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वेनेजुएला भूकंप से पहले Google ने भेजा था अलर्ट! क्या आपके फोन में ऑन है ये फीचर?

वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद Google का Android Earthquake Alerts System फिर चर्चा में है। जानिए यह सिस्टम भूकंप के झटके महसूस होने से पहले यूजर्स को अलर्ट कैसे भेज देता है।

वेनेजुएला भूकंप से पहले Google ने भेजा था अलर्ट! क्या आपके फोन में ऑन है ये फीचर?

Photo Credit: Google

भूकंप से पहले Android फोन पर आया Google Earthquake Alert

ख़ास बातें
  • Android फोन के सेंसर से भूकंप का पता लगाता है Google
  • झटकों से पहले यूजर्स को भेज सकता है Earthquake Alert
  • भारत में 2023 से उपलब्ध है यह फीचर
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Google का Android Earthquake Alerts System एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया कि 24 जून को वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले ही उनके Android फोन पर Google का अलर्ट आ गया था। X पर कई स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए गए हैं, जिनमें भूकंप से पहले भेजे गए नोटिफिकेशन दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर Google को भूकंप आने का पता पहले कैसे चल जाता है।

24 जून को वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद X पर कई यूजर्स ने अपने फोन के स्क्रीनशॉट शेयर किए। एक यूजर ने बताया कि उसके फोन पर शाम 6:04 बजे Google Play Services की तरफ से Earthquake Alert आया था। वहीं एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि आखिर Google को झटके महसूस होने से पहले भूकंप की जानकारी कैसे मिल जाती है। इन पोस्ट्स के बाद Android Earthquake Alerts System फिर से चर्चा में आ गया।

दरअसल, Google पारंपरिक भूकंप सेंटर की तरह जमीन में सेंसर नहीं लगाता। इसकी जगह कंपनी Android स्मार्टफोन्स में मौजूद Accelerometer Sensor का इस्तेमाल करती है। यही सेंसर आमतौर पर फोन की स्क्रीन को ऑटो-रोटेट करने का काम करता है, लेकिन यह जमीन में होने वाले हल्के कंपन को भी पहचान सकता है।

कैसे काम करता है Google Earthquake Alert सिस्टम?

जब किसी इलाके में कई Android फोन एक जैसे कंपन महसूस करते हैं, तो वे बैकग्राउंड में Google के सर्वर को सिग्नल भेजते हैं। इसके बाद Google उन सिग्नल्स का विश्लेषण करता है। अगर बड़ी संख्या में फोन से एक जैसी जानकारी मिलती है, तो सिस्टम समझ जाता है कि यह भूकंप हो सकता है। इसके बाद प्रभावित इलाके के यूजर्स को तुरंत Earthquake Alert भेज दिया जाता है।

भूकंप का अलर्ट पहले मिलने की वजह P-Waves और S-Waves हैं। भूकंप आने पर सबसे पहले P-Waves निकलती हैं, जो तेज रफ्तार से चलती हैं लेकिन आमतौर पर ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचातीं। इसके बाद S-Waves पहुंचती हैं, जो धीमी होती हैं लेकिन सबसे ज्यादा तबाही मचाती हैं। Android फोन P-Waves से पैदा हुए शुरुआती कंपन को पहचान सकते हैं। चूंकि फोन से Google सर्वर तक डेटा इंटरनेट के जरिए लगभग तुरंत पहुंच जाता है, इसलिए सिस्टम के पास S-Waves के पहुंचने से पहले कुछ सेकंड का समय होता है। इसी दौरान प्रभावित यूजर्स को चेतावनी भेजी जा सकती है।

क्या भारत में भी उपलब्ध है ये फीचर?

Google के मुताबिक, Android Earthquake Alerts System दुनिया भर में करोड़ों Android डिवाइसेज के नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे बड़े डिस्ट्रिब्यूटेड भूकंप डिटेक्शन नेटवर्क्स में से एक माना जाता है। भारत में भी यह फीचर 2023 से उपलब्ध है और Android 5 या उससे ऊपर के वर्जन पर चलने वाले फोन में काम करता है। हालांकि, इसके लिए फोन में इंटरनेट कनेक्शन और लोकेशन जैसी जरूरी सेटिंग्स चालू होना जरूरी है।

कैसे एक्टिवेट करे Google का भूकंप अलर्ट फीचर

अगर आपके Android फोन में यह फीचर एक्टिव है, तो भूकंप के खतरे की स्थिति में आपको दो तरह के अलर्ट मिल सकते हैं। हल्के झटकों के लिए Be Aware Alert भेजा जाता है, जबकि ज्यादा तीव्र भूकंप की स्थिति में Take Action Alert दिखाई देता है। इन अलर्ट्स के साथ सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाती है, ताकि यूजर समय रहते सुरक्षित जगह पहुंच सके।

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नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
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