• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • Elon Musk की कंपनी ढूंढ रही ऐसे लोग, जिनके दिमाग में लगाई जा सके ‘चिप’, जानें पूरा मामला

Elon Musk की कंपनी ढूंढ रही ऐसे लोग, जिनके दिमाग में लगाई जा सके ‘चिप’, जानें पूरा मामला

Elon Musk Neuralink : कंपनी ऐसे लोगों की तलाश कर रही है, जो पैरालाइसिस की चपेट में हैं

Elon Musk की कंपनी ढूंढ रही ऐसे लोग, जिनके दिमाग में लगाई जा सके ‘चिप’, जानें पूरा मामला

न्यूरालिंक ऐसी डिवाइस मार्केट में लाना चाहती है, जो कंप्‍यूटर, मोबाइल फोन को सीधे मस्तिष्‍क की गतिविधि से कंट्रोल कर सकेगी।

ख़ास बातें
  • न्‍यूूरालिंकको मिली ह्यूमन ट्रायल के लिए मंजूरी
  • 6 साल के लिए स्‍टडी में भाग लेना होगा
  • लोगों के दिमाग में एक चिप लगाना चाहती है कंपनी
विज्ञापन
टेस्‍ला (Tesla) और एक्‍स (X) के मालिक एलन मस्‍क (Elon Musk) अपनी नई कंपनी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनके स्‍टार्टअप ‘न्यूरालिंक' (Neuralink) ने ऐलान किया है कि उसे पहले ह्यूमन ट्रायल के लिए मरीजों की भर्ती शुरू करने को लेकर एक इंडिपेंडेंट रिव्‍यू बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ऐसे लोगों की तलाश कर रही है, जो पैरालाइसिस की चपेट में हैं और अगले 6 साल के लिए स्‍टडी में भाग लेने, दिमाग में एक चिप लगवाने और उसकी टेस्टिंग के लिए तैयार हैं।   

न्यूरालिंक ऐसी डिवाइस मार्केट में लाना चाहती है, जो कंप्‍यूटर, मोबाइल फोन को सीधे मस्तिष्‍क की गतिविधि से कंट्रोल कर सकेगी। यानी आप सिर्फ सोचकर अपना स्‍मार्टफोन चला सकेंगे। इस डिवाइस का सबसे ज्‍यादा फायदा दिव्यांग लोगों और पैरालाइसिस की चपेट में आए लोगों को होगा। 

न्‍यूरालिंक का कहना है कि उसका मकसद न्यूरोलॉजिकल विकारों से पीड़ित लोगों के लिए जीवन को आसान बनाना है। इसमें उसे कितनी सफलता मिलेगी, इसका अनुमान अभी नहीं लगाया जा सकता। इसी साल फरवरी में पता चला था कि चिप को बंदरों पर प्रयोग किया गया था और कई बंदरों की मौत हो गई थी। कंपनी पर पशु-क्रूरता के आरोप लगे थे। हालांकि मस्‍क ने आरोपों को खारिज कर दिया था।  

न्यूरालिंक के प्रोजेक्‍ट पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। ह्यूमन ट्रायल के दौरान कोई हादसा होता है, तो कंपनी को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। कंपनी का प्रोजेक्‍ट काफी देरी से बढ़ रहा है। एलन मस्‍क चाहते थे कि साल 2020 तक न्‍यूरालिंक को इंसानों पर ट्रायल करने के लिए जरूरी मंजूरी मिल जाए, लेकिन इसमें 3 साल की देरी हुई है। 

इसी साल मई में कंपनी को इंसानों पर टेस्‍ट की मंजूरी दी गई थी। अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन (FDA) ने उसे इन-ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल के लिए हरी झंडी दे थी, जिसकी शुरुआत अब जाकर होने जा रही है।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में सबसे आगे निकला नॉर्वे, कारों की बिक्री में 96 प्रतिशत EV
  2. Honor Magic 8 Pro Air जल्द होगा लॉन्च, 5,500mAh हो सकती है बैटरी
  3. OnePlus Turbo 6 सीरीज हुई लॉन्च: जानें 9000mAh बैटरी, 16GB तक रैम वाले मिड-रेंज स्मार्टफोन्स की कीमत
  4. इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए इस इस्लामिक देश ने दी क्रिप्टो माइनिंग को मंजूरी....
  5. Crypto को लेकर फिर सख्त हुई सरकार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताई बड़ी परेशानी
  6. CES 2026: ग्लोबल मंच में भारतीय EV ब्रांड का दमखम! अब बिना रेयर अर्थ चलेगी इलेक्ट्रिक बाइक
  7. itel Zeno 20 Max भारत में लॉन्च: Rs 6 हजार में मिलिट्री ग्रेड मजबूती, 5000mAh बैटरी और 90Hz डिस्प्ले!
  8. हो गया कमाल! स्मार्टवॉच से निकलेंगे ईयरबड्स, Ai+ ने लॉन्च की NovaWatch, जानें खास फीचर्स
  9. 6,500mAh की बैटरी के साथ इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च हुआ Poco M8 Pro 5G, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  10. Oppo Pad 5 हुआ 10050mAh बैटरी के साथ लॉन्च, साथ में खास पेंसिल का भी मिलेगा सपोर्ट, जानें सबकुछ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »