धरती, चांद, और मंगल से पहली बार एक साथ टकराया सौर तूफान! जानें क्या हुआ इसका असर

सौरतूफानों के समय सूर्य से जो कण बाहर फूटते हैं, उनमें इतनी ज्यादा ऊर्जा होती है कि ये आसानी से धरती के चुम्बकीय कवच को पार कर जाते हैं।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 5 अगस्त 2023 13:55 IST
ख़ास बातें
  • मंगल पर वायुमंडल की एक पतली परत पाई जाती है।
  • 700 मिलीग्रे से ज्यादा की रेडिएशन अंतरिक्ष यात्रियों को बीमार कर सकती है।
  • सौरतूफान भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों पर डाल सकते हैं असर।

2023 की शुरुआत से लेकर अब तक कई सौर तूफान पृथ्वी से टकरा चुके हैं।

2023 में सौर तूफान बहुत ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। ये पृथ्वी के तापमान को बढ़ा रहे हैं। यह तापमान धरती के ऊपरी, या बाहरी वायुमंडल, जिसे थर्मोस्फीयर (thermosphere) कहते हैं, में तेजी से बढ़ा है। 2023 की शुरुआत से लेकर अब तक कई सौर तूफान पृथ्वी से टकरा चुके हैं। जिन्होंने थर्मोस्फीयर को इतना गर्म अभी से कर दिया है, जितना यह अगले 20 सालों में होने वाला था। सोलर स्टॉर्म, सौर तूफान, या जियोमेग्नेटिक स्टॉर्म ऐसे तूफान होते हैं जो सूर्य की सतह से निकलते हैं। सूर्य के लिए 2023 इसकी साइकिल का 11 वां साल है। हर 11 साल में सूर्य की सतह पर होने वाली गतिविधियों में दोगुनी तेजी आती है। हर 11 साल में सूर्य एक साइकल पूरी करता है। यह सूर्य की 25वीं साइकल का समय है। इसमें परिणाम यह होता है कि सूर्य की सतह से ऊर्जा के तूफान फूटते हैं, जिनका असर सौरमंडल के ग्रहों पर बहुत ज्यादा पड़ता है।

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने 28 अक्टूबर 2021 को पहली बार एक सौरतूफान के बारे में पता लगाया था जिसने धरती और चंद्रमा को एक साथ प्रभावित किया था। Independent की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्य से उठा यह सौरतूफान इतने बड़े एरिया में फैला था कि मंगल और धरती तक एकसाथ पहुंचा था असर। Geographical Research Letters में एक नई स्टडी प्रकाशित हुई है। यह बताती है कि कैसे पहली बार धरती, चंद्रमा और मंगल पर एक साथ सौरतूफान टकराया। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटना थी, क्योंकि इस घटना का प्रभाव चांद और मंगल के भावी मिशनों पर पड़ने वाला था। 

सौरतूफानों के समय सूर्य से जो कण बाहर फूटते हैं, उनमें इतनी ज्यादा ऊर्जा होती है कि ये आसानी से धरती के चुम्बकीय कवच को पार कर जाते हैं। यह मेग्नेटिक परत हमें कम ऊर्जा वाले सौर तूफानों से बचाती रहती है। चंद्रमा और मंगल का अपना खुद का कोई मेग्नेटिक फील्ड नहीं है। इसलिए सौर कण बहुत आसानी से इनकी सतह पर पहुंच जाते हैं। सतह पर पहुंच कर ये मिट्टी के कणों के साथ क्रिया करके सेकंडरी रेडिएशन पैदा करते हैं। 

यूरोपियन स्पेस एजेंसी का कहना है कि मंगल पर वायुमंडल की एक पतली परत जरूर पाई जाती है। यह कम ऊर्जा वाले कणों को सतह पर पहुंचने से रोक लेती है, जबकि ज्यादा ऊर्जा वाले सौर कणों को धीमा कर देती है। चूंकि चंद्रमा और मंगल मनुष्य के लिए अंतरिक्षीय खोज का अहम हिस्सा हैं, इसलिए सौर तूफानों के प्रभाव को समझना बहुत जरूरी है। रिपोर्ट के अनुसार, 700 मिलीग्रे से ज्यादा की रेडिएशन अंतरिक्ष यात्रियों को बीमार कर सकती है। यह बोन मैरो को खराब कर सकती है जिसके कारण कोई भी इंफेक्शन या इंटरनल ब्लीडिंग शुरू हो सकती है। ऐसे में अगर भविष्य में सौर तूफान मंगल और चंद्रमा को इसी तरह प्रभावित करते हैं तो स्पेस मिशनों पर भी इसका प्रभाव पड़ना तय है।  
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Google का फ्लैगशिप स्मार्टफोन हुआ 13 हजार से भी ज्यादा सस्ता, ऐसे खरीदें
  2. CES 2026: ग्लोबल मंच में भारतीय EV ब्रांड का दमखम! अब बिना रेयर अर्थ चलेगी इलेक्ट्रिक बाइक
  3. Spotify लाया गजब का फीचर, आप ये देख पाएंगे कि आपका दोस्त सुन रहा है कौन सा गाना
  4. OnePlus Turbo 6 सीरीज हुई लॉन्च: जानें 9000mAh बैटरी, 16GB तक रैम वाले मिड-रेंज स्मार्टफोन्स की कीमत
  5. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में सबसे आगे निकला नॉर्वे, कारों की बिक्री में 96 प्रतिशत EV
  6. गजब का सोलर चार्जर, डिवाइस को चार्ज करने के लिए आपके आगे-पीछे घूमेगा, जहां दिखेगी अच्छी धूप वहां करेगा खुद को
  7. Oppo Pad 5 हुआ 10050mAh बैटरी के साथ लॉन्च, साथ में खास पेंसिल का भी मिलेगा सपोर्ट, जानें सबकुछ
  8. Amazfit Active Max स्मार्टवॉच भारत में लॉन्च होगी 25 दिन बैटरी के साथ, जानें फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में सबसे आगे निकला नॉर्वे, कारों की बिक्री में 96 प्रतिशत EV
  2. Honor Magic 8 Pro Air जल्द होगा लॉन्च, 5,500mAh हो सकती है बैटरी
  3. OnePlus Turbo 6 सीरीज हुई लॉन्च: जानें 9000mAh बैटरी, 16GB तक रैम वाले मिड-रेंज स्मार्टफोन्स की कीमत
  4. इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए इस इस्लामिक देश ने दी क्रिप्टो माइनिंग को मंजूरी....
  5. Crypto को लेकर फिर सख्त हुई सरकार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताई बड़ी परेशानी
  6. CES 2026: ग्लोबल मंच में भारतीय EV ब्रांड का दमखम! अब बिना रेयर अर्थ चलेगी इलेक्ट्रिक बाइक
  7. itel Zeno 20 Max भारत में लॉन्च: Rs 6 हजार में मिलिट्री ग्रेड मजबूती, 5000mAh बैटरी और 90Hz डिस्प्ले!
  8. हो गया कमाल! स्मार्टवॉच से निकलेंगे ईयरबड्स, Ai+ ने लॉन्च की NovaWatch, जानें खास फीचर्स
  9. 6,500mAh की बैटरी के साथ इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च हुआ Poco M8 Pro 5G, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  10. Oppo Pad 5 हुआ 10050mAh बैटरी के साथ लॉन्च, साथ में खास पेंसिल का भी मिलेगा सपोर्ट, जानें सबकुछ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.