सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद एंड्रॉयड डिवाइस मेकर्स के लिए बड़े बदलाव करेगी Google

पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने गूगल के खिलाफ कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया के फैसले को बरकार रखा था

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 25 जनवरी 2023 21:52 IST
ख़ास बातें
  • गूगल ने यूजर्स को डिफॉल्ट इंजन चुनने का विकल्प देने की घोषणा की है
  • कंपनी के लिए भारत एक बड़ा मार्केट है
  • CCI ने पिछले वर्ष अक्टूबर में लगभग 16.1 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था

देश में 60 करोड़ स्मार्टफोन्स में से लगभग 97 प्रतिशत एंड्रॉयड पर चलते हैं

ग्लोबल टेक कंपनी Google ने बुधवार को बताया कि वह भारत में डिवाइस मेकर्स को उसकी ऐप्स के प्री-इंस्टॉलेशन के लिए लाइसेंस की अनुमति देगी। इसके साथ ही गूगल ने यूजर्स को उनका डिफॉल्ट इंजन चुनने का विकल्प देने की भी घोषणा की है। ये गूगल के  Android सिस्टम के ऑपरेट करने के तरीके में बड़े बदलाव हैं। 

पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने गूगल के खिलाफ कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के फैसले को बरकार रखा था। इस फैसले में कहा गया था कि कंपनी ने मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया है। CCI ने कंपनी को देश में अपने एंड्रॉयड सिस्टम की मार्केटिंग के तरीके में बदलाव करने को भी कहा था। गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया, "पूरे इकोसिस्टम में इन बदलावों को लागू करना एक जटिल प्रक्रिया है और इसके लिए हमारे साथ ही कई मामलों में पार्टनर्स, ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) और डिवेलपर्स को भी बड़ा योगदान देना होगा।" 

CCI के इस फैसले को लेकर गूगल ने चिंता जताई थी क्योंकि यह यूरोपियन कमीशन की ओर से चार वर्ष पहले एंड्रॉयड के खिलाफ दिए गए फैसले से ज्यादा सख्त है। देश में 60 करोड़ स्मार्टफोन्स में से लगभग 97 प्रतिशत एंड्रॉयड पर चलते हैं। यूरोप में लगभग 55 करोड़ स्मार्टफोन्स के लिए यह आंकड़ा लगभग 75 प्रतिशत का है। CCI ने गूगल को चलाने वाली अमेरिकी कंपनी Alphabet Inc पर एंड्रॉयड के मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए पिछले वर्ष अक्टूबर में लगभग 16.1 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था। 

कंपनी ने इसके खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में अपील की थी। NCLAT ने इस पेनल्टी पर अंतरिम रोक लगाने से मना कर दिया था। इसके बाद गूगल ने NCLAT के ऑर्डर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पेनल्टी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को NCLAT के ऑर्डर के तहत पेनल्टी की 10 प्रतिशत रकम जमा करने के लिए कहा था। CCI की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल N Venkataraman ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि गूगल ने भारत और यूरोप में अलग स्टैंडर्ड रखे हैं। उन्होंने कहा था कि कंपनी ने यूरोपियन कमीशन की ओर से पास किए गए समान ऑर्डर का पालन किया है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Honor Magic 9 सीरीज कल होगी लॉन्च, 200MP कैमरा, 11,000mAh बैटरी के साथ फुल फीचर्स लीक
  2. Samsung मोबाइल बॉक्स में नहीं मिलता था चार्जर, अब USB केबल भी गायब!
  3. Motorola Signature Flipkart सेल में ₹3 हजार सस्ता खरीदें, 50MP तीन कैमरा वाला फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. प्रीपेड टेलीकॉम यूजर्स को फायदा, सरकार ने बनाया 30 दिन के रिचार्ज का रूल
  2. Flipkart Big Billion Days 2026 सेल में ₹20 हजार तक सस्ते हुए iPhone 17, iPhone 15 मॉडल!
  3. Vivo X Fold 6 जल्द होगा भारत और इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च
  4. Honor Magic 9 सीरीज कल होगी लॉन्च, 200MP कैमरा, 11,000mAh बैटरी के साथ फुल फीचर्स लीक
  5. IND vs WI Live: भारत-वेस्ट इंडीज पहला वनडे मैच कुछ ही देर में LIVE, यहां देखें फ्री!
  6. Samsung मोबाइल बॉक्स में नहीं मिलता था चार्जर, अब USB केबल भी गायब!
  7. ChatGPT अब वॉइस कमांड से ही पढ़ेगा आपके ईमेल, जवाब भी भेजेगा, लेकिन ...
  8. Motorola Signature Flipkart सेल में ₹3 हजार सस्ता खरीदें, 50MP तीन कैमरा वाला फोन
  9. Audi A6 e-Tron ने बनाया रिकॉर्ड, सिंगल चार्ज में 1,338 किलोमीटर की ड्राइव
  10. iQOO Pad Ultra में 9020mAh बैटरी कंफर्म, प्री-ऑर्डर भी शुरू
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.