स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स के लिए संशोधित प्रावधान अगले वर्ष अप्रैल से लागू होगा। इसके बाद इस प्रोडक्ट के लिए विशेष स्टैंडर्ड का पालन करना होगा
इसके बाद स्मार्टफोन के प्रोटेक्टर्स के मैन्युफैक्चरर्स और इम्पोर्टर्स को क्वालिटी से जुड़ी शर्तों को पूरा करना होगा
पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन्स से जुड़ी एक्सेसरीज का मार्केट तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इन एक्सेसरीज की क्वालिटी को लेकर कस्टमर्स को समस्या भी होती है। देश में बिकने वाले स्मार्टफोन्स के स्क्रीन प्रोटेक्टर्स के लिए केंद्र सरकार नए रूल्स लाने की तैयारी कर रही है। अगले वर्ष अप्रैल से इन रूल्स को लागू किया जाना है। इसके बाद स्मार्टफोन के प्रोटेक्टर्स के मैन्युफैक्चरर्स और इम्पोर्टर्स को क्वालिटी से जुड़ी शर्तों को पूरा करना होगा। इनमें ग्लास की क्वालिटी, डायमेंशन और स्ट्रेंथ को लेकर शर्तें शामिल होंगी।
सरकार ने अपने कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन रूल्स में शामिल प्रोडक्ट्स की लिस्ट में स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को जोड़ा है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने 21 सितंबर को एक संशोधन के जरिए यह बदलाव किया है। इसके लिए IS 19348:2025 की पहचान तय की गई है। इसका टाइटल 'ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर - स्पेसिफिकेशन' है। स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स के लिए संशोधित प्रावधान अगले वर्ष अप्रैल से लागू होगा। इसके बाद इस प्रोडक्ट के लिए विशेष स्टैंडर्ड का पालन करना होगा।
IS 19348:2025 में ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए विशेष शर्तों को शामिल किया गया है। इनमें ग्लास की क्वालिटी, डायमेंशन और स्ट्रेंथ को लेकर शर्तें शामिल होंगी। इस स्टैंडर्ड में एडहेसिव, एंटी-शैटर फिल्म्स, एंटी-ग्लेयर कोटिंग, ब्लू-लाइट फिल्टरिंग और प्राइवेसी लेयर्स को भी कवर किया गया है। नए रूल्स से मार्केट में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर्स के प्रकारों पर भी असर पड़ सकता है। नए रूल लागू होने के बाद सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को BIS मार्किंग दी जाएगी। इन प्रोडक्ट्स के रजिस्ट्रेशन की डिटेल्स से कस्टमर्स को स्टैंडर्ड के साथ कम्प्लायंस के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
समार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर्स से जुड़े कारोबारों को नई शर्तों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त टेस्टिंग और करने के साथ ही सर्टिफिकेशन की कॉस्ट का भार भी उठाना होगा। इन खर्चों का प्रोडक्ट्स की कॉस्ट पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इस नोटिफिकेशन में इन प्रोडक्ट्स के रिटेल प्राइसेज में बढ़ोतरी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर्स का चीन से बड़ी मात्रा में इम्पोर्ट किया जाता है। इस वजह से इन प्रोडक्ट्स के लिए क्वालिटी के स्टैंडर्ड को लागू करना एक चुनौती हो सकती है।
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