आज पृथ्‍वी से टकरा सकता है बड़ा सोलर फ्लेयर, क्‍या हमें अलर्ट रहना चाहिए?

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा चेतावनी दे चुकी है कि विशाल सौर विस्‍फोटों के बार-बार होने की संभावना है। यह विस्‍फोट और इनमें बढ़ोतरी साल 2025 तक जारी रहेगी।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 29 अगस्त 2022 17:22 IST
ख़ास बातें
  • 26 अगस्‍त को सोलर फ्लेयर्स के एक बैच को आगे बढ़ते हुए देखा गया
  • एक ताकतवर सोलर फ्लेयर आज पृथ्‍वी से टकरा सकता है
  • हालांकि पृथ्‍वी पर इसका कोई असर नहीं होगा, कुछ शानदार नजारे जरूर दिखेंगे

‘सनस्पॉट AR3089’ ‘एम’ क्‍लास सोलर फ्लेयर्स की सीरीज के तौर पर आगे बढ़ रहा है।

हमारे सूर्य में पिछले कुछ महीनों से लगातार तूफान आ रहे हैं। हाल ही में 26 अगस्‍त को सोलर फ्लेयर्स (solar flares) के एक और बैच को पृथ्‍वी की ओर बढ़ते हुए देखा गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ‘सनस्पॉट AR3089' ‘एम' क्‍लास सोलर फ्लेयर्स की सीरीज के तौर पर आगे बढ़ रहा है। नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, एक विशाल सोलर फ्लेयर को ऑब्‍जर्व किया गया है। दरअसल, हमारा सूर्य अपने 11 साल के चक्र से गुजर रहा है। यह बहुत अधिक एक्टिव फेज में है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) चेतावनी दे चुकी है कि विशाल सौर विस्‍फोटों के बार-बार होने की संभावना है। यह विस्‍फोट और इनमें बढ़ोतरी साल 2025 तक जारी रहेगी। 

इसके अलावा, नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने भी चेतावनी दी है कि एक ताकतवर सोलर फ्लेयर आज यानी 29 अगस्त को पृथ्वी से टकरा सकता है। हाल ही में इसका उत्‍सर्जन कोरोनल मास इजेक्‍शन यानी CME से हुआ है। CME, सौर प्लाज्मा के बड़े बादल होते हैं। सौर विस्फोट के बाद ये बादल अंतरिक्ष में सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड में फैल जाते हैं। जब इनकी दिशा की पृथ्‍वी की ओर होती है, तो यह जियो मैग्‍नेटिक यानी भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। इनकी वजह से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है। इनका असर ज्‍यादा होने पर ये पृथ्‍वी की कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को भी खतरे में डाल सकते हैं।

जब सोलर फ्लेयर्स पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराते हैं, तो इससे भी रेडियो कम्‍युनिकेशन और पावर ग्रिड प्रभावित होते हैं। यह कई घंटों या दिनों तक बिजली और रेडियो ब्लैकआउट की वजह बन सकते हैं। हालांकि, बिजली ग्रिड फेल होने की समस्या तभी होती है जब सोलर फ्लेयर बहुत बड़ा हो। हालांकि पृथ्‍वी पर रहने वाले लोगों पर इनका कोई असर नहीं होता।

सौर तूफान सुनने में एक खतरनाक चीज लगती है, लेकिन पृथ्‍वी पर रहने वालों के लिए यह शानदार आकाशीय घटनाओं की वजह बनती है। इससे ऑरोरा दिखाई देते हैं। सूर्य से निकलने वाले तूफानों को उनकी तीव्रता के हिसाब से क्‍लासिफाई किया जाता है। सबसे कमजोर सौर तूफान- ए-क्लास, बी-क्लास और सी-क्लास में आते हैं। एम-क्लास के तूफान सबसे ताकतवर होते हैं और इनके हमारी पृथ्‍वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराने की संभावना बनी रहती है।
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus Nord CE 6 vs Motorola Edge 70 Fusion vs Vivo Y400 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. दुनिया अभी 5G में उलझी है, चीन ने 6G की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम
  2. बच्चों के क्रेयॉन जैसी दिखने वाली Pen Drive! SanDisk Crayola USB-C भारत में लॉन्च
  3. Lyne Startup 70, Startup 68 TWS ईयरबड्स लॉन्च, साथ में Startup 80 कार चार्जर ने भी दी दस्तक, जानें
  4. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकती है 200 मेगापिक्सल की ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  5. HP OmniBook Ultra 2026 लैपटॉप हुआ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  6. HMD Vibe 2 5G की इंडिया लॉन्च डेट कन्फर्म, इस दिन आ रहा है 6000mAh बैटरी और AI कैमरा वाला फोन
  7. HP OmniPad 12 भारत में लॉन्च: 18 घंटे की बैटरी, डिटैचेबल कीबोर्ड के साथ आया नया टैबलेट
  8. Samsung ने शुरू किया सर्टिफाइड री-न्यूड प्रोग्राम, सस्ते में मिल रहे प्रीमियम Galaxy स्मार्टफोन्स
  9. Forza Horizon 6 का इंतजार कर रहे थे? रिलीज से पहले ही लीक हो गया गेम
  10. Amazon Great Summer Sale: 20K में आने वाले स्मार्टफोन पर जबरदस्त डिस्काउंट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.