हर साल कितने उल्‍कापिंड टकराते हैं पृथ्‍वी से? आपको यह आंकड़ा जान लेना चाहिए

पर, ऐसा बहुत कम होता है कि अंतरिक्ष से कोई विशाल चीज पृथ्वी की सतह से टकराती हो। आमतौर पर पृथ्वी पर गिरने वाली चट्टानें बहुत छोटी होती हैं और उनमें से कुछ पृथ्‍वी तक पहुंच पाती हैं।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 29 अगस्त 2022 11:34 IST
ख़ास बातें
  • यह जानना असंभव है कि हर साल कितने उल्‍कापिंड समुद्र में गिरते हैं
  • मोंटेवीडियो यूनिवर्सिटी में खगोलशास्त्री गोंजालो टैनक्रेडी का अनुमान
  • पृथ्‍वी से ज्‍यादा चट्टानें चंंद्रमा पर गिरती हैं

इनसे पृथ्‍वी पर मौजूद जीवों को कोई खतरा नहीं होता।

क्‍या आप जानते हैं हमारे सौरमंडल के सबसे छोटे मेंबर कौन हैं? उल्‍कापिंडों (Meteoroids) का नाम तो सुना ही होगा। ये हमारे सौरमंडल के सबसे छोटे मेंबर हैं। हमने कई खबरों में आपको आकाश में होने वाली उल्‍कापिंडों की ‘बरसात' के बारे में बताया है। यह एक तरह की चट्टानें हैं, जो पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही जलने लगती हैं। इससे आसमान में रोशनी पैदा होती है। उसे ही उल्‍का (meteor) कहा जाता है। कई उल्‍कापिंड अपनी यात्रा के दौरान पूरे नहीं जल पाते और उनके अवशेष पृथ्‍वी तक पहुंच जाते हैं। पर क्‍या आप जानते हैं कि हर साल कितने उल्कापिंड पृथ्वी की सतह से टकराते हैं? 

लाइवसाइंस की रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों का अनुमान है कि लगभग 10 हजार उल्कापिंड हर साल पृथ्‍वी से टकराते हैं। पर, ऐसा बहुत कम होता है कि अंतरिक्ष से कोई विशाल चीज पृथ्वी की सतह से टकराती हो। आमतौर पर पृथ्वी पर गिरने वाली चट्टानें बहुत छोटी होती हैं और उनमें से कुछ पृथ्‍वी तक पहुंच पाती हैं। इनसे पृथ्‍वी पर मौजूद जीवों को कोई खतरा नहीं होता। हालांकि पृथ्‍वी पर हर साल जितने उल्‍कापिंडा टकराते हैं, वह चंद्रमा के मुकाबले बाल्‍टी में पानी की एक बूंद के बराबर है। चंद्रमा पर हर साल कई तरह की चट्टानें आकर टकराती हैं। इनका साइज 11 से 1100 टन तक होता है। 

उरुग्वे की मोंटेवीडियो यूनिवर्सिटी में खगोलशास्त्री गोंजालो टैनक्रेडी ने कहा कि ‘पृथ्वी पर ज्‍यादातर उल्कापिंड' धूमकेतु से रिलीज की गई धूल से जुड़ी उल्का वर्षा (meteor showers) से आते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अनुमान लगाने के लिए कि हर साल कितने उल्कापिंड सफलतापूर्वक पृथ्वी से टकराते हैं, टैनक्रेडी ने मौसम विज्ञान सोसायटी के आंकड़ों का विश्लेषण किया। 

हालांकि यह जानना असंभव है कि हर साल कितने उल्‍कापिंड समुद्र में गिरते हैं। टैनक्रेडी ने बताया कि लगभग 33 फीट (10 मीटर) चौड़ी अंतरिक्ष चट्टानों के हर 6 से 10 साल में पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने की उम्मीद है। रूस में ऐसी ही एक घटना साल 1908 में हुई थी, जिसे तुंगुस्का इवेंट कहा जाता है। ऐसा हर 500 साल में एक बार ही होता है। 

 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus 16 हो सकता है अक्टूबर में लॉन्च, स्पेसिफिकेशंस का हो गया खुलासा
  2. Vivo X300 E लॉन्च: फ्लैगशिप प्रोसेसर, 7,200mAh बैटरी और 512GB तक स्टोरेज के साथ आया स्मार्टफोन
  3. Redmi 17 4G लॉन्च होगा 50MP दो कैमरा, 7500mAh बैटरी के साथ! फुल स्पेसिफिकेशंस लीक
  4. Vivo T5e भारत में लॉन्च: कंपनी का दावा, 4 साल तक बनी रहेगी बैटरी हेल्थ, कीमत ₹15 हजार से कम
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo T5e भारत में लॉन्च: कंपनी का दावा, 4 साल तक बनी रहेगी बैटरी हेल्थ, कीमत ₹15 हजार से कम
  2. Cockroach पार्टी के बाद E20 Janta Party: चंद दिनों में 1.5 लाख के पार पहुंचे फॉलोअर्स
  3. OnePlus 16 हो सकता है अक्टूबर में लॉन्च, स्पेसिफिकेशंस का हो गया खुलासा
  4. Vivo X300 E लॉन्च: फ्लैगशिप प्रोसेसर, 7,200mAh बैटरी और 512GB तक स्टोरेज के साथ आया स्मार्टफोन
  5. सरकार हुई सख्त, अब देश का टेलीकॉम डाटा नहीं जाएगा विदेशों में, घरेलू डेटा सेंटर में करना होगा स्टोर
  6. Paper Leak को क्या Fix कर पाएंगे Infosys और Aadhaar प्रोजेक्ट से जुड़े नंदन नीलेकणी? Exam Task Force की कमान संंभालेंगे
  7. 10001mAh बैटरी वाले Realme स्मार्टफोन पर बंपर डिस्काउंट, ऐसे मिलेगी बेस्ट डील
  8. एक Powerbank में 3 काम! Stuffcool Omni Pro एक साथ चार्ज करेगा फोन, स्मार्टवॉच और ईयरबड्स
  9. ट्रेन की गंदी चादरों पर AI का पहरा, IRCTC का सिस्टम सेकेंडों में ढूंढ़ेगा दाग
  10. उंगली के नाखून जितना फैन आया, जानें कहां होगा इस्तेमाल और कितना करेगा ठंडा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.