Apple को कमी बताई और डेवलपर की हो गई करीब 75 लाख रुपये की कमाई

Apple ने कथित तौर पर भारतीय डेवलपर को $100,000 (लगभग 75.3 लाख) रुपये की राशि दी है। दरअसल, कहा जा रहा है कि इस भारतीय डेवलपर ने ऐप्पल के डिवाइस की ‘Sign in With Apple’ प्रक्रिया में बग ढूंढ निकाला था, इस वजह से ऐप्पल ने उसे 75 लाख रुपये दिए।

Apple को कमी बताई और डेवलपर की हो गई करीब 75 लाख रुपये की कमाई
ख़ास बातें
  • भारतीय डेवलपर ने ढूंढ निकाला Apple में बग
  • ऐप्पल ने माना कि यह कमी मौज़ूद थी
  • आसानी से हैक हो सकता था ऐप्पल यूज़र का अकाउंट
विज्ञापन
Apple ने कथित तौर पर भारतीय डेवलपर को $100,000 (लगभग 75.3 लाख) रुपये की राशि दी है। दरअसल, कहा जा रहा है कि इस भारतीय डेवलपर ने ऐप्पल के डिवाइस की ‘Sign in With Apple' प्रक्रिया में बग ढूंढ निकाला था, इस वजह से ऐप्पल ने उसे करीब 75 लाख रुपये दिए। 27 वर्षीय इस डेवलपर का नाम भावुक जैन है। भावुक ने 'साइन-इन विद ऐप्पल' प्रक्रिया में Zero Day bug ढूंढ निकाला था, जिसके जरिए हैकर्स साइन इन करने वाले ऐप्पल यूज़र्स का अकाउंट एक्सेस कर सकते थे। कंपनी ने इस बग को स्वीकारा, और कहा कि जांच के बाद इसे ठीक कर दिया गया है। हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा कि इस बग का फायदा नहीं उठाया गया है।
 

What is ‘Sign in with Apple'?

जैन ने 30 मई के अपने ब्लॉग पोस्ट में खुलासा किया कि उन्होंने Apple के इस ‘Sign in with Apple' प्रक्रिया में बग अप्रैल में खोज निकाला था। साइन इन विद ऐप्पल फीचर को पिछले साल जून में पेश किया गया था। यह फीचर ऐप्पल अकाउंट होल्डर्स को थर्ड पार्टी ऐप में साइन-इन करने की इज़ाजत देता है, वो भी बिना ईमेल आईडी साझा किए। यह JSON Web Token (JWT) जनरेट करने की प्रक्रिया है, जिसमें थर्ड पार्टी ऐप के द्वारा यूज़र्स की पहचान करने की जानकारी होती है। इस फीचर को यूज़र की प्राइवेसी को बनाए रखने के मकसद से पेश किया गया था, लेकिन जैन के द्वारा ढूंढ निकाला गया ज़ीरो डे बग उनके अकाउंट अटैक की जानकारी देता है।
 

Sign in with Apple bug

जैन के ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, ऐप्पल के साथ साइन-इन करने पर यूज़र्स को अपने ऐप्पल अकाउंट के साथ लॉग-इन करने की जरूरत पड़ती है। यह पहला कदम है। दूसरा कदम में पाया गया था कि JWT से थर्ड पार्टी ऐप में जाने की रिक्वेस्ट क्या उसी यूज़र्स द्वारा की गई है, इसकी भी कोई सटीकता नहीं है।  इस तरह हैकर यूज़र का अकाउंट हैक कर सकता है।

जैन ने बताया कि वह ऐप्पल की किसी भी ईमेल आईडी के जरिए JWT की रिक्वेस्ट भेज सकते हैं और जब इन टोकन के सिग्नेचर को ऐप्पल की पब्लिक की का इस्तेमाल करके वेरिफाई किया जाता है, तो इसे वैलिड दिखाया जाता है। इसका मतलब यह है कि कोई भी हैकर किसी भी ईमेल आईडी के जरिए JWT की रिक्वेस्ट भेज सकता है और किसी का भी अकाउंट एक्सेस कर सकता है। जैन ने बताया कि यह कमी काफी गंभीर है और इसके जरिए हैकर किसी के भी अकाउंट को टेकओवर कर सकता है। इसके जरिए हैकर्स यूज़र्स का पर्सनल डेटा ले सकते हैं, जिसमें लॉग-इन, क्रेडेंशियल्स, पासवर्ड और अकाउंट डिटेल्स जैसी निजी जानकारी शामिल है।

हालांकि, ज्यादातर ऐप्स इस साइन-इन प्रक्रिया को सपोर्ट नहीं करती, लेकिन यह Dropbox, Giphy, Spotify, और Airbnb पर उपलब्ध है।
 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Flipkart Big Billion Days Sale में कितने का मिलेगा iPhone 17? डील का हुआ खुलासा
  2. OnePlus N6 Lite भारत में हुआ लॉन्च, 7,000mAh बैटरी, IP64 रेटिंग, जानें कीमत
  3. Flipkart Big Billion Day Sale सेल पहले Samsung के Galaxy S25 FE 5G पर आया जबरदस्त डिस्काउंट
  4. Lava Virat Curve 5G vs OnePlus N6 vs Poco M8 5G: जानें कौन सा फोन रहेगा बेस्ट?
  5. 10,000mAh बैटरी के साथ आया Oppo A7 Pro Max 5G, इसमें है Snapdragon चिप और 120Hz डिस्प्ले
  6. Realme 16 Pro 5G Harry Potter Edition की सेल शुरू, लिमिटेड टाइम के लिए मिलेगा ₹9 हजार तक कैशबैक
  7. 30 मिनट में 1,000 km का सफर! चीन बना रहा है सुपरसोनिक विमान, जानें क्या है ये टेक्नोलॉजी
  8. ड्राइविंग लाइसेंस में मोबाइल नम्बर घर बैठे करें अपडेट, सबसे आसान तरीका
  9. Flipkart Big Billion Days vs Amazon Great Indian Festival Sale: तारीखों से बेस्ट डील्स तक, जानें एक-एक डिटेल
  10. Vivo Watch 6 स्मार्टवॉच लॉन्च हुई AMOLED डिस्प्ले, 21 दिन बैटरी के साथ, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »