RAM की कमी ने बिगाड़ा खेल! 13 साल में सबसे नीचे स्मार्टफोन सेल्स, Samsung फिर बना नंबर-1 ब्रांड

2026 की दूसरी तिमाही में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट्स 11% गिर गई हैं, जो 2013 के बाद सबसे निचला स्तर है। रिपोर्ट में RAM और NAND मेमोरी की कमी को इसकी बड़ी वजह बताया गया है। इस बीच Samsung ने Apple को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड का स्थान हासिल कर लिया।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 14 जुलाई 2026 12:23 IST
ख़ास बातें
  • 2013 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंची ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट्स
  • RAM और NAND मेमोरी की कमी से स्मार्टफोन इंडस्ट्री पर बढ़ा दबाव
  • Samsung ने Apple को पीछे छोड़कर फिर हासिल किया नंबर-1 स्थान

मेमोरी संकट के बीच 2026 में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट्स में बड़ी गिरावट दर्ज हुई

दुनियाभर में स्मार्टफोन लगातार महंगे होते जा रहे हैं और इसका असर अब बिक्री पर भी साफ दिखाई देने लगा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट्स में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा 2013 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट में इसकी सबसे बड़ी वजह RAM और NAND मेमोरी की कमी को बताया गया है। हालांकि, इस मुश्किल दौर के बीच Samsung ने एक बार फिर दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है।

Counterpoint Research की रिपोर्ट के अनुसार, Q2 2026 में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट्स 11 प्रतिशत घट गईं। रिपोर्ट का दावा है कि यह 2013 के बाद दूसरी तिमाही का सबसे कमजोर प्रदर्शन है। उस समय बाजार में iPhone 5, Samsung Galaxy S4, Nokia और BlackBerry जैसे ब्रांड्स का दबदबा था, जबकि OnePlus और realme जैसे ब्रांड्स की एंट्री भी नहीं हुई थी।

आखिर क्यों महंगे हो रहे हैं स्मार्टफोन?

रिपोर्ट ने भी RAM और NAND मेमोरी की बढ़ती कमी को दोषी बताया है। मेमोरी बनाने वाली कंपनियां अपनी सप्लाई का बड़ा हिस्सा AI डेटा सेंटर्स की जरूरतों को पूरा करने में लगा रही हैं। इसका असर स्मार्टफोन कंपनियों पर पड़ रहा है, जिन्हें जरूरी कंपोनेंट्स महंगे मिल रहे हैं। यही वजह है कि कई कंपनियां अपने स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हो गई हैं।

कंपनियां कैसे संभाल रही हैं हालात?

रिपोर्ट में बताया गया है कि अलग-अलग कंपनियां इस संकट से निपटने के लिए अलग स्ट्रैटेजी अपना रही हैं। कुछ ब्रांड्स ने सीधे कीमतें बढ़ा दी हैं और कम मुनाफे के साथ काम कर रहे हैं। कुछ कंपनियां पुराने मॉडल्स की बिक्री अवधि बढ़ा रही हैं और डिस्काउंट ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, कुछ कंपनियों ने नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और प्रोडक्शन की रफ्तार भी धीमी कर दी है।

Samsung फिर बना दुनिया का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड

गिरते बाजार के बावजूद Samsung ने Q2 2026 में 24 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड बनने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने Apple को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। Samsung ने टॉप-5 ब्रांड्स में सबसे बेहतर सालाना ग्रोथ भी दर्ज की।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत और मध्य पूर्व जैसे बाजारों में Samsung का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। इसकी वजह बेहतर प्रोडक्ट उपलब्धता, सीमित प्राइस हाइक और समर प्रमोशनल ऑफर्स को माना गया है। खासतौर पर Galaxy S26 सीरीज, जिसमें खास Galaxy S26 Ultra की डिमांड मजबूत रही।

Apple दूसरे स्थान पर, लेकिन कीमतें नहीं बढ़ाईं

हालांकि Apple इस तिमाही में पहला स्थान गंवा बैठा, लेकिन कंपनी की शिपमेंट्स में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, Q2 में Apple की ग्लोबल मार्केट हिस्सेदारी 20 प्रतिशत रही।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि अब तक Apple उन बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों में शामिल है जिसने अपने iPhone की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है, हालांकि कंपनी ने अपने कुछ अन्य प्रोडक्ट्स की कीमत जरूर बढ़ाई है। वहीं iPhone 17 सीरीज सबसे ज्यादा शिप होने वाला स्मार्टफोन मॉडल बनी रही, हालांकि चीन में Apple की शिपमेंट्स में गिरावट दर्ज की गई।

Xiaomi, OPPO और vivo पर ज्यादा असर

Counterpoint की रिपोर्ट के अनुसार, Xiaomi, Oppo और Vivo की शिपमेंट्स में अपेक्षाकृत ज्यादा गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट का कहना है कि इन कंपनियों का बड़ा कारोबार एंट्री लेवल और मिड रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट पर निर्भर है, जहां मेमोरी संकट का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

सिर्फ मेमोरी संकट ही नहीं, ये वजहें भी जिम्मेदार

रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य पूर्व में जारी जियो-पॉलिटिकल तनाव की वजह से तेल और शिपिंग की लागत भी बढ़ी है। इसका असर सप्लाई चेन पर पड़ा है। दूसरी ओर, कई ग्राहक अब नया स्मार्टफोन खरीदने की बजाय पुराने मॉडल्स का इस्तेमाल लंबे समय तक कर रहे हैं या फिर सेकेंड हैंड और रिफर्बिश्ड डिवाइसेज की ओर रुख कर रहे हैं।

2026 और 2027 भी रह सकते हैं चुनौतीपूर्ण

Counterpoint का अनुमान है कि पूरे 2026 में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट्स में करीब 14 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। वहीं RAM और NAND मेमोरी की कमी 2027 तक बनी रहने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में स्मार्टफोन कंपनियां कम मुनाफे वाले मॉडल्स की संख्या घटा सकती हैं, स्टोरेज और कॉन्फिगरेशन में बदलाव कर सकती हैं और पुराने या रिफर्बिश्ड मॉडल्स पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं। वहीं प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में फाइनेंसिंग ऑफर्स, ब्रांड इकोसिस्टम और AI आधारित फीचर्स की वजह से मांग अपेक्षाकृत बेहतर रहने की उम्मीद जताई गई है।

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