Aditya L1 Mission : ‘आदित्‍य’ ने पृथ्‍वी की कक्षा को कहा ‘बाय-बाय’, चला सूर्य से नजरें मिलाने!

Aditya L1 Mission : अब यह ट्रांस-लैग्रेंजियन पॉइंट-1 की ओर बढ़ रहा है, जो पृथ्‍वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 19 सितंबर 2023 11:40 IST
ख़ास बातें
  • आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट नई कक्षा की ओर रवाना
  • 110 दिनों बाद मंजिल पर पहुंचने की उम्‍मीद
  • इसरो ने पांचवीं बार किया कक्षा में बदलाव

इसरो ने एक पोस्‍ट में बताया है कि आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट को अपनी मंजिल में पहुंचने में करीब 110 दिन लगेंगे।

Photo Credit: ISRO

भारत के पहले सौर मिशन आदित्‍य एल-1 (Aditya L1) की पृथ्वी की कक्षा परिवर्तन (orbit change) से जुड़ी चौथी और आखिरी प्रक्रिया मंगलवार की सुबह सफलता के साथ पूरी कर ली गई। इसके साथ ही 2 सितंबर से पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगा रहा ‘आदित्य-एल1' स्‍पेसक्राफ्ट एक नई कक्षा में दाखिल हो गया है। अब यह ट्रांस-लैग्रेंजियन पॉइंट-1 की ओर बढ़ रहा है, जो पृथ्‍वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने यह जानकारी शेयर की है। 

इसरो ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्‍ट में बताया है कि आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट को अपनी मंजिल में पहुंचने में करीब 110 दिन लगेंगे। लैग्रेंजियन पॉइंट हमारे सौर मंडल में सूर्य और पृथ्‍वी के बीच ऐसी जगह है, जहां गुरुत्वाकर्षण बल संतुलित होता है। इससे वहां कोई भी सैटेलाइट को रोका जा सकता है। 
Advertisement

एक्‍स पर पोस्‍ट में इसरो ने लिखा, “सूर्य-पृथ्वी एल1 पॉइंट की तरफ रवाना! स्‍पेसक्राफ्ट अब एक प्रक्षेप पथ पर है, जो उसे सूर्य-पृथ्वी एल1 पॉइंट पर ले जाएगा। इसे लगभग 110 दिनों के बाद एक प्रक्रिया जरिए एल1 के आसपास की ऑ‍र्बिट में स्थापित किया जाएगा।”
 

इसरो ने यह भी बताया है कि यह लगातार पांचवीं बार है, जब भारतीय स्‍पेस एजेंसी ने किसी चीज को स्‍पेस में किसी ओर सफलता के साथ ट्रांसफर किया है। आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड ऑब्‍जर्वेट्री को साथ ले जा रहा है, जो लैग्रेंजियन पॉइंट (एल-1) में रहकर सूर्य के बाहरी वातावरण को स्‍टडी करेगी। 

इस महीने की 2 तारीख को आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया गया था। इसमें लगे सभी इंस्‍ट्रूमेंट्स स्‍वेदशी हैं और सूर्य को स्‍टडी करेंगे। इनकी वजह से भारत को सूर्य में हो रही गतिविधियों का रियल टाइम पता चल पाएगा। इसरो को उम्‍मीद है कि आदित्‍य ऑब्‍जर्वेट्री से उसे सूर्य से संबंधित महत्‍वपूर्ण डेटा हासिल होगा और सौर गतिविधियों को लेकर नई जानकारी मिलेगी। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
  2. Lava Bold N4 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹22000 सस्ता मिल रहा Samsung का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, जानें क्या है पूरा ऑफर
  2. Lava Bold N4 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
  3. Airtel vs Jio vs Vi: 365 दिनों की वैधता के साथ किसका प्लान है ज्यादा बेहतर
  4. MSI Cyborg 15 Max C2W, C13W गेमिंग लैपटॉप भारत में पेश, जानें कैसे हैं गजब फीचर्स
  5. Instagram पर बदल गया पोस्ट दिखाने का तरीका, अब टैग्ड पोस्ट भी आएंगी मुख्य प्रोफाइल पर नजर
  6. iPhone 18 Pro Max vs Oppo Find X9 Ultra vs Vivo X300 Ultra: जानें कौन सा फ्लैगशिप है बेस्ट?
  7. 10,000mAh बैटरी वाले Redmi Note 17 Pro और Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा, 15 सितंबर को होंगे भारत में लॉन्च
  8. AI से जाएगी अनगिनत लोगों की जान, Anthropic के AI रिसर्चर ने नौकरी छोड़ी, बताया सभ्यता पर बड़ा खतरा
  9. Poco X8 5G और X8 Power 5G की सेल लाइव; 10,000mAh तक बैटरी, कीमत ₹30 हजार से शुरू
  10. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.