Xiaomi-ED मामला : कंपनी का आरोप, उसके अफसरों को दी गई मारपीट की धमकी

कंपनी पर आरोप है कि उसने विदेशों में संदिग्ध रॉयल्टी भुगतान के लिए लगभग 725 मिलियन डॉलर भेजे थे।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 10 मई 2022 11:01 IST
ख़ास बातें
  • एक कोर्ट फाइलिंग में यह दावा किया गया है
  • कंपनी के टॉप एग्‍जीक्‍यूटिव्‍स को शारीरिक हिंसा की धमकी दी गई
  • हालांकि ईडी ने इन आरोपों को झूठा बताया है

4 मई की इस कोर्ट फाइलिंग ने मामले में नया मोड़ ला दिया है।

चीनी टेक दिग्‍गज, शाओमी इंडिया (Xiaomi) देश में कानूनी अड़चनों का सामना कर रही है। उसके खिलाफ रॉयल्‍टी पेमेंट्स की जांच चल रही है। कंपनी ने मामले की जांच कर रही सरकारी एजेंसी पर शारीरिक हिंसा की धमकी देने का आरोप लगाया है। एक कोर्ट फाइलिंग में यह दावा किया गया है। इसके मुताबिक, भारत के फाइनेंशियल क्राइम वॉचडॉग द्वारा एक जांच के दौरान कंपनी के टॉप एग्‍जीक्‍यूटिव्‍स को शारीरिक हिंसा की धमकी दी गई। कंपनी ने यह आरोप भी लगाया है कि एजेंसी ने उस पर शिकंजा कसने के लिए अन्‍यायपूर्ण तरीका इस्‍तेमाल किया। 

शाओमी की ओर से देश के प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सबसे पहले रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कोर्ट डॉक्‍युमेंट्स में शाओमी की तरफ से कहा गया है कि इंडिया में उसके पूर्व मैनेजिंग डायरेक्‍टर और मौजूदा चीफ फाइनेंशियल ऑफ‍िसर दोनों से पूछताछ के दौरान गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। आरोप है कि ईडी दोनों को कुछ डॉक्‍युमेंट्स जमा करने के लिए मजबूर कर रही थी। हालांकि ईडी ने इन दावों को झूठा बताया है। उसने कहा है कि Xiaomi के दावे झूठे और निराधार हैं। उसने कहा है कि कंपनी के अधिकारियों ने बेहद अनुकूल माहौल में अपनी इच्‍छा से गवाही दी थी। 

4 मई की इस कोर्ट फाइलिंग ने मामले में नया मोड़ ला दिया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने विदेशों में संदिग्ध रॉयल्टी भुगतान के लिए लगभग 725 मिलियन डॉलर भेजे थे। वहीं, Xiaomi ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। दावा किया है कि उसके रॉयल्‍टी पेमेंट वैध और सही थे। इस पूरे मामले के तहत पिछले साल दिसंबर में इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने चीनी मोबाइल कंपनियों Xiaomi, Oppo, OnePlus और कुछ अन्य चीनी फिनटेक फर्मों को सर्च किया था। कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कंपनियों से संबंधित परिसरों की तलाशी ली गई थी। 

ED ने अपनी जांच में पाया है कि Xiaomi ने संबंधित उद्यमों के साथ लेनदेन के प्रकटीकरण के लिए रेगुलेटरी आदेश का पालन नहीं किया था। शाओमी के बहीखातों में विदेशी निधियों को शामिल किया गया है, लेकिन पता चला है कि जिस सोर्स से इस तरह का पैसा मिला, वो डाउटफुल है। कथित तौर पर ऋणदाता की कोई साख नहीं है। यह रकम करोड़ों रुपये की है, जिस पर ब्‍याज खर्च का दावा भी किया गया है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Xiaomi, ED, xiaomi ED case, Court, ED action on xiaomi

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Nothing Phone 4b Launched in India: 6,000mAh बैटरी, Glyph डिजाइन और 256GB तक स्टोरेज के साथ आया फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में बढ़ सकती है Tesla की सेल्स, Model Y L के लिए मजबूत डिमांड
  2. Moto G77 Power कल होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh की बैटरी
  3. Vivo T5 Lite 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  4. क्या और महंगे होंगे मोबाइल-लैपटॉप? Samsung समेत कंपनियां बढ़ाएंगी RAM की कीमत
  5. Motorola Edge 70 Max जल्द होगा भारत में लॉन्च, Snapdragon 8 Gen 5 हो सकता है चिपसेट
  6. Samsung Galaxy A27 5G की भारत में सेल शुरू, लिमिटेड टाइम के लिए ₹3 हजार का डिस्काउंट!
  7. iQOO Z11 Lite का टीजर जारी, जल्द होगा भारत में लॉन्च, जानें सबकुछ
  8. Vivo X300e में मिल सकता है 6.59 इंच डिस्प्ले, 3C पर हुई लिस्टिंग
  9. मोबाइल ऐप से बंद हुए बैटरी रिक्शा, अब Google और Apple को हटानी होंगी ऐसी ऐप्स
  10. ई-रिक्शा के बाद अब ATM हो रहे हैं बंद? मोबाइल ऐप से कंट्रोल करने का वीडियो वायरल
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.