोल की दरों की वास्तविक स्थिति दी गई थी। इसके साथ ही पिछले वर्षों में कंट्रोल की दरों में बदलाव की भी जांच की गई है। रिसर्चर्स का कहना है कि इस प्रकार की जांच इससे पहले नहीं हुई थी। देश में पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाएं बढ़ी हैं। हालांकि, जीवनशैली में बड़े बदलाव के कारण हायपरटेंशन जैसी बीमारियां एक बड़ी समस्या बनी हुई हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 6 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Samsung का 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी वाला जबरदस्त फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon की सेल में Samsung, Xiaomi जैसे ब्रांड्स के स्मार्ट TVs को 15,000 रुपये से कम में खरीदने का मौका
  2. Tesla के Model Y L की जल्द शुरू होगी भारत में डिलीवरी, जानें प्राइस, रेंज
  3. WhatsApp पर प्राइवेट चैट, कंपनी भी नहीं पढ़ेगी आपकी बातें! जानें क्या है Incognito Chat फीचर
  4. iBall Cinebar 560 Soundbar भारत में लॉन्च: 800W आउटपुट और Dolby Audio सपोर्ट, जानें कीमत
  5. आप Netflix देख रहे हैं, लेकिन Netflix भी आपको देख रहा है”: डिजिटल जासूसी के आरोप में घिरा प्लेटफॉर्म
  6. Amazon की समर सेल में Canon और Epson जैसे प्रमुख ब्रांड्स के प्रिंटर्स पर बड़ा डिस्काउंट
  7. Oppo Find X10 सीरीज में शामिल हो सकते हैं चार मॉडल, डिस्प्ले साइज हुए लीक
  8. Moto Tag 2 लॉन्च हुआ 600 दिन की बैटरी के साथ! स्मार्ट ट्रैकिंग फीचर्स, जानें कीमत
  9. Bitcoin ने पार किया 81,000 डॉलर का लेवल, इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने बढ़ाया इनवेस्टमेंट
  10. Flipkart SASA LELE Sale: Pixel 10a से लेकर Galaxy S25 FE 5G जैसे 50 हजार वाले फोन पर जबरदस्त डिस्काउंट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.