Apple की iPhone हैक होने पर यूजर को नोटिफिकेशन भेजने की तैयारी

Apple का दावा है कि NSO Group ने iPhone को हैक करने वाला स्पाइवेयर Pegasus बेचकर अमेरिकी कानून का उल्लंघन किया है

Apple की iPhone हैक होने पर यूजर को नोटिफिकेशन भेजने की तैयारी

कंपनी ने बताया कि सरकार की ओर से प्रायोजित हैकिंग बहुत जटिल होती है

ख़ास बातें
  • इसके अलावा यूजर के Apple ID में साइन इन करने पर थ्रेट नोटिफिकेशन दिखेगा
  • अमेरिकी सरकार ने NSO Group की एक्टिविटीज पर लगाम लगाई है
  • सऊदी अरब और UAE की सरकार पर भी इस स्पाइवेयर का इस्तेमाल करने का शक है
विज्ञापन
दुनिया की टॉप स्मार्टफोन कंपनियों में शामिल Apple का कहना है कि वह उन यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजेगी जिनके iPhone और डिवाइसेज किसी देश की सरकार की ओर से की गई हैकिंग की कोशिश से हैक हुए हैं। Apple ने पिछले  सप्ताह इजरायली कंपनी NSO Group के खिलाफ कानूनी मामला दायर किया था। Apple का दावा है  कि NSO Group ने iPhone को हैक करने वाला स्पाइवेयर Pegasus बेचकर अमेरिकी कानून का उल्लंघन किया है।

किसी यूजर के iPhone या कंपनी के किसी अन्य डिवाइस के हैकिंग का शिकार होने का पता चलने पर Apple एक iMessage और फाइल पर मौजूद ईमेल एड्रेस पर मेल भेजेगी। इसके अलावा यूजर के Apple ID में साइन इन करने पर थ्रेट नोटिफिकेशन दिखेगा। Apple ने एक सपोर्ट डॉक्यूमेंट में बताया है, "यूजर्स कौन है और क्या करता है, इस कारण से उसे निशाना बनाया जाता है। सामान्य सायबर अपराधियों के विपरीत सरकार की ओर से प्रायोजित हैकिंग में अटैक के लिए अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की हैकिंग का पता लगाना मुश्किल होता है।"

कंपनी ने बताया कि सरकार की ओर से प्रायोजित हैकिंग बहुत जटिल होती है और इसके लिए लाखों डॉलर खर्च किए जाते हैं।  Apple ने NSO Group के खिलाफ कानूनी मामला दायर करने के बाद यह घोषणा की है। NSO Group का कहना है कि उसकी हैकिंग की टेक्नोलॉजी केवल वैध सरकारों को अपराधियों की निगरानी करने और कानून लागू करने जैसे उद्देश्यों के लिए बेची जाती है।

लगभग चार वर्ष पहले आई एक रिपोर्ट में Pegasus का इस्तेमाल प्रमुख पत्रकारों, वकीलों, एंटी करप्शन एक्टिविस्ट्स और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए करने की जानकारी मिली थी। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों पर भी इस स्पाइवेयर का इस्तेमाल करने का शक है।

अमेरिकी सरकार ने NSO Group की एक्टिविटीज पर लगाम लगाई है। भारत में भी हाल ही में आई एक रिपोर्ट में Pegasus के इस्तेमाल से कुछ पत्रकारों और मंत्रियों और एक्टिविस्ट्स के फोन को हैक करने का आरोप गया था। हालांकि, इस मुद्दे पर संसद में विपक्षी दलों ने हंगामा भी किया था। सरकार से यह पूछा गया था कि उसने इजरायली कंपनी से यह स्पाइवेयर खरीदा है या नहीं। सरकार ने इसे लेकर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया था।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Apple, Hacking, Notification, Government
आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Honor X80i में मिल सकती है 6,800mAh की बैटरी, TENAA पर हुई लिस्टिंग
  2. Poco C85x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, डुअल रियर कैमरा यूनिट
  3. कौन सा ऐप खा रहा है फोन की बैटरी? जल्द खुद बताएगा Google
  4. Poco X8 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9500s चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  5. Google Pixel 10a की भारत में शुरू हुई बिक्री, 5,100mAh की बैटरी, जानें प्राइस, ऑफर्स
  6. itel ने भारत में लॉन्च किया Zeno 100 स्मार्टफोन, Rs 7 हजार में 5000mAh बैटरी और 90Hz डिस्प्ले
  7. Realme C83 5G भारत में लॉन्च: बजट में 7000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स
  8. Samsung ने बढ़ाए कई स्मार्टफोन के दाम, 3,000 रुपये तक महंगे हुए ये मॉडल्स!
  9. Motorola Edge 70 Fusion भारत में लॉन्च: इसमें हैं 7,000mAh बैटरी और गेमर्स के लिए 120 fps गेमिंग जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  10. Rs 2 हजार सस्ता मिल रहा है Nothing Phone 3a, इसके बैक पैनल की टिमटिमाती लाइटें हैं खास
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »