400km ऊपर अंतरिक्ष में चीनी वैज्ञानिकों को मिला यह रहस्यमय सूक्ष्म जीव!

वैज्ञानिकों का कहना है कि नए बैक्टीरिया में एक अनोखी क्षमता है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 24 मई 2025 21:46 IST
ख़ास बातें
  • नया स्ट्रेन Niallia circulans के जैसा है जो कि धरती पर पाया जाता है।
  • वैज्ञानिकों का कहना है कि नए बैक्टीरिया में एक अनोखी क्षमता है।
  • यह स्ट्रेन शेनझोउ 15 मिशन के दौरान पाया गया था।

चीन के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक नए बैक्टीरिया के बारे में पता चला है।

Photo Credit: OriginSpace2

चीन के वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में एक नए बैक्टीरिया के बारे में पता चला है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया की इस नई प्रजाति को खोजा है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ सिस्टेमैटिक एंड इवॉल्यूशनरी माइक्रोबायोलॉजी में एक पेपर प्रकाशित किया गया है। जिसके मुताबिक नए बैक्टीरिया स्ट्रेन को Niallia tiangongensis नाम दिया गया है। यह स्ट्रेन शेनझोउ 15 मिशन के दौरान तियांगोंग की सतहों से एकत्र किए गए सूक्ष्मजीव नमूनों में पाया गया था, जो जून 2023 में पृथ्वी पर वापस आया था। 

नए बैक्टीरिया को एरोबिक, बीजाणु बनाने वाला और रॉड के आकार का जीवाणु बताया गया है। यह पहली बार है जब लोअर अर्थ ऑर्बिट में तीन मॉड्यूल वाले अंतरिक्ष स्टेशन तियांगोंग पर एक नई प्रजाति की खोज की गई है। पेपर कहता है कि नया स्ट्रेन Niallia circulans के जैसा है जो कि धरती पर पाया जाता है। लेकिन इसमें कई म्यूटेशन हो चुके हैं जो अंतरिक्ष में जीवन के अध्ययन में लाभदायक साबित हो सकते हैं। Science Alert के अनुसार, पेपर में कहा गया है कि लम्बी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों के दौरान सूक्ष्मजीवों की विशेषताओं को समझना अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और अंतरिक्ष यान की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि नए बैक्टीरिया में एक अनोखी क्षमता है। यह gelatine को तोड़ सकता है और यह ऐसे वातावरण में बहुत लाभकारी हो सकता है जहां पर पर पोषक तत्व बहुत सीमित मात्रा में उपलब्ध हों। नए स्ट्रेन ने दो प्रमुख प्रोटीनों में संरचनात्मक और कार्यात्मक अंतर भी दिखाया है, जो बायोफिल्म निर्माण, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस रेस्पॉन्स और रेडिएशन डैमेज की रिपेअरिंग को बढ़ा सकता है। ये एडेप्टेशन दर्शाते हैं कि इस सूक्ष्म जीव ने अंतरिक्ष पर्यावरण की चरम स्थितियों में जीवित रहने के लिए एक सिस्टम विकसित कर लिया है।

हालांकि अभी इस बात का पुख्ता रूप से पता किया जाना बाकी है कि क्या नया बैक्टीरिया तियांगोंग के अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा पैदा करता है या नहीं। अंतरिक्ष स्टेशनों पर कौन से बैक्टीरिया जीवित रहते हैं, इसकी स्टडी यह समझने के लिए जरूरी है कि बोर्ड पर दूषितकरण को कैसे कंट्रोल किया जाए और कैसे टाला जाए। यह पहली बार नहीं है जब अंतरिक्ष में कोई नई प्रजाति खोजी गई है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से पहले भी कई नए बैक्टीरिया की पहचान की जा चुकी है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. YouTube में आए दो कमाल के फीचर्स, अब वीडियो में टाइम भी बचेगा, और मिलेगा ज्यादा कंट्रोल, जानें कैसे
  2. Sony Xperia 1 VIII में नए कलर्स के साथ मिल सकता है अलग कैमरा लेआउट
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत के लग्जरी इलेक्ट्रिक कार मार्केट में BMW की बढ़ी हिस्सेदारी, पहली तिमाही में 1,185 यूनिट्स की बिक्री
  2. YouTube में आए दो कमाल के फीचर्स, अब वीडियो में टाइम भी बचेगा, और मिलेगा ज्यादा कंट्रोल, जानें कैसे
  3. Mac में छिपा ‘टाइम बॉम्ब’! 49 दिन बाद ऐप्स करना बंद कर सकते हैं काम, जानें बचने का तरीका
  4. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकती है 4,700mAh की बैटरी, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  5. एक मैसेज और PF की पूरी जानकारी आपके हाथ में! इतना आसान तरीका शायद नहीं जानते होंगे
  6. Infinix Hot 70 में मिल सकता है MediaTek Helio G99 चिपसेट, गूगल प्ले कंसोल पर लिस्टिंग
  7. AI+ ने भारत में लॉन्च किया 8000mAh बैटरी, 10.95 इंच डिस्प्ले वाला बजट टैबलेट, जानें कीमत
  8. OnePlus Nord 6 की सेल शुरू, 9000mAh बैटरी वाले फोन को Rs 2,000 सस्ता खरीदने का मौका!
  9. LG, Samsung, Xiaomi स्मार्ट TV पर फ्री नहीं देख पाएंगे टीवी चैनल! बदलने जा रहे नियम
  10. नए घरेलू PNG कनेक्शन के लिए ऑनलाइन कैसे करें आवेदन
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.